अमेरिकी शोधकर्ताओं ने एक नई समस्या-समाधान चिकित्सा विकसित की, जो डिप्रेशन के लक्षणों से राहत दिलाने के लिए मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ाती है. दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए यह एक उम्मीद की किरण है. डिप्रेशन एक आम मानसिक विकार है, जो वैश्विक स्तर पर अनुमानित 5 प्रतिशत लोगों को प्रभावित करता है.
स्टैनफोर्ड मेडिसिन की एक टीम के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में, अवसाद और मोटापे दोनों से ग्रस्त वयस्कों पर समस्या-समाधान चिकित्सा (कॉग्नेटिव थेरेपी का एक रूप) का प्रयोग किया गया. इस चिकित्सा ने ऐसे एक तिहाई रोगियों में अवसाद को कम किया, जिनका इलाज करना मुश्किल था.
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टीम ने 108 लोगों को चुना, जिनमें गंभीर डिप्रेशन और मोटापे दोनों था. जबकि 59 लोगों ने अपनी सामान्य देखभाल के लिए एक साल लंबे समस्या-समाधान चिकित्सा कार्यक्रम में भाग लिया, 49 को केवल सामान्य देखभाल प्राप्त हुई. प्रतिभागियों का एफएमआरआई मस्तिष्क स्कैन भी किया गया और उनसे प्रश्नावली भरवाई गई, जिससे उनकी समस्या समाधान क्षमता और डिप्रेशन के लक्षणों का आकलन किया गया. साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, समस्या समाधान समूह में 32 प्रतिशत प्रतिभागियों में लक्षण की गंभीरता आधी हो गई.
विश्वविद्यालय में मनोचिकित्सा के पोस्टडॉक्टरल विद्वान, मुख्य लेखक ज़ू झांग ने इसे 'एक बहुत बड़ा सुधार' बताया. ऐसा इसलिए है क्योंकि मोटापे और अवसाद के रोगियों में अवसादरोधी दवाओं के लिए केवल 17 प्रतिशत प्रतिक्रिया दर होती है. ब्रेन स्कैन से पता चला कि जिन लोगों को सिर्फ सामान्य देखभाल मिली, उनकी समस्या सुलझाने की क्षमता भी कम होती गई. लेकिन थेरेपी लेने वालों में उल्टा हुआ.
शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसा शायद इसलिए हुआ क्योंकि थेरेपी से उनके दिमाग जानकारी को ज्यादा अच्छी तरह से समझना सीख रहे थे. टीम ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि उनके मस्तिष्क थेरेपी के माध्यम से सूचना को अधिक कुशलता से संसाधित करना सीख रहे हैं. जबकि थेरेपी से पहले, उनके दिमाग अधिक मेहनत कर रहे थे. अब, वह अधिक समझदारी से काम कर रहे थे. कुल मिलाकर, दोनों ग्रुप में डिप्रेशन की गंभीरता में सुधार हुआ. लेकिन, कुछ लोगों के लिए समस्या-समाधान थेरेपी ने अधिक स्पष्टता लाई, जिससे उन्हें काम पर लौटने और सामाजिक संपर्कों को प्रबंधित करने में मदद मिली.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं