खाने के बाद कई लोगों को अचानक थकान, सुस्ती या मीठा खाने की इच्छा होने लगती है. इसकी बड़ी वजह होती है ब्लड शुगर का तेजी से बढ़ना. अगर लंबे समय तक ऐसा चलता रहे, तो आगे चलकर इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और दिल से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. वैसे तो सही डाइट बेहद जरूरी है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि खाने के बाद की गई हल्की फिजिकल एक्टिविटी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बड़ा रोल निभा सकती है. इसी से जुड़ी एक आसान आदत हाल ही में फ्रांस की मशहूर बायोकेमिस्ट Jessie Inchauspé, जिन्हें “Glucose Goddess” के नाम से जाना जाता है, ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की है.

यह आसान आदत क्या है? (What Is This Simple Habit)
jessie Inchauspé के मुताबिक, खाने के बाद करीब 20 मिनट तक स्क्वाट करना ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में मदद करता है. यह कोई भारी एक्सरसाइज नहीं है और न ही इसके लिए जिम जाने की जरूरत होती है. घर पर, ऑफिस में या कहीं भी, आराम से इसे किया जा सकता है.
खाने के बाद स्क्वाट क्यों फायदेमंद है? (Why Squats After Meals Help)
जब हम खाना खाते हैं, तो कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज में बदल जाते हैं और ब्लड शुगर बढ़ जाता है. हमारे पैरों की बड़ी मांसपेशियां, खासकर जांघ और हिप्स की मांसपेशियां, स्पंज की तरह काम करती हैं. जैसे ही ये मांसपेशियां एक्टिव होती हैं, ये खून से ग्लूकोज को खींचकर एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करती हैं. खाने के तुरंत बाद स्क्वाट करने से ब्लड शुगर का तेज उछाल कम होता है और शरीर पर मेटाबॉलिक दबाव नहीं पड़ता. Jessie Inchauspé के अनुसार, हल्की से मीडियम स्पीड में 20 मिनट तक स्क्वाट करना भी काफी असरदार होता है. इसके लिए जिम या भारी वजन उठाने की जरूरत नहीं होती.
खाने के बाद स्क्वाट कैसे करें? (How to Do Post-Meal Squats)
स्क्वाट करना आसान है और इसे कोई भी कर सकता है:
सीधे खड़े हो जाएं और पैरों को कंधों जितना खोल लें.
धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें और ऐसे बैठें जैसे कुर्सी पर बैठ रहे हों.
पीठ सीधी रखें और फिर वापस खड़े हो जाएं.
इसी प्रक्रिया को फिर से दोहराएं.
आप 20 मिनट तक स्क्वाट कर सकते हैं, थकान होने पर बीच-बीच में थोड़ा आराम भी ले सकते हैं. अगर पूरा स्क्वाट करना मुश्किल लगे, तो कुर्सी का सहारा लेकर या आधा स्क्वाट भी किया जा सकता है.
स्क्वाट करने के फायदे- (Health Benefits of Post-Meal Squats)
1. ब्लड शुगर स्पाइक्स कम करता है- (Reduces Blood Sugar Spikes)
स्क्वाट करने से ग्लूकोज सीधे मांसपेशियों में चला जाता है, जिससे खाने के बाद शुगर तेजी से नहीं बढ़ती.
2. इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है- (Improves Insulin Sensitivity)
नियमित स्क्वाट से शरीर इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल करता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होती है.
3. दिल की सेहत के लिए अच्छा- (Supports Heart Health)
ब्लड शुगर कंट्रोल में रहने से दिल पर दबाव कम पड़ता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है.
4. एनर्जी और पाचन में सुधार- (Boosts Energy and Digestion)
हल्की एक्टिविटी से आलस नहीं आता, पाचन बेहतर होता है और दिनभर एनर्जी बनी रहती है.
5. आसान और बिना खर्च का तरीका- (Easy and Equipment-Free)
स्क्वाट कहीं भी किया जा सकता है, जैसे घर, ऑफिस या छोटे से कमरे में भी.
बेहतर नतीजों के लिए टिप्स- (Additional Tips)
शुरुआत में 10–15 मिनट स्क्वाट करें और धीरे-धीरे 20 मिनट तक बढ़ाएं. साथ ही, प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर बैलेंस डाइट लें.
साइंस क्या कहती है? (Scientific Evidence)
मेडिकल रिसर्च बताती है कि खाने के बाद हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है. Jessie Inchauspé की सलाह भी उन्हीं साइंटिफिक एविडेंस पर आधारित है. मतलब साफ है कि डाइट बदले बिना भी, सिर्फ खाने के बाद थोड़ा सा मूवमेंट ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बड़ा फर्क ला सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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