Causes of runny nose while weeping : आपने अक्सर देखा होगा कि जब कोई बच्चा रोता है या कभी-कभी बड़े भी जब बहुत जोर से रोते हैं, तो उनकी आंख से आंसू तो निकलते ही हैं, साथ ही नाक भी बहने लगती है. यह देखकर कभी-कभी लोग सोचते हैं कि रोने से सर्दी कैसे हो गई? लेकिन असल में, यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि हमारे शरीर का एक बहुत ही शानदार और नैचुलर सिस्टम है, जिसे समझना बेहद आसान है. तो चलिए, जानते हैं कि आंसू और नाक का यह अजीब सा कनेक्शन आखिर है क्या.
आंख से आंसू और नाक बहने के बीच क्या है संबंध
हमारी आंखें लगातार आंसू बनाती रहती हैं. ये आंसू सिर्फ रोने पर नहीं आते, बल्कि इनका मुख्य काम आंख को हमेशा गीला रखना और उसे धूल-मिट्टी से बचाना होता है. अब सवाल यह है कि ये आंसू आखिर जाते कहां हैं?
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हमारी आंख में एक खास तरह की नली होती है, जिसे 'आंसू नली' या विज्ञान की भाषा में ‘नैसोलेक्रिमल डक्ट' कहते हैं. यह नली आंख के कोने से शुरू होकर सीधे हमारी नाक के अंदरूनी हिस्से से जुड़ी होती है. इस नली का काम होता है, आंख के फालतू आंसू को चुपचाप वहां से हटाकर नाक में पहुंचा देना. जब हम पलकें झपकाते हैं, तो यह नली एक तरह से पंप की तरह काम करती है और लगातार आंसू को बहाती रहती है.
जब हो जाता है ओवरफ्लो
आम दिनों में, जब आंसू सामान्य होते हैं, तो यह नली उन्हें आराम से नाक तक बहा देती है और हमें पता भी नहीं चलता. लेकिन जब आप बहुत तेजी से और जोर से रोते हैं, तो आंखें एक साथ बहुत सारे आंसू बनाने लगती हैं. यह आंखों के लिए एक तरह से 'ओवरलोड' हो जाता है.
इतने सारे आंसू को आंसू नली इतनी तेजी से बाहर निकाल नहीं पाती, क्योंकि उसकी क्षमता सीमित होती है. नतीजतन, ये अतिरिक्त आंसू नली के रास्ते नाक के अंदर बाढ़ की तरह फैल जाते हैं.
नाक के अंदर पहले से ही थोड़ा पानी और बलगम (mucus) होता है. जब आंसू इसमें मिलते हैं, तो यह मिश्रण पतला हो जाता है और नाक से बाहर बहने लगता है, जिसे हम 'नाक बहना' कहते हैं.
तो अगली बार जब कोई रोए और उसकी नाक बहे, तो समझ जाइए कि यह सर्दी नहीं, बल्कि आंसू की 'ओवरफ्लो' समस्या है. यह हमारे शरीर की डिजाइन की एक मजेदार बात है, जो बताती है कि आंख और नाक कितनी मजबूती से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.
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