Lung Cancer: जब डैमेज सेल्स अनकंट्रोल्ड फॉर्म से विभाजित होती हैं, तो वे कोशिकाओं के ढेर बनाती हैं जिन्हें ट्यूमर भी कहा जाता है. ये ट्यूमर अंगों को ठीक से काम करने से रोकते हैं. फेफड़ों का कैंसर दुनिया भर में कैंसर से संबंधित मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2020 में, फेफड़ों के कैंसर ने लगभग 1.8 मिलियन लोगों की जान ले ली. फेफड़ों का कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, इससे फेफड़ों में कैंसर कोशिकाएं विकसित होने लगती हैं. ये अंततः फेफड़ों में ट्यूमर का कारण बनती हैं और अंग को काम करने से रोकती हैं. WHO का कहना है कि तम्बाकू (सिगरेट, सिगार और पाइप सहित) धूम्रपान करना फेफड़ों के कैंसर का प्राथमिक कारक है, यह धूम्रपान न करने वालों को भी प्रभावित कर सकता है. अन्य जोखिम कारकों में सेकेंड हैंड स्मोक, व्यावसायिक खतरे (जैसे एस्बेस्टस, रेडॉन और कुछ रसायन), वायु प्रदूषण, वंशानुगत कैंसर सिंड्रोम और पुरानी फेफड़ों की बीमारियां शामिल हैं.
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फेफड़ों के कैंसर से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं-
सांस की तकलीफ : अगर कैंसर कोशिकाएं बढ़ती हैं और वायु मार्ग को अवरुद्ध करती हैं, तो फेफड़ों के कैंसर से सांस की तकलीफ़ हो सकती है. इससे फेफड़ों और हार्ट के आसपास तरल पदार्थ जमा हो सकता है, इससे सांस छोड़ना मुश्किल हो जाता है.
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खून की खांसी : फेफड़ों के कैंसर में वायु मार्ग में भी रक्तस्राव होता है और इससे खांसी के साथ खून आता है. कई बार रक्तस्राव गंभीर हो सकता है.
दर्द: जब फेफड़ों का कैंसर फैलता है, तो यह गंभीर दर्द पैदा कर सकता है. यह फेफड़ों की परत या शरीर के किसी अन्य क्षेत्र, जैसे हड्डी तक फैल सकता है.
छाती में तरल पदार्थ : फेफड़ों के कैंसर से छाती में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिसे प्ल्यूरल इफ्यूजन भी कहा जाता है. यह तरल पदार्थ आमतौर पर प्रभावित फेफड़ों की गुहा के आस-पास जमा होता है. फुफ्फुस बहाव भी सांस की तकलीफ का कारण हो सकता है.
शरीर के अन्य भागों में फैलना : फेफड़ों का कैंसर आमतौर पर शरीर के अन्य भागों जैसे मस्तिष्क और हड्डियों में फैलता है. जब कैंसर फैलता है, तो यह दर्द, मतली, सिरदर्द और कई अन्य लक्षण पैदा कर सकता है. ये लक्षण कैंसर के प्रभावित अंग पर भी निर्भर करते हैं.
फेफड़ों के कैंसर को रोकने के उपाय
धूम्रपान बंद करें: धूम्रपान आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है और फेफड़ों के कैंसर जैसी फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है. इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप धूम्रपान बंद कर दें.
सांस लेने के व्यायाम: हर दिन सांस लेने के व्यायाम का अभ्यास करें. यह आपके फेफड़ों की क्षमता को बेहतर बनाने और आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करेगा.
एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें: सुनिश्चित करें कि इनडोर स्थान साफ और धूल से मुक्त हों. अपने घर को साफ और धूल से मुक्त रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें.
हेल्दी खाना खाएं : यह महत्वपूर्ण है कि आप स्वस्थ भोजन करें और यह आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने में सहायता करेगा. इसके अलावा, एक अच्छा आहार हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है और जब आपका हृदय स्वस्थ होता है, तो यह आपके फेफड़ों को भी स्वस्थ रखने का काम करता है.
रोज एक्सरसाइज करें : व्यायाम करने से आपके फेफड़े स्वस्थ रहते हैं और इसलिए, यह ज़रूरी है कि आप रोजाना व्यायाम करें. यह न सिर्फ आपके फेफड़ों के लिए अच्छा है, बल्कि आपके दिल और समग्र स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है.
वेप न करें : धूम्रपान की तरह ही, वेपिंग से भी बचना चाहिए. किसी भी तरह के तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है.
सेकंड हैंड स्मोकिंग से बचें : ऐसी जगहों से बचें जहां लोग धूम्रपान करते हैं, जैसे बार. अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहते हैं या काम करते हैं जो धूम्रपान करता है, तो उसे छोड़ने के लिए कहें. कम से कम, उसे बाहर धूम्रपान करने के लिए कहें.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं