इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम (NCRP) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सर्वाइकल कैंसर के नए मामलों में करीब 37% की गिरावट आई है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह जागरूकता बढ़ना, नियमित जांच और HPV वैक्सीन का इस्तेमाल बढ़ना बताया जा रहा है.
पहले और अब में कितना फर्क है?
पहले हर साल सर्वाइकल कैंसर के लगभग 1.27 लाख नए मामले आते थे। अब यह संख्या घटकर करीब 79 हजार रह गई है। इसे महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
Cervical cancer cases in India have dropped by 37% - from 1.27 lakh new cases annually to around 79,000. This encouraging shift shows the impact of timely screening, growing awareness and wider HPV vaccination coverage across India.
— AIIMS, New Delhi 🇮🇳 (@aiims_newdelhi) July 20, 2026
What's driving the change?
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डॉक्टर क्या कहते हैं?
AIIMS के डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अमिताभ शंकर के अनुसार, "सर्वाइकल कैंसर उन चुनिंदा कैंसरों में से है जिसे समय पर जांच और टीकाकरण से काफी हद तक रोका जा सकता है." उन्होंने बताया कि लोगों में जागरूकता बढ़ने, जांच की सुविधाएं बेहतर होने और HPV वैक्सीन के दायरे के बढ़ने से मामलों में कमी आई है.
जांच और HPV वैक्सीन से कैसे फायदा मिला?
- नियमित जांच: सर्वाइकल कैंसर की नियमित जांच से कैंसर बनने से पहले होने वाले बदलावों का पता चल जाता है. शुरुआती स्तर पर इलाज करने से कैंसर का खतरा बहुत कम हो जाता है.
- HPV वैक्सीन: यह वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानी HPV के उन खतरनाक प्रकारों से बचाती है जो सर्वाइकल कैंसर की मुख्य वजह होते हैं.
रिपोर्ट में और क्या कहा गया?
रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ना, सरकार की जागरूकता मुहिम और रोकथाम के कार्यक्रमों ने भी सर्वाइकल कैंसर कम करने में अहम भूमिका निभाई है.
अभी भी खतरा बना हुआ है
हालांकि मामलों में कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सर्वाइकल कैंसर अभी भी एक बड़ी समस्या है. खासकर गांवों और दूरदराज के इलाकों में जांच और HPV वैक्सीन की पहुंच अभी भी कम है. डॉक्टरों का मानना है कि किशोर लड़कियों को HPV वैक्सीन लगवाना, बड़े स्तर पर जांच कराना और बीमारी को शुरू में ही पकड़ना बहुत जरूरी है, इससे आने वाले समय में सर्वाइकल कैंसर के मामलों को और कम किया जा सकेगा.
सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण
- योनि से असामान्य खून आना
- रजोनिवृत्ति या संबंध बनाने के बाद खून आना
- पीरियड सामान्य से ज्यादा लंबे समय तक रहना
- असामान्य योनि से सफेद पानी आना
- संबंध बनाने के दौरान दर्द और खून आना
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
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