मानसून आते ही बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन इसकी वजह सिर्फ एक नहीं होती. इस मौसम में एक तरफ जमा पानी की वजह से मच्छर तेजी से पनपते हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. वहीं दूसरी तरफ बढ़ी हुई नमी के कारण खाना जल्दी खराब होने लगता है, जिससे वायरल फ्लू, फूड पॉइजनिंग और पेट के संक्रमण के मामले भी बढ़ जाते हैं. यानी मानसून में स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ मच्छरों से बचना ही काफी नहीं, बल्कि खानपान में भी अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है.
डेंगू और मलेरिया से बचना है तो सबसे पहले करें ये काम
डेंगू और मलेरिया खाने से नहीं, बल्कि संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलते हैं. इसलिए इनसे बचने का सबसे असरदार तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है. घर, छत और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, जरूरत पड़ने पर मॉस्किटो रिपेलेंट लगाएं और पूरी बांह के कपड़े पहनें. अगर तेज बुखार, शरीर दर्द या प्लेटलेट्स गिरने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें. इसके अलावा यदि फ्लू और पेट के संक्रमण से बचना है तो इन 5 चीजों से बनाएं दूरी -
कटे हुए फल और खुले में रखा खाना
बारिश के मौसम में कटे हुए फल और लंबे समय तक खुले में रखा खाना जल्दी दूषित हो सकता है. ऐसे भोजन में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे पेट का संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है.
सड़क किनारे मिलने वाला खुला खाना
चाट, गोलगप्पे या दूसरे खुले खाद्य पदार्थों में इस मौसम में साफ-सफाई बनाए रखना मुश्किल होता है. दूषित पानी और मक्खियों की वजह से इनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
बासी भोजन
मानसून में खाना सामान्य दिनों की तुलना में जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए कई घंटे पहले बना या बार-बार गर्म किया हुआ भोजन खाने से बचना चाहिए.
अधपका मांस और सीफूड
अगर मांस या सीफूड अच्छी तरह न पका हो, तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्म जीव बीमारी फैला सकते हैं. इस मौसम में हमेशा अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाएं.
दूषित या असुरक्षित पानी
बारिश के मौसम में दूषित पानी कई तरह के वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण फैला सकता है. इसलिए हमेशा उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या सुरक्षित पानी ही पीना चाहिए.
मानसून में स्वस्थ रहने के लिए ये आदतें भी अपनाएं
बार-बार हाथ धोएं, ताजा और गर्म भोजन खाएं, फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. साथ ही बुखार, लगातार उल्टी-दस्त, सांस लेने में तकलीफ या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो खुद से दवा लेने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें.
याद रखें, मानसून में हर बीमारी की वजह एक जैसी नहीं होती. डेंगू और मलेरिया से बचाव का सबसे अच्छा तरीका मच्छरों से बचना है, जबकि वायरल फ्लू और फूड-बॉर्न संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई और सही खानपान पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है.
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