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बड़े होते बेटे को शरीर में होने वाले बदलाव कैसे समझाएं? इरेक्शन क्यों होता है, Parents के लिए आसान गाइड

बच्चों में किशोरावस्था के दौरान कई शारीरिक बदलाव होते हैं. जानिए parents बच्चों को इन बदलावों के बारे में सही और सहज तरीके से कैसे समझा सकते हैं.

बड़े होते बेटे को शरीर में होने वाले बदलाव कैसे समझाएं? इरेक्शन क्यों होता है, Parents के लिए आसान गाइड

Parenting Tips: जब बच्चे बड़े होते हैं, तो उनके शरीर और मन दोनों में बदलाव आने लगते हैं। ऐसे में parents के लिए जरूरी हो जाता है कि वे बच्चों को इन बदलावों के बारे में सही और सहज तरीके से समझाएं… खासकर प्यूबर्टी के दौरान बच्चों के शरीर में ये बदलाव होते हैं. लड़कियों में स्तन का बढ़ना और पीरियड्स जैसे संकेत दिखते हैं वहीं लड़कों में इरेक्शन (Erection) होना शुरू हो जाता है.

आमतौर पर लड़कों में 8-9 साल की उम्र में इरेक्शन होना शुरू हो जाता है, जो कि बिल्कुल सामान्य है. बच्चे इस बदलाव और शरीर में हो रही हलचल को समझ नहीं पाते. कुछ इसे लेकर गलत जानकारी भी पा लेते हैं.

ऐसे में एक लड़के के माता-पिता का ये दायित्व है कि आप बच्चों को उनके शरीर के बारे में सही जानकारी दें, ताकि वो भटके नहीं और कहीं और से गलत जानकारी न लें.  

बच्चों को Puberty के बारे में कैसे समझाएं?

बच्चों को puberty के दौरान होने वाले बदलावों के बारे में खुले और सहज तरीके से समझाना बेहतर माना जाता है. सही जानकारी देने से बच्चे कंफ्यूजन और गलत जानकारी से बच सकते हैं.

इरेक्शन क्या है? (What is Erection)

इरेक्शन तब होता है जब लिंग कड़ा हो जाता है, क्योंकि उसके अंदर मौजूद स्पंज जैसा टिशू खून से भर जाता है. इरेक्शन होने पर लिंग आमतौर पर बड़ा हो जाता है और शरीर से थोड़ा बाहर की ओर खड़ा हो जाता है.

इरेक्शन अपने आप भी खत्म हो सकता है, या फिर इजैक्युलेशन (लिंग के सिरे पर मौजूद छोटे से छेद से वीर्य का बाहर निकलना) के बाद भी खत्म हो सकता है.

रात में सोते समय इजैक्युलेशन होने को 'नॉक्टर्नल एमिशन' या 'वेट ड्रीम' (स्वप्नदोष) कहा जाता है. आपको रात में सोते समय कई बार इरेक्शन हो सकता है.

Parents को कैसे शुरू करनी चाहिए बातचीत? (How Parents Can Explain Erections to Their Children)

  • बातचीत को सामान्य रखें : आप इसे पूरी तरह नॉर्मलाइज करें. जैसे आप सबसे पहले उसे अपने शरीर के पारे में समझाएं. पेनिस, इरेक्शन, प्यूबर्टी जैसी चीजों को इन्हीं शब्दों के साथ समझाएं.
  • शर्म या डर का माहौल न बनाएं : आपको इसमें शर्माने या कतराने की जरूरत नहीं है ये बस एक जानकारी है, जो आपको अपने बच्चों को देनी है.
  • बच्चे को सहज महसूस कराएं: उन्हें समझाएं कि जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं आपके शरीर में बदलाव होता है. उन्हीं में से एक बदलाव ये है कि कभी-कभी आपका पेनिस कड़ा हो सकता है, इसे इरेक्शन कहते हैं.

उसे सही जानकारी दें कि टिशू में खून भर जाने की वजह से ऐसा होता है और ये एकदम सामान्य है. ये सभी को होता है और ये कभी भी हो सकता है.

इरेक्शन क्यों होता है?

अगर बच्चा पूछता है कि ऐसा क्यों होता है तो उसे बताएं कि तुम बड़े हो रहे हो और तुम्हारा शरीर अब पूरी तरह विकसित हो चुका है. यह शरीर के विकास का एक हिस्सा है और यह संकेत है कि शरीर धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है. लेकिन अभी तुम्हारा शरीर बस ग्रो कर रहा है और प्रैक्टिस कर रहा है. तुम्हारा शरीर आगे के लिए तैयार हो रहा है.

पब्लिक प्लेस में इरेक्शन हो तो क्या करें?

बच्चे को समझाएं कि अगर किसी पब्लिक प्लेस पर उन्हें इरेक्शन हो तो वो क्या करें. उन्हें बताएं कि वह बाथरूम जा सकते हैं. कुछ बोरिंग सोचना शुरू कर दें. बॉक्सर्स की जगह ब्रीफ्स पहनें. बैठ जाएं और इसके खत्म होने का इंतजार कएं.

प्रोइवेसी फैक्टर को समझाएं

  • बच्चे को बताएं कि ये सबके साथ होता है, लेकिन ये हम सबके सामने नहीं कर सकते. जैसे हम सभी के सामने बाथरूम नहीं जाते, ठीक वैसे ही.
  • उन्हें ये भी बताएं कि तुम कभी भी अपने सवालों के साथ मेरे पास आ सकते हो. तुम्हारे शरीर में कुछ भी अजीब या खराब नहीं है.

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