HPV Vaccine And Head-Neck Cancer: जब भी HPV (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन की बात होती है, ज्यादातर लोग इसे सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) से जोड़कर देखते हैं. लेकिन अब विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैक्सीन सिर और गर्दन के कुछ प्रकार के कैंसर के खतरे को भी कम करने में मदद कर सकती है. खासतौर पर गले के पिछले हिस्से, टॉन्सिल और जीभ के आधार में होने वाले कैंसर का संबंध HPV संक्रमण से पाया गया है.
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (Human Papillomavirus) एक आम वायरस है, जो आमतौर पर यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है. अधिकांश मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इस संक्रमण को खत्म कर देती है, लेकिन कुछ लोगों में वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रह सकता है. यही संक्रमण बाद में कैंसर का कारण बन सकता है.
क्यों बढ़ रहे हैं सिर और गर्दन के कैंसर के मामले?
सिर और गर्दन के कैंसर में मुंह, गला, वॉइस बॉक्स (लैरिंक्स), साइनस, नाक की गुहा (Nasal Cavity) और लार ग्रंथियों के कैंसर शामिल होते हैं. इनमें मुंह और गले के कैंसर सबसे ज्यादा पाए जाते हैं.
पारंपरिक रूप से तंबाकू और शराब का सेवन इन कैंसरों के सबसे बड़े जोखिम कारक माने जाते रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक धूम्रपान करने वाले और अधिक मात्रा में शराब पीने वाले लोगों में मुंह और गले के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
हालांकि पिछले कुछ दशकों में कई देशों में धूम्रपान की दर घटी है, फिर भी गले के कुछ कैंसरों के मामले बढ़ रहे हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके पीछे HPV संक्रमण एक प्रमुख वजह है. दुनिया भर में ओरोफैरिंजियल कैंसर (गले के पिछले हिस्से का कैंसर) के लगभग 30 प्रतिशत मामलों में HPV की भूमिका देखी गई है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, HPV हर साल दुनिया में लगभग 4.9 लाख सर्वाइकल कैंसर और करीब 30,000 ओरोफैरिंजियल (गले के पिछले हिस्से) कैंसर के मामलों से जुड़ा है. सिर और गर्दन के कैंसर के लगभग 25% मामलों में HPV संक्रमण पाया जाता है. विकसित देशों में ओरोफैरिंजियल कैंसर के 45% से 90% मामलों में HPV जिम्मेदार माना जाता है. इसके अलावा, HPV लगभग 24% लैरिंक्स (वॉइस बॉक्स) कैंसर और 23% ओरल कैविटी (मुंह) के कैंसर के मामलों में भी पाया गया है.
HPV वैक्सीन कैसे करती है बचाव?
HPV वैक्सीन शरीर को वायरस के सबसे खतरनाक प्रकारों से बचाने के लिए तैयार की गई है. जब व्यक्ति को संक्रमण होने से पहले यह वैक्सीन लग जाती है, तो शरीर वायरस के खिलाफ सुरक्षा विकसित कर लेता है. इससे HPV से जुड़े कैंसरों का जोखिम कम हो सकता है.
विशेषज्ञ 11 से 12 वर्ष की उम्र में लड़कों और लड़कियों दोनों को HPV वैक्सीन लगाने की सलाह देते हैं. जिन लोगों को बचपन में वैक्सीन नहीं लग पाई, वे 26 वर्ष की उम्र तक कैच-अप वैक्सीनेशन करवा सकते हैं.
बचाव ही सबसे बेहतर उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि HPV वैक्सीन कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके साथ-साथ तंबाकू से दूरी, शराब का सीमित सेवन और नियमित स्वास्थ्य जांच भी जरूरी है. जागरूकता और समय पर टीकाकरण न केवल सर्वाइकल कैंसर बल्कि HPV से जुड़े कई अन्य कैंसरों के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं.
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