Google AI Health Misinformation: आज के डिजिटल दौर में लोग छोटी-सी सेहत से जुड़ी परेशानी के लिए भी सबसे पहले गूगल पर सर्च करते हैं. बुखार हो, ब्लड रिपोर्ट समझनी हो या किसी टेस्ट की नॉर्मल रेंज जाननी हो, जवाब अक्सर कुछ सेकंड में स्क्रीन पर मिल जाता है. लेकिन, अब यही सुविधा सवालों के घेरे में है. हाल ही में एक जांच के बाद गूगल ने अपनी कई AI हेल्थ समरी (AI Overviews) हटा दी हैं, क्योंकि एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि ये समरी लोगों को गुमराह कर सकती हैं और उनकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं.
दरअसल, गूगल सर्च में AI ओवरव्यू का मकसद यह होता है कि यूज़र को सबसे ऊपर ही किसी सवाल का संक्षिप्त और आसान जवाब मिल जाए. लेकिन हेल्थ जैसे संवेदनशील विषय में यही शॉर्टकट कई बार गलतफहमी पैदा कर सकता है. जांच में सामने आया कि कई हेल्थ-रिलेटेड AI समरी या तो अधूरी थीं या जरूरी संदर्भ (context) के बिना जानकारी दे रही थीं.
ये भी पढ़ें: नींद में ही बीमारी का पता लगाएगा एआई डॉक्टर, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने विकसित की अनोखी तकनीक
जांच में क्या सामने आया?
इस महीने की शुरुआत में द गार्डिय ने एक इन्वेस्टिगेशन में गूगल के हेल्थ AI ओवरव्यू की पड़ताल की. रिपोर्ट के अनुसार, जब सवाल पूछा गया- लिवर ब्लड टेस्ट के लिए नॉर्मल रेंज क्या है?
तो AI ने जवाब तो दिया, लेकिन उसमें मरीज की उम्र, लिंग, नस्ल, मेडिकल हिस्ट्री या राष्ट्रीयता जैसे ज़रूरी पहलुओं का ज़िक्र नहीं किया.
जबकि हकीकत यह है कि लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) की नॉर्मल रेंज हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है. ऐसे में बिना पूरा संदर्भ दिए जवाब देना खतरनाक हो सकता है.
एक्सपर्ट्स को क्यों है चिंता?
मेडिकल एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि इस तरह की AI समरी से गंभीर रूप से बीमार लोग यह मान सकते हैं कि उनकी रिपोर्ट नॉर्मल है और वे डॉक्टर से फॉलो-अप कराने ही न जाएं. यह झूठा भरोसा (false reassurance) किसी की जान तक को खतरे में डाल सकता है.
गार्जियन की रिपोर्ट के बाद गूगल ने लिवर ब्लड टेस्ट के लिए नॉर्मल रेंज क्या है, लिवर फंक्शन टेस्ट के लिए नॉर्मल रेंज क्या है, जैसे सवालों पर दिखने वाले AI ओवरव्यू हटा दिए हैं.
ये भी पढ़ें: ना बिजली, ना महंगा हीटर! 4 ईंट और गमले से गर्म रहेगा पूरा कमरा, जान लीजिए कैसे बनाएं देसी जुगाड़
गूगल ने क्या कहा?
द इंडिपेंडेंट को दिए बयान में गूगल के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी किसी खास सर्च क्वेरी पर कमेंट नहीं करती. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ AI ओवरव्यू में संदर्भ की कमी पाई जाती है, वहाँ सुधार किए जाते हैं और ज़रूरत पड़ने पर पॉलिसी के तहत कार्रवाई होती है.
गूगल का यह भी दावा है कि कई मामलों में दी गई जानकारी पूरी तरह गलत नहीं थी और वह भरोसेमंद वेबसाइट्स से ली गई थी, जिसे कंपनी की इंटरनल क्लिनिशियन टीम ने रिव्यू किया.

हेल्थ चैरिटी ने क्या कहा?
British Liver Trust की कम्युनिकेशंस और पॉलिसी डायरेक्टर वैनेसा हेबडिच ने गूगल के इस कदम का स्वागत किया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि हेल्थ जैसी गंभीर जानकारी के लिए AI पर पूरी तरह भरोसा करना अभी भी जोखिम भरा है.
उनके मुताबिक, LFT कई अलग-अलग ब्लड टेस्ट का कलेक्शन होता है. सिर्फ नंबर देखकर यह तय करना कि सब ठीक है या नहीं, बहुत खतरनाक हो सकता है. AI ओवरव्यू टेस्ट की एक लिस्ट को बोल्ड में दिखा देते हैं, जिससे लोगों को लग सकता है कि यही अंतिम सच है, जबकि असल में ऐसा नहीं होता.
ये भी पढ़ें: दांत दर्द हो या माइग्रेन, इस किचन के मसाले से मिनटों में मिलेगा आराम, जान लें इस्तेमाल करने का सही तरीका
समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई:
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अगर सवाल को थोड़ा बदलकर पूछा जाए, जैसे- "LFT रेफरेंस रेंज" या "LFT टेस्ट रेफरेंस रेंज" तो कुछ मामलों में AI ओवरव्यू अब भी दिख रहे हैं. गूगल ने कहा है कि वह इन नए उदाहरणों की भी समीक्षा कर रहा है.
AI टेक्नोलॉजी ने जानकारी पाना आसान बना दिया है, लेकिन हेल्थ जैसे संवेदनशील मामलों में आधी-अधूरी जानकारी जानलेवा साबित हो सकती है. गूगल द्वारा AI हेल्थ समरी हटाना एक ज़रूरी कदम है, लेकिन एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं, सेहत से जुड़ा कोई भी फैसला सिर्फ AI के जवाब पर नहीं, बल्कि डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं