आज के दौर में किसी भी बीमारी, लक्षण या इलाज से जुड़ा पहला सवाल अक्सर डॉक्टर से नहीं, बल्कि गूगल से पूछा जाता है. सिर दर्द क्यों हो रहा है?, लिवर रिपोर्ट नॉर्मल है या नहीं?, डिप्रेशन का इलाज क्या है? ऐसे सवालों के जवाब अब सर्च रिजल्ट के सबसे ऊपर एआई ओवरव्यू (AI Overview) के जरिए मिल जाते हैं. यही वजह है कि यह फीचर हर महीने करीब 2 अरब लोगों तक पहुंच रहा है. लेकिन, हाल ही में आई एक जर्मन रिसर्च ने इस सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्टडी के मुताबिक, हेल्थ से जुड़े सवालों में गूगल का AI Overview, किसी मेडिकल वेबसाइट से ज्यादा यूट्यूब (YouTube) को कोट कर रहा है. यानी इलाज और सेहत से जुड़े जवाब अब डॉक्टरों या मेडिकल संस्थानों से ज्यादा वीडियो प्लेटफॉर्म से आ रहे हैं.
यह बात सुनने में भले ही मामूली लगे, लेकिन इसके असर बेहद गंभीर हो सकते हैं. क्योंकि हेल्थ की जानकारी में थोड़ी सी भी गलतफहमी किसी की जान तक खतरे में डाल सकती है.
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रिसर्च क्या कहती है?
बर्लिन से की गई इस रिसर्च में 50,000 से ज्यादा हेल्थ सवालों का विश्लेषण किया गया. नतीजा चौंकाने वाला था एआई ओवरव्यू (AI Overview) में सबसे ज्यादा बार यूट्यूब को सोर्स के तौर पर इस्तेमाल किया गया.
रिसर्चर्स का साफ कहना है कि यूट्यूब कोई मेडिकल पब्लिशर नहीं है, बल्कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां कोई भी कंटेंट डाल सकता है, चाहे वह डॉक्टर हो या बिना किसी मेडिकल ट्रेनिंग वाला इंफ्लुएंसर.
इसमें खतरा कहां है?
1. YouTube डॉक्टर नहीं है
YouTube पर अच्छे डॉक्टर और हॉस्पिटल चैनल जरूर मौजूद हैं, लेकिन वहां वेलनेस इंफ्लुएंसर भी हैं. घरेलू नुस्खे बताने वाले क्रिएटर भी और बिना मेडिकल जानकारी वाले लोग भी. AI यह साफ नहीं बताता कि वीडियो किस लेवल का एक्सपर्ट बना रहा है.
2. Popularity बनाम मेडिकल सच्चाई
AI Overview में अक्सर ज्यादा देखे गए वीडियो, ज्यादा शेयर हुए कंटेंट को प्राथमिकता मिलती है. जरूरी नहीं कि जो पॉपुलर है, वह सही हो.
3. गलत जानकारी से सीधा नुकसान
गार्जियन की एक जांच में सामने आया कि AI ने लिवर फंक्शन टेस्ट पर गलत जानकारी दी, जिससे गंभीर मरीज खुद को स्वस्थ समझ सकते थे. इसका मतलब है गलत self-diagnosis और इलाज में देरी.

4. Mental Health और Women's Health सबसे ज्यादा जोखिम में
डिप्रेशन, एंग्जायटी, पीरियड्स, हार्मोन या फर्टिलिटी जैसे मामलों में हर शरीर अलग होता है. एक वीडियो, सबके लिए काम नहीं करता. गलत सलाह मानसिक और शारीरिक दोनों नुकसान कर सकती है.
5. AI Overview का डिजाइन ही सवालों के घेरे में
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह कोई इक्का-दुक्का गलती नहीं, बल्कि AI Overview के डिजाइन में ही जोखिम है. जहां मेडिकल अथॉरिटी से ज्यादा विज़िबिलिटी मायने रखती है.
सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा?
- ग्रामीण इलाकों के लोग.
- बुजुर्ग.
- कम पढ़े-लिखे यूजर
इनके लिए AI और YouTube ही डॉक्टर बन सकते हैं, जो बेहद खतरनाक है.
यूजर्स को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
- AI जवाब को अंतिम सच न मानें
- गंभीर लक्षणों में डॉक्टर से जरूर मिलें.
- तुरंत इलाज या 100% इलाज वाले वीडियो से बचें.
- सरकारी और मेडिकल संस्थानों की वेबसाइट को प्राथमिकता दें.
AI Overview जैसी तकनीक जानकारी को आसान बनाती है, लेकिन जब बात सेहत की हो, तो सुविधा से ज्यादा सटीकता और भरोसा जरूरी होता है. अगर इलाज का आधार मेडिकल साइंस की जगह एल्गोरिदम और व्यूज बन जाएं, तो यह तकनीक मददगार नहीं, बल्कि खतरनाक साबित हो सकती है.
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