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बिना दवा के गायब होगी टेंशन, बस अपनाएं Bibliotherapy जानें किताबों से इलाज का ये अनोखा तरीका

जब आपको लगे कि टेंशन बढ़ रही है, तो किसी दवा की दुकान पर जाने के बजाय अपनी अलमारी से एक अच्छी किताब निकालें. यकीन मानिए, पन्ने पलटते ही आपकी आधी परेशानी छूमंतर हो जाएगी.

बिना दवा के गायब होगी टेंशन, बस अपनाएं Bibliotherapy जानें किताबों से इलाज का ये अनोखा तरीका
How to reduce anxiety naturally : बिब्लियोथेरेपी कोई नई चीज नहीं है, बल्कि सदियों पुरानी कला है.

What is Bibliotherapy: ऑफिस का काम हो, घर की जिम्मेदारियां या भविष्य की चिंता, हर कोई किसी न किसी बात को लेकर परेशान है. अक्सर लोग तनाव कम करने के लिए दवाइयों या थेरेपी का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी भी थेरेपी है जिसमें न तो कड़वी दवाएं खानी पड़ती हैं और न ही भारी-भरकम फीस भरनी पड़ती है? जी हां, इसका नाम है 'बिब्लियोथेरेपी' (Bibliotherapy). सरल भाषा में कहें तो किताबों के जरिए इलाज. तो चलिए जानते हैं इस थेरेपी के बारे में कैसे आपकी आपकी जिंदगी बदल सकती है.

क्या है बिब्लियोथेरेपी- What is bibliotherapy?

बिब्लियोथेरेपी कोई नई चीज नहीं है, बल्कि सदियों पुरानी थेरेपी है. इसका मतलब है अपनी मेंटल स्टेटस को सुधारने के लिए सही किताबों का सेलेक्ट करना. जब हम अपनी परेशानी से मिलती-जुलती कोई कहानी या किसी महापुरुष की जीवनी पढ़ते हैं, तो हमें एहसास होता है कि हम अकेले नहीं हैं. यह एहसास ही हमारे आधे तनाव को खत्म कर देता है.

यह कैसे काम करती है? How does it work bibliotherapy?

  • जब आप एक अच्छी किताब पढ़ते हैं, तो आपका दिमाग वर्तमान की चिंताओं को छोड़कर एक अलग दुनिया में चला जाता है. इसे 'एस्केपिज्म' कहते हैं, लेकिन यह सकारात्मक होता है.
  • जब आप किसी किरदार के संघर्ष और उसकी जीत के बारे में पढ़ते हैं, तो आपको अपनी समस्याओं से लड़ने की हिम्मत मिलती है.
  • किताबें हमें सोचने का नया तरीका देती हैं. जो समस्या हमें पहाड़ जैसी लगती है, किताब पढ़ने के बाद शायद वो छोटी लगने लगे.
  • रात को सोने से पहले स्क्रीन देखने के बजाय किताब पढ़ने से दिमाग शांत होता है और नींद गहरी आती है.

कैसे शुरू करें बिब्लियोथेरेपी? How to get started with bibliotherapy?

  • अगर आपको कहानियां पसंद हैं तो फिक्शन पढ़ें, और अगर आप मोटिवेशन चाहते हैं तो सेल्फ-हेल्प किताबें चुनें.
  • अगर कोई किताब उबाऊ लग रही है, तो उसे छोड़ दें. वही पढ़ें जो आपको सुकून दे.
  • दिनभर में सिर्फ 15-20 मिनट भी किताबों के नाम करना काफी है.
  • पढ़ते समय जो बातें अच्छी लगें, उन्हें एक डायरी में लिखें.

बिब्लियोथेरेपी के बड़े फायदे - The great benefits of bibliotherapy

रिसर्च बताती है कि सिर्फ 6 मिनट की रीडिंग आपके स्ट्रेस लेवल को 68% तक कम कर सकती है. यह आपकी याददाश्त बढ़ाती है, शब्द ज्ञान सुधारती है और सबसे बड़ी बात, आपको अकेलापन महसूस नहीं होने देती.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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