Vitamin D Helps In Anxiety And Depression: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव लोगों की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल हो चुका है. कई लोग लगातार घबराहट, बेचैनी, उदासी और मूड खराब रहने जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं. ऐसे में अब सिर्फ दवाइयों और थेरेपी ही नहीं बल्कि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी पर भी ध्यान दिया जा रहा है. हाल की कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि विटामिन डी की कमी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है. विशेषज्ञ मानते हैं कि शरीर में विटामिन डी का सही स्तर दिमाग को बेहतर तरीके से काम करने और मन को शांत रखने में मदद कर सकता है.
दिमाग के लिए क्यों जरूरी है विटामिन डी?
विटामिन डी को आमतौर पर हड्डियों के लिए जरूरी माना जाता है, लेकिन इसका असर दिमाग (Brain) पर भी पड़ता है. यह शरीर में हार्मोन (Harmone) की तरह काम करता है और दिमाग के उन हिस्सों को प्रभावित करता है जो भावनाओं, तनाव और मनोदशा को नियंत्रित करते हैं. रिसर्च के अनुसार विटामिन डी शरीर में ऐसे रसायनों को संतुलित रखने में मदद कर सकता है जो खुशी और अच्छा महसूस कराने से जुड़े होते हैं. यही वजह है कि इसकी कमी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है.

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चिंता में कैसे मिल सकती है मदद?
कुछ अध्ययनों में पाया गया कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी थी, उनमें घबराहट और चिंता के लक्षण ज्यादा दिखाई दिए. वहीं जिन लोगों ने डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी लिया, उनमें तनाव और बेचैनी कम महसूस हुई. एक लंबी अवधि की स्टडी में यह भी सामने आया कि सही मात्रा में विटामिन डी लेने वाले लोगों का मूड पहले से बेहतर हुआ. हालांकि विशेषज्ञ इसे अकेला इलाज नहीं मानते.
डिप्रेशन से क्या है संबंध?
रिसर्च बताती है कि विटामिन डी की कमी और अवसाद के बीच गहरा संबंध हो सकता है. कुछ अध्ययनों में पाया गया कि जिन लोगों का विटामिन डी स्तर कम था, उनमें अवसाद का खतरा ज्यादा देखा गया. विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी दिमाग की कोशिकाओं के विकास और उनकी कार्यप्रणाली में मदद करता है. इसकी कमी से व्यक्ति थकान, उदासी और कमजोरी महसूस कर सकता है.
शरीर में विटामिन डी कैसे बढ़ाएं?
- सुबह की हल्की धूप लेना फायदेमंद माना जाता है.
- अंडा, मशरूम और विटामिन डी से भरपूर दूध को भोजन में शामिल किया जा सकता है.
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं.
इस बात का रखें ध्यान
अगर लंबे समय से उदासी, घबराहट या तनाव महसूस हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. विटामिन डी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है, लेकिन सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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