जल्दी वजन कम करने की चाह में आजकल कई लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting), क्रैश डाइट (Crash Diet) या बहुत कम कैलोरी वाली डाइट अपनाने लगे हैं. कई बार इन तरीकों से वजन तो तेजी से घट जाता है, लेकिन इसके साथ कुछ हेल्थ रिस्क भी बढ़ सकते हैं. इन्हीं में से एक है गॉलब्लैडर स्टोन (Gallbladder Stone), जिसे आम भाषा में पित्त की पथरी भी कहा जाता है, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या क्या यह सच है? इसी सवाल को ध्यान में रखते हुए एनडीटीवी ने डॉक्टर नितिन बंसल से बात की. डॉक्टर बंसल एक लैप्रोस्कोपिक, बैरिएट्रिक और जीआई (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) सर्जन हैं.
उनका कहना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वाले हर व्यक्ति को पथरी नहीं होती, लेकिन अगर वजन बहुत तेजी से घटे या लंबे समय तक बेहद कम खाना खाया जाए, तो इसका खतरा बढ़ सकता है.
तेजी से वजन घटाने से क्यों बढ़ सकता है खतरा?
डॉक्टर बंसल का कहना है कि जब शरीर बहुत तेजी से वजन कम करता है, तो फैट भी तेजी से टूटने लगता है. इससे लिवर (Liver) ज्यादा मात्रा में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) पित्त में छोड़ सकता है. अगर पित्त में कोलेस्ट्रॉल जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो धीरे-धीरे उसके कण जमा होकर गॉलब्लैडर स्टोन (Gallbladder Stone) बना सकते हैं.
वैसे, इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) अपने आप में नुकसानदायक नहीं मानी जाती. लेकिन अगर इसके दौरान बहुत लंबे समय तक कुछ न खाया जाए या कुल कैलोरी बहुत कम हो जाए, तो गॉलब्लैडर (Gallbladder) नियमित रूप से खाली नहीं हो पाता. ऐसे में पित्त ज्यादा देर तक जमा रहता है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है.
डॉक्टर आगे बताते हैं, कि क्रैश डाइट (Crash Diet) में बहुत कम कैलोरी ली जाती है, ताकि वजन जल्दी घटे. इससे शरीर को जरूरी पोषण भी नहीं मिल पाता. ऐसे में बहुत जल्दी, बहुत ज्यादा वजन घटाने की कोशिश गॉलब्लैडर स्टोन के साथ-साथ कमजोरी, मांसपेशियों के कम होने और दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम का कारण भी बन सकती है.

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किसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
डॉक्टर के मुताबिक अगर पहले से गॉलब्लैडर स्टोन की हिस्ट्री रही है, मोटापा है, डायबिटीज है या तेजी से वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो किसी भी डाइट प्लान को शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा. गर्भावस्था के बाद या बैरिएट्रिक सर्जरी (Bariatric Surgery) के बाद तेजी से वजन घटने वाले लोगों में भी यह खतरा ज्यादा देखा गया है.
इसमें कोई शक नहीं कि ज्यादा वजन स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता. लेकिन इसे धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से घटना सुरक्षित होता है. हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और जरूरत के हिसाब से कैलोरी कम करने से वजन भी घटता है और पथरी जैसी दिक्कतों का खतरा भी कम रहता है.
Intermittent Fasting के दौरान पित्त की पथरी क्यों बन सकती है?
डॉक्टर के मुताबिक, इंटरमिटेंट फास्टिंग अपने आप में नुकसानदायक नहीं मानी जाती. हालांकि, लंबे समय तक कुछ न खाने या बहुत कम कैलोरी लेने से गॉलब्लैडर नियमित रूप से खाली नहीं हो पाता. इससे पित्त जमा होने लगता है और कुछ मामलों में पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है.
Gallbladder Stone के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
गॉलब्लैडर स्टोन के शुरुआती लक्षणों में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, खासकर तैलीय भोजन के बाद बेचैनी, मतली, उल्टी और अपच जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं. हालांकि, कई लोगों में लंबे समय तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते.
किसे Crash Diet से बचना चाहिए?
