Achanak Sugar Badhne Ke Karan: कई लोग रात का खाना हल्का खाकर सो जाते हैं, लेकिन फिर भी सुबह या रात में ब्लड शुगर ज्यादा रहता है या नींद बीच में टूट जाती है. एक्सपर्ट के अनुसार ग्लूकोज स्पाइक या ब्लड शुगर अचानक बढ़ने की वजह डिनर नहीं, बल्कि पूरे दिन का खानपान है.
न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा से जानें रात में अचानक क्यों बढ़ जाता है शुगर लेवल?
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने बताया, "आपका मेटाबॉलिज्म पूरे दिन का हिसाब रखता है, सिर्फ रात का नहीं, इसलिए दिन की शुरुआत में प्रोटीन पर फोकस करें, तो रात में ग्लूकोज स्पाइक की चिंता काफी कम हो जाएगी. ये तरीका डायबिटीज, प्री-डायबिटीज या वजन कंट्रोल करने वालों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है."
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अचानक ग्लूकोज बढ़ने के क्या कारण हैं?
एक्सपर्ट के अनुसार, रात में अचानक ग्लूकोज बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं. इसमें शाम-रात में शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी या इंसुलिन का असर कम हो जाता है, लिवर रात में ज्यादा ग्लूकोज बनाता और छोड़ता है और नींद के दौरान कोर्टिसोल और ग्रोथ हार्मोन बढ़ने से भी शुगर लेवल प्रभावित होता है.
प्रोटीन लेना क्यों है जरूरी?
उन्होंने कई स्टडीज का हवाला देते हुए आगे बताया, "कई नई स्टडीज और कंट्रोल्ड ट्रायल से पता चला है कि दिन के शुरुआती भोजन में ज्यादा प्रोटीन लेने से ये समस्या काफी हद तक कम हो जाती है. इसे 'सेकंड मील इफेक्ट' कहा जाता है. जब नाश्ते या लंच में पहले प्रोटीन ज्यादा खाया जाता है, तो बाद के खाने के लिए इंसुलिन का असर बेहतर होता है, शाम को ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव कम रहता है और रात भर लिवर से ग्लूकोज का रिसाव कम होता है.
एक रिसर्च में दिखाया गया कि जिन लोगों ने ज्यादा प्रोटीन वाला नाश्ता किया, उनके डिनर के बाद ग्लूकोज लेवल काफी कम रहा, जबकि कम प्रोटीन नाश्ते वाले ग्रुप में डिनर एक जैसा होने के बावजूद स्पाइक ज्यादा देखा गया. इसका मतलब साफ है कि रात का खाना कितना भी हल्का क्यों न हो, कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटर में स्पाइक दिखता है. इसी वजह से बिना वजह नींद टूटना या सुबह खाली पेट हाई शुगर होता है.
ग्लूकोज स्पाइक के दौरान क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट ने ग्लूकोज स्पाइक की समस्या से निपटने के आसान और कारगर टिप्स भी दिए. उन्होंने बताया कि नाश्ते में 25 से 35 ग्राम प्रोटीन जरूर लेंइसके लिए डाइट में अंडे, दही, पनीर, दाल, चिकन, स्प्राउट्स आदि को शामिल करें. दोपहर के भोजन की थाली में भी पहले प्रोटीन खाएं, फिर कार्ब्स लें.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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