अक्सर आपने महिलाओं को अपने पति से ये शिकायत करते सुना होगा कि मेरी हर टेंशन की वजह तुम हो. तुम्हारी वजह से मैं परेशान हूं. तुमने मेरी जिंदगी खराब कर दी.. वगैरह-वगैरह. सुनने में ऐसा लगता है कि महिला जीवन के हर मुश्किल का ठिकरा बस अपने पति पर फोड़ना चाहती है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि वह साइंटिफिकली पूरी तरह गलत नहीं है, बल्कि वो काफी हद तक सच बोल रही है. हाल में सीनियर फिजिशियन और डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर विक्रम सभरवाल ने एक वीडियो शेयर कर बताया कि सच में महिलाओं की अधिकतर बीमारियों और परेशानियों की वजह उनके पति होते हैं. नहीं समझे, तो चलिए समझाते हैं कैसे?
डॉक्टर विक्रम सभरवाल ने वीडियो में बताया कि औरतें हर चीज में एक इमोशनल वैलिडेशन ढूंढती हैं. वो ना मिले तो उनका स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे कार्टिसोल बढ़ता है, जो एक स्ट्रेस हार्मोन है. इसके बढ़ते ही उनको स्ट्रेस होता है और उनका मूड खराब होता है. इरिटेबिलिटी बढ़ती और कई बार ये डिप्रेशन की वजह भी होती है. ये क्रोनिक इनवेलिडेशन सिंड्रोम की वजह से होता है.
क्या है क्रोनिक इनवेलिडेशन सिंड्रोम- (What is Chronic Invalidation Syndrome?)
लगातार होने वाली 'अमान्यता' यानी इनवेलिडेशन (invalidation) का बड़ा असर हो सकता है. अमान्यता का मतलब है किसी की भावनाओं को नकारना, अस्वीकार करना या उन्हें नजरअंदाज करना. जब लोग लंबे समय तक लगातार अमान्यता का अनुभव करते हैं, तो इसका असर उनके पूरी सेहत पर पड़ सकता है. मानसिक भी और शारीरिक भी.
महिलाओं के फिजिकल हेल्थ पर भी असर-
डॉ सभरवाल बताते हैं कि शारीरिक रूप से भी ये महिलाओं पर असर डालता है. कई फिजिकल कंडीशन्स का भी ये जिम्मेदार होता है. इस स्थिति में महिला के शरीर में जगह-जगह दर्द देगा. फाइब्रोमायल्जिया, एक ऐसी बीमारी है, जिसमें देखा जाता है कि सभी टेस्ट्स नॉर्मल हैं लेकिन फिर भी महिला के पूरे शरीर में दर्द रहता है. इसमें मांसपेशियों और हड्डियों में गंभीर दर्द होता है. इसका कारण भी क्रोनिक इनवेलिडेशन सिंड्रोम होता है.
क्या है समाधान-
इसका मतलब है कि महिलाएं हर बात में एक इमोशनल रिस्पॉन्स ढूंढती हैं. डॉक्टर ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर आपकी पत्नी आपसे कहती है कि मेरे लिए सोने के कंगन ले दो, तो आप कहें, हां जरूर, जब कहो. ये न कहें कि अरे बजट नहीं है, बहुत खर्चे हैं. 99 प्रतिशत महिलाओं को सोने के कंगन नहीं चाहिए होते बस उस पर स्वीकृति चाहिए होती है यानी वैलिडेशन चाहिए होता है. महिलाओं को अपने साथी का पॉजिटिव रिस्पांस चाहिए होता है.
कुल मिलाकर फीमेल्स में क्रोनिक इनवेलिडेशन सिंड्रोम का मुख्य कारण यही होता है कि महिलाओं को वैलिडेशन नहीं मिलती है. महिलाओं को अधिकतर अपनी समस्या का समाधान नहीं चाहिए होता बस इमोशनल एक्सेप्टेंस चाहिए होता है. अगर पुरुष अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड को इमोशनली सपोर्ट करते हैं तो उनकी आधे से अधिक बीमारी ऐसे ही खत्म हो जाती हैं.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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