डॉक्टर के अनुसार जिन लोगों को पहले से गॉलब्लैडर स्टोन की हिस्ट्री है, मोटापा है, डायबिटीज है या जो तेजी से वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें किसी भी क्रैश डाइट या अत्यधिक प्रतिबंध वाली डाइट शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
Safe Weight Loss के लिए डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि वजन धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से कम करना सबसे सुरक्षित तरीका है. हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और जरूरत के अनुसार नियंत्रित कैलोरी डेफिसिट अपनाने से वजन भी घटता है और पित्त की पथरी जैसी समस्याओं का जोखिम भी कम रहता है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या Intermittent Fasting से पित्त की पथरी (Gallbladder Stone) हो सकती है?
Intermittent Fasting नुकसानदायक नहीं है, लेकिन अगर लंबे समय तक बहुत कम कैलोरी ली जाए या काफी देर तक कुछ न खाया जाए, तो गॉलब्लैडर नियमित रूप से खाली नहीं हो पाता. इससे कुछ लोगों में पित्त की पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है.
क्या तेजी से वजन घटाने से Gallbladder Stone का खतरा बढ़ जाता है?
डॉक्टर के अनुसार जब शरीर का वजन बहुत तेजी से घटता है, तो फैट भी तेजी से टूटता है. इससे पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है, जो आगे चलकर पथरी बनने का कारण बन सकती है.
Crash Diet क्यों नुकसानदायक मानी जाती है?
Crash Diet में बहुत कम कैलोरी ली जाती है, जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते. इसके अलावा, तेजी से वजन घटने के कारण पित्त की पथरी, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है.
किन लोगों को Crash Diet या Extreme Weight Loss से बचना चाहिए?
जिन लोगों को पहले से गॉलब्लैडर स्टोन की हिस्ट्री है, मोटापा है, डायबिटीज है या जो बहुत तेजी से वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें ऐसी डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए.
Bariatric Surgery के बाद पित्त की पथरी का खतरा बढ़ सकता है क्या?
डॉक्टर के मुताबिक, Bariatric Surgery के बाद तेजी से वजन कम होने वाले लोगों में भी Gallbladder Stone का खतरा अपेक्षाकृत अधिक देखा गया है.
Gallbladder Stone के सामान्य लक्षण क्या होते हैं?
Gallbladder Stone होने पर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, विशेषकर तैलीय भोजन के बाद असहजता, मतली, उल्टी और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि कई मामलों में लंबे समय तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते.
वजन घटाने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार वजन को धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से कम करना सबसे सुरक्षित माना जाता है. हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और जरूरत के अनुसार कैलोरी कम करने से वजन भी घटता है और पथरी जैसी समस्याओं का जोखिम भी कम रहता है.
क्या हर व्यक्ति को Intermittent Fasting से पथरी हो जाती है?
नहीं, डॉक्टर के अनुसार Intermittent Fasting करने वाले हर व्यक्ति को पथरी नहीं होती. जोखिम मुख्य रूप से तब बढ़ता है जब वजन बहुत तेजी से घटे या लंबे समय तक बहुत कम भोजन लिया जाए.
क्या वजन कम करना बंद कर देना चाहिए अगर पथरी का डर हो?
नहीं, डॉक्टर का कहना है कि वजन कम करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसे धीरे-धीरे और सही तरीके से करना चाहिए ताकि पथरी और अन्य जटिलताओं का खतरा कम रहे.
Intermittent Fasting शुरू करने से पहले क्या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर आपको डायबिटीज, मोटापा, गॉलब्लैडर स्टोन की हिस्ट्री है या आप किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त हैं, तो Intermittent Fasting या किसी भी Weight Loss Diet को शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर होगा.
लेखक के बारे में : डॉ. नितिन कुमार बंसल एक प्रतिष्ठित लेप्रोस्कोपिक, बैरिएट्रिक एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) सर्जन हैं, जिन्हें एडवांस्ड मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है. वे हरियाणा में लेप्रोस्कोपिक बैरिएट्रिक सर्जरी के अग्रणी सर्जनों में गिने जाते हैं और मरीजों को सुरक्षित, आधुनिक एवं प्रभावी सर्जिकल उपचार प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं.
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