विज्ञापन
This Article is From Nov 26, 2024

मलेरिया के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है नई वैक्सीन, स्टडी में खुलासा

इस अध्ययन में 25 हेल्दी वयस्कों को शामिल किया गया, जिन्हें पहले कभी मलेरिया नहीं हुआ था. उन्हें एक आनुवंशिक रूप से संशोधित पी. फाल्सीपेरम पैरासाइट (जीए2) के साथ टीकाकरण करने के लिए चुना गया, जिसे लिवर में लंबे समय तक विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया था.

मलेरिया के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है नई वैक्सीन, स्टडी में खुलासा
इस अध्ययन में 25 हेल्दी वयस्कों को शामिल किया गया.

मच्छरों से फैलने वाले मलेरिया के लिए लेट-लिवर-स्टेज वैक्सीन पर बेस्ड एक छोटे क्लीनिकल ट्रायल में यह पाया गया कि यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है. मलेरिया बीमारी हर साल दुनियाभर में लगभग 6,08,000 लोगों की जान लेती है. नीदरलैंड के लीडन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर और रैडबाउड यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस ट्रायल में यह देखा गया कि एक जेनेटिकली मॉडिफाइड प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम पैरासाइट से टीकाकरण करने पर सकारात्मक इम्यून प्रतिक्रिया पैदा हुई और मलेरिया से सुरक्षा मिली. इसे जीए2 कहा जाता है.

इस अध्ययन में 25 हेल्दी वयस्कों को शामिल किया गया, जिन्हें पहले कभी मलेरिया नहीं हुआ था. उन्हें एक आनुवंशिक रूप से संशोधित पी. फाल्सीपेरम पैरासाइट (जीए2) के साथ टीकाकरण करने के लिए चुना गया, जिसे लिवर में लंबे समय तक विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया था.

यह भी पढ़ें: इन 5 लोगों को रोज सुबह पीना चाहिए दालचीनी का पानी, चमत्कारिक होते हैं फायदे, अंतिम 2 लोग बिल्कुल न भूलें

कैसे किया गया अध्ययन?

10 प्रतिभागियों को जीए2 समूह में, 10 को जीए1 ग्रुप में और 5 को प्लेसबो समूह में रखा गया. प्रत्येक समूह में पुरुष और महिला दोनों शामिल थे. तीनों समूहों को तीन बार 28 दिन के अंतराल पर टीकाकरण दिया गया. इस दौरान जीए2 और जीए1 समूहों के प्रतिभागियों को पी. फाल्सीपेरम पैरासाइट से संक्रमित मच्छरों के संपर्क में लाया गया, जबकि प्लेसबो समूह के मामले में असंक्रमित मच्छरों के संपर्क में आना शामिल था.

अंतिम टीकाकरण के तीन हफ्ते बाद सभी प्रतिभागियों को कंट्रोल मलेरिया इंफेक्शन के संपर्क में लाया गया, ताकि यह देखा जा सके कि वैक्सीन कितनी सुरक्षा प्रदान करती है. परिणाम न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुए, जिसमें पाया गया कि जीए2 समूह के 89 प्रतिशत प्रतिभागियों को मलेरिया से सुरक्षा मिली. जीए1 ग्रुप में यह आंकड़ा केवल 13 प्रतिशत था. प्लेसबो समूह में किसी को भी सुरक्षा नहीं मिली.

यह भी पढ़ें: सफेद बालों को काला करना है, तो नारियल तेल में ये काली चीज मिलाकर लगाएं, जड़ समेत मिलेंगे नेचुरल ब्लैक हेयर

इसके अलावा, जीए2 समूह के किसी भी प्रतिभागी को टीकाकरण के बाद मलेरिया का इंफेक्शन नहीं हुआ, जिससे यह साबित होता है कि यह वैक्सीन सुरक्षित है. शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जीए2 समूह ने मजबूत इम्यून प्रतिक्रिया (प्रो-इन्फ्लेमेटरी रिस्पांस) दिखाई. जीए2 और जीए1 दोनों ने समान लेवल के एंटीबॉडी बनाए, लेकिन जीए ने एक्स्ट्रा सुरक्षा प्रदान की. इसका कारण मुख्य रूप से सेलुलर इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया को माना गया.

फेफड़ों को हेल्दी और मजबूत कैसे बनाएं? डॉक्टर से जानिए लंग्स की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए क्या करें

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Malaria Vaccine, Malaria Prevention, Vaccine Development, Malaria Protection, New Vaccine Study
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com