When Exam Stress Becomes Dangerous: हर छात्र को बचपन से यही सिखाया जाता है कि परीक्षा जीवन का इंपोर्टेंट पड़ाव है. अच्छे नंबर बेहतर कॉलेज दिलाते हैं, बेहतर कॉलेज अच्छे करियर का रास्ता खोलते हैं. इसलिए परीक्षा को जीवन की कसौटी माना जाता है. लेकिन, इसी सोच के साथ एक और सच्चाई जुड़ी है, एग्जाम स्ट्रेस (Exam Stress). आज के समय में परीक्षा का दबाव केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डालने लगा है. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंडियन साइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लगभग 70% छात्रों ने परीक्षा की तैयारी के दौरान मीडियम से हाई लेवल के तनाव की शिकायत की. यह तनाव एकाग्रता में कमी और नींद की समस्याओं से जुड़ा पाया गया. ध्यान देने वाली बात यह है कि तनाव जीवन का हिस्सा है. नौकरी, परिवार और जिम्मेदारियों में भी दबाव होता है. लेकिन, जब यह तनाव जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए और रोजमर्रा की कार्यक्षमता को प्रभावित करने लगे, तो इसे गंभीरता से लेना जरूरी हो जाता है.
एग्जाम स्ट्रेस के सामान्य लक्षण | Common Symptoms of Exam Stress
बार-बार सिरदर्द
नींद न आना
चिड़चिड़ापन
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
बेचैनी और घबराहट
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो यह संकेत है कि आपको स्ट्रेस मैनेज करने की जरूरत है.

6 तरीके जिनसे एग्जाम स्ट्रेस बन सकता है सेहत के लिए खतरा
1. नींद की समस्या
परीक्षा के समय दिमाग में लगातार विचार चलते रहते हैं. इससे कॉर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन बढ़ जाता है, जो नींद के चक्र को प्रभावित करता है. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंडियन साइकोलॉजी के अनुसार, ज्यादा तनाव अनिद्रा (Insomnia) का कारण बन सकता है.
क्या करें?
- रोज एक ही समय पर सोएं और जागें
- देर रात तक पढ़ाई कम करें
- सोने से पहले रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं
2. मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं
लगातार तनाव चिंता (एंजायटी), अवसाद (डिप्रेशन) और बर्नआउट का कारण बन सकता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (2024) के अनुसार, 10 से 19 वर्ष के हर 7 में से 1 बच्चे को किसी न किसी मानसिक विकार का अनुभव हुआ है.
बचाव कैसे करें?
- पढ़ाई का व्यवस्थित टाइमटेबल बनाएं.
- रेगुलर एक्सरसाइज और बैलेंस डाइट लें.
- खुद को सकारात्मक संदेश दें.
- जरूरत पड़े तो काउंसलर से मिलें.
3. फिजिकल हेल्थ पर असर
तनाव शरीर की इम्यूनिटी (Immunity) को कमजोर कर सकता है. पसीना आना, दिल की धड़कन तेज होना, मांसपेशियों में खिंचाव ये सब तनाव के संकेत हैं.
समाधान:
- पौष्टिक भोजन लें
- पर्याप्त पानी पिएं
- छोटे-छोटे ब्रेक लें
- प्रकृति में समय बिताएं
4. पढ़ाई में गिरावट
जब दिमाग पर ज्यादा दबाव होता है, तो याददाश्त और निर्णय क्षमता प्रभावित होती है. कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन वर्किंग मेमोरी को कमजोर कर सकते हैं.
सुधार के उपाय:
- प्रगति को ट्रैक करें
- रोज थोड़ा-थोड़ा दोहराव करें
- पढ़ाई और आराम का संतुलन बनाएं.

5. सामाजिक दूरी
कुछ छात्र परीक्षा के समय खुद को परिवार और दोस्तों से अलग कर लेते हैं. लेकिन शोध बताते हैं कि जिन छात्रों के मजबूत सामाजिक संबंध होते हैं, उनमें तनाव कम होता है.
क्या करें?
- दोस्तों से रेगुलर बातचीत करें
- अपनी भावनाएं साझा करें
- समूह अध्ययन (Group Study) का सहारा लें
6. जोखिम भरे व्यवहार
कुछ छात्र तनाव से बचने के लिए गलत आदतें अपना लेते हैं, जैसे अत्यधिक कैफीन लेना, दवाइयों का गलत उपयोग या पढ़ाई से पूरी तरह बचना. न्यूरोसाइंसेज के इतिहास के अनुसार, परीक्षा से जुड़ी चिंता जोखिम भरे व्यवहार को बढ़ा सकती है. गंभीर मामलों में आत्मघाती विचार भी आ सकते हैं. यदि ऐसा हो, तो तुरंत हेल्पलाइन या डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
तनाव दुश्मन नहीं, संकेत है
एग्जाम स्ट्रेस पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह जीवन का हिस्सा है. लेकिन इसे संभाला जरूर जा सकता है. बैलेंस रूटीन, सकारात्मक सोच, टाइम मैनेजमेंट और जरूरत पड़ने पर मदद लेना. ये सभी कदम आपको न सिर्फ अच्छे अंक दिला सकते हैं, बल्कि आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत भी सुरक्षित रख सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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