Antibiotics risk in pregnancy : एंटीबायोटिक दवाओं के धड़ल्ले से हो रहे प्रयोग को लेकर सरकार पहले ही निर्देश दे चुकी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचें. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में एंटीबायोटिक दवाओं के हद से ज्यादा इस्तेमाल पर चिंता जताई थी, लेकिन अब एक शोध में सामने आया है कि गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से शिशुओं में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस रोग (जीबीएस) होने का खतरा बढ़ सकता है.
गर्भावास्था में एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन का असर
ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस रोग बैक्टीरिया की वजह से होता है. ये आमतौर पर आंत या जननांगों में रहता है लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन अगर आप गर्भवती हैं, तो एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से जीबीएस बैक्टीरिया के होने का खतरा बढ़ जाता है. ये नवजात शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे नवजात शिशु की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है और शिशु निमोनिया या बुखार से पीड़ित हो सकता है.
स्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट और बेल्जियम के एंटवर्प विश्वविद्यालय के एक अंतरराष्ट्रीय दल द्वारा किए गए अध्ययन से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से डिलीवरी से 4 हफ्ते पहले तक नवजात शिशुओं में जीबीएस रोग का खतरा बढ़ जाता है. अगर गर्भवती महिला तीसरी तिमाही की शुरुआत में एंटीबायोटिक का सेवन करती है, तो डिलीवरी का समय नजदीक आते ही ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस रोग का खतरा बढ़ जाता है. ये महिलाओं के प्रसव को भी प्रभावित करता है.
क्या कहता है शोधजर्नल ऑफ इंफेक्शन में प्रकाशित शोध पत्र में शोधकर्ताओं ने कहा, “गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक दवाओं के संपर्क में आने से प्रसवोत्तर चार सप्ताह के भीतर जीबीएस का खतरा बढ़ सकता है. गर्भावस्था की तीसरी तिमाही का प्रारंभिक चरण संवेदनशीलता की एक महत्वपूर्ण अवधि है, ऐसे में शिशु के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.
शोधकर्ताओं की टीम ने राष्ट्रीय रजिस्टरों का उपयोग करते हुए, 2006 से 2016 तक स्वीडन में हुए सभी एकल जन्मों को शामिल किया गया. इसके लिए राष्ट्रीय रिकॉर्ड का उपयोग किया गया. अध्ययन में 1,095,644 जीवित जन्मे एकल शिशुओं में से 24.5 प्रतिशत एंटीबायोटिक दवाओं के संपर्क में आए थे. इनमें से करीब 24.5 प्रतिशत बच्चों को जन्म से पहले एंटीबायोटिक दवाओं का असर झेलना पड़ा था.
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह अध्ययन नवजात शिशुओं में जीबीएस रोग के जोखिम के संबंध में प्रसवपूर्व एंटीबायोटिक दवाओं के संपर्क की जांच करने वाला पहला अध्ययन है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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