बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कई लोगों को इस दौरान लगातार थकान, सुस्ती और नींद आने की शिकायत होने लगती है. सुबह उठने के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना, दिनभर उनींदापन रहना और काम पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना मानसून के दौरान आम समस्या बन सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव, कम धूप, ज्यादा नमी, बिगड़ी हुई दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं.
आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एंड एचओडी, रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन, डॉ. अक्षय बुधराजा ने कहा, “मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है और धूप कम मिलने के कारण कई लोगों की दिनचर्या और नींद का पैटर्न प्रभावित हो सकता है. लगातार बादल छाए रहने से शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी यानी सर्केडियन रिद्म पर भी असर पड़ सकता है, जिससे दिन में सुस्ती और नींद आने की समस्या महसूस होती है. हालांकि, यदि थकान लगातार बनी रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो इसे केवल मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.”
कम धूप और Vitamin D की कमी
मानसून के दौरान धूप कम निकलने के कारण लोग सूर्य की रोशनी के संपर्क में कम आते हैं. शरीर में Vitamin D का निर्माण सूर्य की रोशनी से जुड़ा होता है और इसकी कमी से थकान, कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि, हर व्यक्ति में थकान का कारण Vitamin D की कमी ही हो, यह जरूरी नहीं है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराई जा सकती है.
ज्यादा नमी से शरीर पर पड़ता है असर
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है. उमस के कारण शरीर को अपना तापमान नियंत्रित करने में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. इससे व्यक्ति को भारीपन, सुस्ती और कम ऊर्जा महसूस हो सकती है. इसके अलावा, कई लोग बारिश के कारण घर के अंदर अधिक समय बिताते हैं और शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे भी शरीर में आलस्य और थकान बढ़ सकती है.
नींद का पैटर्न भी हो सकता है प्रभावित
बारिश के दौरान देर तक सोना, दिन में लंबे समय तक झपकी लेना और रात में देर तक जागना नींद के चक्र को प्रभावित कर सकता है. इससे पर्याप्त घंटे सोने के बावजूद व्यक्ति को अगले दिन थकान और नींद महसूस हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना सोने और जागने का समय लगभग निश्चित रखना जरूरी है.
थकान और नींद से बचने के लिए क्या करें?
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें.
- रोजाना कम से कम 20-30 मिनट हल्की एक्सरसाइज, वॉक या स्ट्रेचिंग करें.
- संतुलित आहार लें, जिसमें प्रोटीन, फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों.
- दिन में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी लेने की कोशिश करें.
- रात में 7-9 घंटे की पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लें.
- दिन में लंबे समय तक सोने से बचें, क्योंकि इससे रात की नींद प्रभावित हो सकती है.
- बारिश के मौसम में तला-भुना और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन कम लें.
डॉ. ने कहा, “मानसून में कभी-कभी हल्की सुस्ती सामान्य हो सकती है, लेकिन लगातार कई सप्ताह तक रहने वाली थकान, अत्यधिक नींद, सांस फूलना, वजन में अचानक बदलाव, लगातार खर्राटे या नींद के बाद भी तरोताजा महसूस न होना किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.”
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पर्याप्त नींद, संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि के बावजूद थकान बनी रहती है, तो एनीमिया, थायरॉइड, Vitamin B12 या Vitamin D की कमी, नींद से जुड़ी समस्या अथवा अन्य स्वास्थ्य कारणों की जांच की आवश्यकता हो सकती है.
आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एंड एचओडी, रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन, डॉ. अक्षय बुधराजा
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