World Brain Tumour Day 2026: सिर में दर्द होना एक आम बात है. तनाव, नींद की कमी या लंबे समय तक स्क्रीन देखने की वजह से भी सिर में दर्द हो सकता है. लेकिन अगर सिरदर्द लगातार बना रहे, पहले से ज्यादा तेज होने लगे या इसके साथ कुछ और असामान्य लक्षण भी दिखने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकता है. हर साल 8 जून को विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को इस गंभीर बीमारी के बारे में जागरूक करना है. आइए ब्रेन ट्यूमर के लक्षण कारण और इलाज क बारे में जानते हैं मैक्स हैल्थ केयर के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. सचिन बिंदल से.
ब्रेन ट्यूमर कैसे होता है? (Cause Of Brain Tumour)
ब्रेन ट्यूमर तब होता है जब मस्तिष्क में कुछ कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं. यह ट्यूमर कैंसरयुक्त भी हो सकता है और गैर-कैंसरयुक्त भी. हालांकि दोनों ही स्थितियों में यह दिमाग के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान होने पर इलाज के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ कैंसर रजिस्ट्री (आईएआरसी) ने हर साल भारत में ब्रेन ट्यूमर के 28,000 से ज्यादा मामलों की रिपोर्ट की है. हर साल 24,000 से ज्यादा लोग ब्रेन ट्यूमर के कारण मरते हैं.
ऑक्सफोर्ड अकादमिक न्यूरो-ऑन्कोलॉजी में छपे एक आर्टिकल के अनुसार, अमेरिका में 2025 के दौरान Brain और CNS Tumours के 1.07 लाख नए मामले सामने आने का अनुमान है.
ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेत क्या हैं? (Symptoms of Brain Tumour)
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं. लगातार सिरदर्द इसके सबसे सामान्य संकेतों में से एक माना जाता है. ब्रेन ट्यूमर के ये सब हैं शुरुआती संकेत या लक्षण-
- लगातार या बार-बार होने वाला सिरदर्द
- सुबह के समय सिरदर्द का ज्यादा होना
- अचानक दौरे (Seizures) पड़ना
- धुंधला दिखना या डबल विजन होना
- सुनने की क्षमता में बदलाव
- संतुलन बनाने में कठिनाई या चक्कर आना
- बार-बार मतली या उल्टी होना
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन
- हाथ-पैरों की गतिविधियों पर नियंत्रण कम होना
- बोलने में परेशानी या शब्द भूलना
- याददाश्त कमजोर होना
- ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत
- सोचने-समझने की क्षमता में बदलाव
- व्यवहार या व्यक्तित्व में अचानक परिवर्तन
- मूड स्विंग्स या चिड़चिड़ापन बढ़ना
- अत्यधिक थकान महसूस होना
कैसे होती है जांच? (Tests For Brain Tumour)
अगर डॉक्टर को ब्रेन ट्यूमर की आशंका होती है तो MRI और CT Scan जैसी जांचों की मदद ली जाती है. इन जांचों से मस्तिष्क के अंदर की स्पष्ट तस्वीर मिलती है. कई बार ट्यूमर की प्रकृति जानने के लिए बायोप्सी (Biopsy) भी की जाती है.
क्या है इलाज? (Cure For Brain Tumour)
इलाज ट्यूमर के प्रकार, आकार और उसकी स्थिति पर निर्भर करता है. सर्जरी (Surgery), रेडियोथेरेपी (Radipotherapy) और कीमोथेरेपी (Chemotherapy) सबसे आम उपचार के ऑप्शन्स हैं. इसके अलावा आजकल टार्गेटेड थेरेपी (Targeted Therapy) और इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy) जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कुछ मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं.
क्यों जरूरी है जागरूकता?
ब्रेन ट्यूमर अपेक्षाकृत दुर्लभ बीमारी है, लेकिन इसके लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है. अगर आपको लंबे समय से सिरदर्द, बार-बार चक्कर आना या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देर न करें.
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