15 अगस्त को कई शहरों में पतंगबाजी का दौर भी चलता है. ऐसे में पतंग उड़ाते समय जरा सी लापरवाही आंखों के लिए भारी पड़ सकती है. पतंग की तेज धार वाली डोर या मांझा अगर आंख से टकरा जाए तो सिर्फ हल्की जलन या पानी आने तक मामला सीमित नहीं रहता. आंख की ऊपरी परत पर खरोंच लग सकती है और कुछ मामलों में चोट ज्यादा गंभीर भी हो सकती है.
ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि घबराकर आंख को रगड़ना या उसमें फंसी डोर को खुद निकालने की कोशिश न करें. चोट के बाद क्या करना है, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि मांझा आंख को सिर्फ छूकर निकला है या आंख में कट या गहरी चोट लगी है.
मांझा आंख में लग जाए तो क्या करें? जानें सही फर्स्ट एड और बचाव
मांझा आंख में लग जाए तो सबसे पहले क्या करें?
मांझा आंख से टकराने के बाद जलन या कुछ फंसा हुआ महसूस हो तो आंख को हाथ से रगड़ने की गलती न करें. रगड़ने से आंख की सतह पर लगी खरोंच बढ़ सकती है.
आंख को रगड़ना क्यों हो सकता है खतरनाक?
कॉन्टैक्ट लेंस लगे हों तो उन्हें भी तुरंत निकालने की कोशिश करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है. आंख में कोई चीज धंसी हुई दिखाई दे तो उसे खुद निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें.
अगर सिर्फ डोर का टुकड़ा आंख में चला गया हो तो क्या करें?
अगर मांझे का कोई छोटा टुकड़ा आंख में चला गया है और आंख में कोई कट या गहरी चोट दिखाई नहीं दे रही है, तो साफ पानी से आंख को धीरे-धीरे धोया जा सकता है. ध्यार रहे पानी को भी बहुत फोर्स से आंख पर छिड़कें. अगर चोट किसी तेज झटके से लगी है या आंख की सतह पर कट दिखाई दे रहा है तो खुद से आंख धोने या कुछ निकालने की कोशिश न करें और तुरंत नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें.
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
चोट के बाद आंख से साफ दिखाई न देना, तेज दर्द, बहुत ज्यादा लाल होना, रोशनी देखने में परेशानी, आंख खोलने में दिक्कत, खून आना या आंख में कुछ फंसा हुआ दिखना गंभीर संकेत हो सकते हैं. ऐसे मामलों में घरेलू उपाय आजमाने के बजाय तुरंत डॉक्टर या नजदीकी इमरजेंसी में दिखाना चाहिए.
आंख में मांझा लगने पर कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
आंख में मांझा लगने पर उसमें उंगली न डालें, आंख को जोर से न रगड़ें और खुद से कोई आई ड्रॉप या दवा डालकर मामला ठीक करने की कोशिश न करें. खासकर अगर डोर का हिस्सा आंख में फंस गया है तो उसे खींचना नुकसान बढ़ा सकता है. ऐसी स्थिति में आंख को छेड़े बिना तुरंत डॉक्टर तक पहुंचना सबसे सुरक्षित कदम है.
पतंग उड़ाते समय आंखों को सुरक्षित कैसे रखें?
15 अगस्त पर पतंगबाजी का मजा लेते समय आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. मांझे से आंख में लगी छोटी सी चोट भी गंभीर हो सकती है. इन सावधानियों से जोखिम कम किया जा सकता है:
सुरक्षा चश्मा पहनें : पतंग उड़ाते समय पारदर्शी स्पोर्ट्स या प्रोटेक्टिव ग्लासेस पहनना आंखों को उड़ती डोर और धूल से बचाने में मदद कर सकता है.
मांझे पर नजर रखें : कटी हुई पतंग या अचानक तेज गति से आने वाली डोर पर ध्यान दें. कई दुर्घटनाएं तभी होती हैं जब व्यक्ति को मांझे की दिशा का अंदाजा नहीं होता.
कांच या धातु वाले मांझे से बचें : सिर्फ सुरक्षित और कानूनी धागे का इस्तेमाल करें. सिंथेटिक या धारदार मांझा आंखों और त्वचा दोनों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है.
छत के किनारों और भीड़भाड़ वाली जगहों से सावधान रहें : तंग उड़ाते समय केवल पतंग पर ध्यान न दें. आसपास लोगों, बिजली के तारों और दूसरे मांझों की भी निगरानी रखें.
बच्चों की निगरानी करें : बच्चों को अकेले पतंग उड़ाने न दें. उन्हें मांझे के खतरों और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के बारे में समझाएं.
बाइक या साइकिल चलाते समय सावधानी रखें : अगर बाहर निकल रहे हैं तो हेलमेट के साथ वाइजर या सुरक्षात्मक चश्मा पहनें. कई गंभीर आंखों की चोटें सड़क पर अचानक मांझा लगने से होती हैं.
कटी पतंग पकड़ने के लिए दौड़ें नहीं : कटी हुई पतंग के पीछे भागते समय ऊपर से आती डोर दिखाई नहीं देती, जिससे आंख और चेहरे पर चोट लग सकती है.
पतंगबाजी का मजा लेते समय आंखों की सुरक्षा को हल्के में न लें. मांझा आंख में लगने पर छोटी सी चोट भी कभी-कभी गंभीर हो सकती है, इसलिए दर्द, धुंधला दिखने या आंख में कट जैसी स्थिति में इंतजार करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ को दिखाना बेहतर है.
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