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मामूली सा बुखार… मां ने पिला दी पुरानी सिरप, कुछ ही मिनटों बाद बच्चे को आने लगे दौरे! डॉक्टर की चेतावनी ने डरा दिया

Expired Cough Syrup Danger: डॉक्टर क्रिस्टाबेल अकिनोला नाम की हेल्थ एक्सपर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सिरप की बोतल खुलते ही उसका काउंटडाउन शुरू हो जाता है. एक बार बोतल खुलने के बाद हवा, गर्मी और रोशनी दवा के एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को धीरे-धीरे बदलना शुरू कर देते हैं.

मामूली सा बुखार… मां ने पिला दी पुरानी सिरप, कुछ ही मिनटों बाद बच्चे को आने लगे दौरे! डॉक्टर की चेतावनी ने डरा दिया
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया, सिरप की बोतल खुलते ही उसका काउंटडाउन शुरू हो जाता है.

Expired Syrup Side Effects Child: क्या आप भी बच्चे को बुखार आने पर पिछली बार बची हुई सिरप दोबारा पिला देते हैं? अगर हां, तो यह खबर आपको चौंका सकती है. दरअसल, एक मां ने अपने बच्चे को बुखार आने पर पिछले महीने की बची हुई फीवर सिरप दी और कुछ ही मिनटों बाद बच्चे को दौरे पड़ने लगे. डॉक्टर का कहना है कि कई माता-पिता यह गलती बिना खतरा समझे हर दिन करते हैं. बाहर से बिल्कुल ठीक दिखने वाली दवा भी कभी-कभी बच्चे के शरीर के लिए नुकसानदेह बन सकती है. डॉक्टर क्रिस्टाबेल अकिनोला नाम की हेल्थ एक्सपर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सिरप की बोतल खुलते ही उसका काउंटडाउन शुरू हो जाता है.

एक बार बोतल खुलने के बाद हवा गर्मी और रोशनी दवा के एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को धीरे-धीरे बदलना शुरू कर देते हैं. यही वजह है कि लंबे समय तक रखी गई सिरप असर खो सकती है या कुछ मामलों में शरीर के लिए हानिकारक भी बन सकती है.

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हर दवा जहरीली नहीं, लेकिन दोबारा इस्तेमाल जोखिम भरा

कई बार दवा के केमिकल कंपोनेंट्स बदलने लगते हैं और ऐसे बायप्रोडक्ट्स बन सकते हैं, जिन्हें छोटे बच्चों का शरीर ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता. कुछ मामलों में दवा की ताकत कम हो जाती है, तो कभी उसकी कंसंट्रेशन असामान्य हो सकती है. ऐसे में या तो दवा काम नहीं करती या फिर गलत असर दिखा सकती है. हालांकि हर पुरानी सिरप जहरीली हो जाए ऐसा जरूरी नहीं है. लेकिन, बिना डॉक्टर की सलाह के पुरानी दवा दोबारा इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है.

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30 दिन और 7 दिन वाला नियम क्या है?

फीवर सिरप दो प्रकार के होते हैं. पहला रेडी-टू-यूज सिरप, जो पहले से लिक्विड फॉर्म में आता है. डॉक्टर के अनुसार ऐसी सिरप बोतल खुलने के करीब 30 दिन तक ही सुरक्षित मानी जाती है. इसके बाद उसे फेंक देना चाहिए, चाहे बोतल में आधी दवा बची हो. दूसरी तरफ पाउडर सिरप होती है, जिसमें इस्तेमाल से पहले पानी मिलाया जाता है. डॉक्टर का दावा है कि पानी मिलाने के बाद ऐसी दवा केवल 7 से 14 दिन तक ही इस्तेमाल करनी चाहिए. इसके बाद उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए.

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किन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

अगर सिरप का रंग बदल जाए, बदबू आने लगे, स्वाद अलग लगे या उसकी टेक्सचर पहले जैसी न रहे, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए. हर बार बोतल खोलते समय उस पर तारीख लिख देना अच्छा तरीका हो सकता है, ताकि बाद में कन्फ्यूजन न हो. कई माता-पिता लापरवाही से नहीं बल्कि जानकारी की कमी की वजह से ऐसी गलती कर बैठते हैं. खासतौर पर बच्चों की दवाओं में ओपनिंग डेट का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है.

हर दवा की स्टोरेज और इस्तेमाल की ड्यूरेशन अलग हो सकती है. कुछ सिरप को फ्रिज में रखना जरूरी होता है, जबकि कुछ को कमरे के सामान्य तापमान पर रखा जाता है. गलत तरीके से रखी गई दवा जल्दी खराब हो सकती है. इसलिए अगली बार अगर घर में पुरानी बुखार की सिरप मिल जाए, तो उसे दोबारा इस्तेमाल करने से पहले एक बार जरूर सोचिए. छोटी सी लापरवाही कभी-कभी बड़ा खतरा बन सकती है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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