- हर साल 31 मई को मनाया जाता है वर्ल्ड नो टोबैको डे.
- इस बार वर्ल्ड नो टोबैको डे की थीम युवाओं पर आधारित है.
- यहां जानें वर्ल्ड नो टोबैको डे के बारे में सब कुछ.
World No Tobacco Day 2020: तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. ये लाइन आपको कहीं न कहीं लिखी मिल जाएगी, लेकिन इसका पालन शायद कोई नहीं करता. हर साल 31 मई को नो टोबैको डे यानि विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) मनाया जाता है. इन दिन को मनाने के लिए वर्ल्ड नो टोबैको डे की थीम (World No Tobacco Day Theme) भी रखी जाती है. इस साल यानि 2020 में वर्ल्ड नो टोबैको डे की थीम (World No Tobacco Day 2020 Theme) युवाओं पर रखी गई है. विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने का एक बड़ा उद्देश्य है. इस दिन तंबाकू या इसके उत्पादों के उपभोग पर रोक लगाने या इस्तेमाल को कम करने के लिए लोगों को जागरुक किया जाता है. ताकि धूम्रापान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जैसी लाइनें सिर्फ सुनने या पढ़ने तक ही सीमित न रह जाएं.
वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाने का मुख्य उद्देश्य (Purpose Of Celebrating World No Tobacco Day) लोगों को तंबाकू से होने वाले स्वस्थ्य नुकसान के विषय में सचेत करना है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक तंबाकू की वजह से दुनिया भर में हर साल 8 मिलियन लोगों की मौतें होती हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यानि WHO के द्वारा नो टोबैको डे की शुरुआत की गई थी. इसका उद्देश्य लोगों को तंबाकू के स्वास्थ्य पर होने वाले खतरे और साइड इफेक्ट को लेकर जागरुक करना था और उन्हें इस चीज के इस्तेमाल से दूर करना था. वर्ल्ड नो टोबैको डे का महत्व (World No Tobacco Day Significance) इसी बात से लगाया जा सकता है तंबाकू की वजह से कितने लोगों की सालभर में मौत हो जाती है. तंबाकू के इस्तेमाल से कैंसर, दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी, दांतों की बीमारी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं.
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वर्ल्ड नो टोबैको डे की थीम | World No Tobacco Day 2020 Theme
इस बार साल 2020 की थीम है- "युवाओं को इंडस्ट्री के हथकंडे से बचाना और उन्हें तंबाकू और निकोटिन के सेवन से रोकना है" इस साल हेल्थ सेफ्टी को प्रोत्साहन देना और तंबाकू के सेवन ना करने को लेकर जागरुकता फैलाने पर इस बार जोर दिया जा रहा है. डब्ल्यूएचओ युवाओं को तम्बाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों को समझने के लिए विभिन्न माध्यमों की कोशिश कर रहा है. इसमें युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए तम्बाकू उद्योग विभिन्न तरीकों का उपयोग कैसे करते हैं ये भी शामिल है. धूम्रपान करने वालों में से अधिकांश लोग इस आदत की शुरुआत करते हैं जब वे किशोर होते हैं, इसलिए उन्हें धूम्रपान और वाष्प से दूर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है.
World No Tobacco Day 2020: विश्व तंबाकू निषेध दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को जागरुक करना हैपहली बार कब मनाया गया वर्ल्ड नो टोबैको डे | When Was World No Tobacco Day Celebrated First Time
साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तंबाकू के सेवन से होने वाले रोगों की वजह से मृत्युदर में वृद्धि को देखते हुए इसे एक महामारी माना. इसके बाद पहली बार 7 अप्रैल 1988 को WHO की वर्षगांठ पर मनाया गया और जिसके बाद हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाने लगा.
वर्ल्ड नो टोबैको डे का महत्व | Significance Of World No Tobacco Day
तंबाकू एक प्रकार की फसल होता है जिसकी खेती की जाती है. दुनियाभर की कई जगहों पर इसकी कृषि की जाती है. इसका मानव शरीर पर काफी नुकसान पड़ता है. इसके पत्तों पर उच्च मात्रा में नशीला पदार्थ पाया जाता है. इसके सेवन से मानव स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ता है. स्वास्थ्य पर तंबाकू के बुरे प्रभावों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए इस दिन कई अभियान, कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस दुनिया भर में धूम्रपान करने के प्रभाव, तंबाकू चबाने और इससे उत्पन्न हुई बीमारियां जैसे कि कैंसर, दिल की बीमारियों के बारे में जागरुक करना ही इस दिन को मनाने का महत्व क्या है.
तंबाकू का सेवन करने से होने वाली बीमारियां | Diseases Caused By Tobacco Consumption
1. फेफड़ों की बीमारी
क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और एम्फीसेमा ऐसी बढ़ने वाली बीमारियाँ हैं जो धूम्रपान करने वालों को होती हैं. ये बीमारियाँ कभी ठीक नहीं होती। इनकी वजह से साँस लेना दुश्वार होता चला जाता है. फेफड़ों में रुकावट के कारण साँस लेना भी मुश्किल हो जाता है.

2. कोरोनरी हार्ट डिसीज
धूम्रपान करने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है साथ ही उच्च रक्तचाप की समस्या भी खड़ी हो जाती है. धूम्रपान करने वालों को दिल के दौरे का जोखिम दूसरों की तुलना में तीन गुना अधिक होता है.
3. फेफड़े का कैंसर
दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे बड़ा आँकड़ा फेफड़े के कैंसर का है. इसमें 80 प्रतिशत मौतें धूम्रपान की वजह से होती हैं. जैसे-जैसे प्रतिदिन सिगरेट पीने का आँकड़ा बढ़ता जाता है वैसे-वैसे फेफड़े का कैंसर होने की आशंका बढ़ती जाती है.
इसके तंबाकू से अलावा होते हैं ये रोग
1. फेफड़ों और मुंह का कैंसर
2. फेंफड़ों का खराब होना.
3. दिल के रोग
4. आंखें कमजोर होना.
5. मुंह से बदबू आना.
तंबाकू छोड़ने के फायदे | Benefits Of Quitting Tobacco
तंबाकू छोड़ने के 12 घंटे बाद खून में कार्बन मॉनोऑक्साइज का लेवल घटना शुरू हो जाता है. 2 से 12 हफ्तों में खून के प्रवाह और फेफड़ों की क्षमता बढ़ जाती है. इसे छोड़ने से मुंह, गले, फेफड़ों के कैसर का खतरा कम होता है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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