बॉलीवुड एक्टर श्रेयस तलपड़े को हम सब फिल्मों में मुस्कुराते और लोगों को हंसाते हुए देखते आए हैं. लेकिन असल जिंदगी में उन्होंने एक ऐसा दौर देखा है, जिसने उन्हें मौत के बेहद करीब लाकर खड़ा कर दिया था. हाल ही में कर्ली टेल्स (Curly Tales) के यूट्यूब चैनल पर दिए एक इंटरव्यू में श्रेयस ने अपने साथ हुए उस भयानक हादसे को याद किया. उन्होंने बताया कि करीब 3 साल पहले जब उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था, तब पूरे 10 मिनट के लिए उनके दिल की धड़कन बिल्कुल रुक गई थी.
श्रेयस तलपड़े ने बातचीत के दौरान बेहद भावुक होकर कहा कि आज वह जो भी सांसें ले रहे हैं, वह उनकी दूसरी जिंदगी है. डॉक्टरों ने बाद में बताया था कि क्लिनिकली वह कुछ मिनटों के लिए मृत (Dead) हो चुके थे और उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद बिजली के झटके (इलेक्ट्रिक शॉक) देकर उनकी धड़कन वापस लाई गई.
अगर आपके मन में भी यही सवाल है कि आखिर कम उम्र में ही हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना क्यों करना पड़ रहा है. तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं क्योंकि इस बारे में NDTV ने पद्म भूषण Dr. T. S. Kler से बात कि तो आइए जानते हैं इस बारे में.
अचानक सडन कार्डियक अरेस्ट क्यों आता है? | What Causes Sudden Cardiac Arrest?
अचानक कार्डियक अरेस्ट अक्सर बिना किसी चेतावनी के होता है. इसकी वजह दिल की इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी, पहले से कमजोर हार्ट मसल, इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस, डिहाइड्रेशन या जरूरत से ज्यादा हैवी एक्सरसाइज हो सकती है. कई बार शरीर संकेत देता है, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है.
हार्ट अटैक और सडन कार्डियक अरेस्ट में क्या फर्क है? (Heart Attack Or Cardiac Arrest Mein Kya Antar Hai)
डॉ. T. S. Kler ने बताया हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में ब्लॉकेज हो जाता है, जिससे हार्ट मसल को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. वहीं सडन कार्डियक अरेस्ट एक इलेक्ट्रिकल प्रॉब्लम होती है, जिसमें दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाती है. इसमें मरीज को बचाने के लिए बहुत कम समय मिलता है और अगर तुरंत सीपीआर या मेडिकल मदद न मिले, तो जान का खतरा बढ़ जाता है.
युवाओं में क्यों बढ़ रही हार्ट से जुड़ी समस्याएं?
डॉ. T. S. Kler के मुताबिक, इसके पीछे सबसे बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल है.
- लंबे समय तक बैठकर काम करना
- नींद की कमी
- प्रोसेस्ड और जंक फूड
- स्मोकिंग
- लाइट स्मोकिंग और वेपिंग
- स्ट्रेस
भूलकर भी इन लक्षणों को न करें इग्नोर-
- सीने में दबाव या दर्द
- अचानक सांस फूलना
- चक्कर आना
- बेहोशी
- असामान्य थकान
- दिल की तेज और अनियमित धड़कन
बचाव के लिए क्या करें?
डॉ. T. S. Kler के मुताबिक, युवाओं को रेगुलर हेल्थ चेकअप कराना चाहिए, खासकर अगर परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास रहा हो. स्मोकिंग और वेपिंग से पूरी तरह दूरी बनाना, नींद पूरी करना, स्ट्रेस को कंट्रोल करना और जरूरत से ज्यादा हैवी वर्कआउट से बचना बेहद जरूरी है. दिल से जुड़ी किसी भी परेशानी को हल्के में न लें.
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