मेंस्ट्रुअल साइकिल या पीरियड्स आना एक नेचुरल प्रोसेस है. आज मार्केट में महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल करने के लिए तरह-तरह से पैड्स मिलने लगे हैं जिससे महिलाओं को पीरियड्स के दौरान काफी आराम मिलता है और कपड़े खराब और दाग लगने जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता. इसी के साथ ही महिलाओं की हर महीने की पीरियड्स की जर्नी को आसान बनाने के लिए कंपनियां कई अलग-अलग तरह के पैड्स भी बनाती रहती हैं. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि पहले के समय में जब पैड्स वगैराह नहीं हुआ करते थे तो उस समय महिलाएं क्या इस्तेमाल किया करती थी कि जिससे उनके कपड़े गंदे ना हो?
उस समय महिलाओं को कई ऐसे काम करने होते थे जिसमें शारीरिक मेहनत काफी ज्यादा लगती थी. ऐसे में उन्होंने अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए कई ऐसे ट्रेडिशनल तरीके अपनाए जिससे उन्हें पीरियड्स के दौरान आराम मिल सके. ये तरीके बिल्कुल नेचुरल थे, जिससे उन्हें काफी मदद मिलती थी. तो आइए जानते हैं उस समय की महिलाएं पीरियड्स के दौरान पैड्स की जगह क्या इस्तेमाल करती थीं.
मेन्स्ट्रुअल बेल्ट का इस्तेमाल करती थी महिलाएं-
आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन में 20वीं सदी के आखिर तक महिलाएं पीरियड्स के दौरान हाथ से बनीं मेन्स्ट्रुअल बेल्ट का इस्तेमाल करती थीं. जी हां, उस समय पैड्स के बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था. इस बेल्ट में कपड़े का एक साधारण पाउच होता था जिसे कमर पर बांधा जाता था. इसमें सोखने के लिए मुख्य रूप से लकड़ी की राख का इस्तेमाल होता था, जो घर में खाना पकाने के लिए जलाई गई लकड़ी से मिलती थी.
राख को किया जाता था इस्तेमाल-
(@seetheecreator) के वीडियो के अनुसार राख को बाद में खाद बनाने के लिए इस्तेमाल कर लिया जाता था. साफ-सफाई बनाए रखने के लिए कपड़े को नदी के पानी में धोकर सुखाया जाता था.
क्या यह तरीका महिलाओं के लिए सुरक्षित था?
रिसर्च गेट में छपी स्टडी के अनुसार राख में मौजूद रसायन और अशुद्धियां Vagina के प्राकृतिक वातावरण को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे यीस्ट इन्फेक्शन और बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
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