विज्ञापन

क्या है थैलेसीमिया? क्यों है इसकी समय पर पहचान जरूरी, जानें लक्षण, प्रकार और बचाव

International Thalassaemia Day: थैलेसीमिया एक आनुवंशिक (जेनेटिक) रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त या सामान्य हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता है. यह माता-पिता से बच्चों में आता है.

क्या है थैलेसीमिया? क्यों है इसकी समय पर पहचान जरूरी, जानें लक्षण, प्रकार और बचाव
International Thalassaemia Day: थैलेसीमिया क्या है.

International Thalassaemia Day: बार-बार थकान महसूस होना, कमजोरी आना और शरीर में खून की कमी जैसे लक्षण कई बार गंभीर ब्लड संबंधित बीमारी का संकेत हो सकते हैं. इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. ब्लड संबंधित आनुवंशिक विकार थैलेसीमिया की समय पर पहचान और जागरूकता बेहद जरूरी है. हर साल 8 मई को विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है.  

इस दिन थैलेसीमिया रोग के बारे में जागरूकता फैलाने, मरीजों को सहयोग देने और उनके दैनिक संघर्षों को सम्मान देने का प्रयास किया जाता है. नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता. इससे व्यक्ति को लगातार खून की कमी, थकान और कमजोरी का सामना करना पड़ता है.

थैलेसीमिया के प्रकार-

थैलेसीमिया मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है- थैलेसीमिया माइनर जिसमें व्यक्ति रोग का वाहक होता है, लेकिन आमतौर पर सामान्य जीवन जी सकता है. अक्सर इसके लक्षण हल्के होते हैं या दिखाई नहीं देते. वहीं, थैलेसीमिया मेजर रोग का गंभीर रूप है. इसमें मरीज को बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है. नियमित चिकित्सकीय देखभाल, दवाओं और विशेष उपचार के बिना जीवन मुश्किल हो जाता है.

विश्व थैलेसीमिया दिवस का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शादी से पहले थैलेसीमिया जांच कराने के लिए प्रेरित करना है. अगर दोनों पार्टनर थैलेसीमिया माइनर के वाहक हैं तो उनके बच्चे को थैलेसीमिया मेजर होने की संभावना बढ़ जाती है. समय पर जांच से इस समस्या को रोका जा सकता है.

Latest and Breaking News on NDTV

थैलेसीमिया के लक्षण-

ऐसे में एक्सपर्ट अपील करते हैं कि थकान, कमजोरी, पीली त्वचा, भूख न लगना या बार-बार बीमार पड़ना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं. समय पर सही जानकारी और जागरूकता से थैलेसीमिया के प्रभावों और जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

थैलेसीमिया मेजर के मरीजों को नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है, इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना भी इस दिवस का महत्वपूर्ण उद्देश्य है. एक यूनिट रक्त कई मरीजों की जिंदगी बचाने में मदद कर सकता है. जागरूकता ही समाधान है.

थैलेसीमिया पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता, लेकिन सही समय पर पहचान, नियमित उपचार और उचित देखभाल से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि परिवारों को खासकर शादी योग्य उम्र के युवाओं को इस बीमारी के बारे में जानकारी होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें- रात 3 बजे क्यों खुल जाती है अचानक नींद? शरीर दे रहा ये वार्निंग सिग्नल

Gurudev Sri Sri Ravi Shankar on NDTV: Stress, Anxiety, से लेकर Relationship, Spirituality तक हर बात

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com