हार्ट की गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक मरीज के लिए गुरुवार की शाम उम्मीद लेकर आई. हरियाणा के रोहतक में एक व्यक्ति के अंगदान के फैसले ने दिल्ली में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे मरीज को नया मौका दे दिया. इसी उम्मीद को समय पर पहुंचाने के लिए गुरुवार शाम एक डोनर हार्ट को 95 किलोमीटर दूर रोहतक से दिल्ली लाया गया और सिर्फ 63 मिनट में उसका सफर पूरा कर लिया गया. यहां जानते हैं क्या है पूरी खबर-
कैसे शुरू हुआ जीवन बचाने का ये मिशन?
हॉस्पिटल को नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) नेटवर्क की ओर से सुबह सूचना मिली कि रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) में एक डोनर हार्ट उपलब्ध है. इसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत ऐसे मरीज की पहचान की, जिसे इस हार्ट की सबसे ज्यादा जरूरत थी.

मेडिकल जांच और जरूरी परमिशन के बाद दिल्ली से एक्सपर्ट डॉक्टर्स की टीम रोहतक के लिए रवाना हुई. इस समय एक एक मिनट की कीमत थी, क्योंकि शरीर से बाहर निकाले जाने के बाद हार्ट को सीमित समय के अंदर मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित करना जरूरी होता है.
95 किलोमीटर का सफर सिर्फ 63 मिनट में पूरा
डोनर हार्ट को शाम 7:20 बजे रोहतक के PGIMS से निकाला गया. मेडिकल टीम करीब 7:40 बजे अंग को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई. इसके लिए हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने मिलकर 95 किलोमीटर लंबा इंटर-स्टेट ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया.
ग्रीन कॉरिडोर की वजह से एंबुलेंस को रास्ते में कहीं रुकना नहीं पड़ा और रात 8:43 बजे डोनर हार्ट दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंच गया. इस तरह लगभग 95 किलोमीटर की दूरी महज 63 मिनट में तय कर ली गई.
STORY | Donor heart transported 95 km from Haryana to Delhi in 63 minutes for transplant
— Press Trust of India (@PTI_News) September 17, 2026
A donor heart was transported from Rohtak to Delhi through a 95-km inter-state green corridor in 63 minutes on Thursday for an emergency transplant at a private hospital in Shalimar Bagh,… pic.twitter.com/6YneHopJfc
एक परिवार का दुख, दूसरे की खुशी की बना वजह
अंगदान की हर कहानी भावनाओं से जुड़ी होती है. एक ओर वह परिवार था, जिसने अपना प्रियजन खो दिया. वहीं, दूसरी ओर ऐसा परिवार था, जो अपनों की धड़कन बचाने की उम्मीद में हर पल इंतजार कर रहा था.
डॉक्टर्स का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के मृत्यु के बाद किया गया अंगदान का फैसला, कई लोगों को नया जीवन दे सकता है. इसी वजह से डोनर का ये हार्ट अब किसी दूसरे व्यक्ति के सीने में धड़ककर उसकी जिंदगी को नई शुरुआत देने वाला है.
अंगदान से बच सकती हैं कई जिंदगियां
डॉक्टर कहते हैं कि अगर आप का मानना है कि भारत में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. एक डोनर कई लोगों को नई जिंदगी दे सकता है. रोहतक से दिल्ली पहुंचा यह डोनर हार्ट सिर्फ मेडिकल सफलता की कहानी नहीं, बल्कि मानवता, उम्मीद और जीवन के प्रति एक अनमोल मैसेज भी है.
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