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कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या फर्क है? 90% लोग आज भी करते हैं ये बड़ी गलती

Cardiac Arrest vs Heart Attack: कई लोग कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक को एक ही समझ लेते हैं. क्या होता है दोनों में फर्क और इमरजेंसी में सबसे पहले क्या करना चाहिए? आइए यहां जानिए सब कुछ.

कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या फर्क है? 90% लोग आज भी करते हैं ये बड़ी गलती
Cardiac Arrest vs Heart Attack: इन दोनों के बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है.

Cardiac Arrest And Heart Attack: आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग इनके बारे में सही जानकारी नहीं रखते. अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों बिल्कुल अलग कंडीशन्स हैं. यही गलतफहमी कई बार जानलेवा साबित हो जाती है, क्योंकि सही समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता. मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश त्रेहान के अनुसार, इन दोनों के बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है. अगर आप यह अंतर जान लेंगे, तो आप न सिर्फ खुद को बल्कि दूसरों की भी जान बचा सकते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इन दोनों में असली फर्क क्या है.

हार्ट अटैक क्या होता है? | What is a Heart Attack?

हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों (कोरोनरी आर्टरी) में ब्लॉकेज आ जाता है. इससे दिल के किसी हिस्से को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वह हिस्सा धीरे-धीरे डैमेज होने लगता है.

हार्ट अटैक के लक्षण क्या हैं? | What Are the Symptoms of a Heart Attack?

  • सीने में दर्द या दबाव
  • दर्द का कंधे, हाथ या जबड़े तक जाना
  • सांस फूलना
  • पसीना आना

इसमें दिल धड़कता रहता है, लेकिन खून का फ्लो कम हो जाता है.

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कार्डिएक अरेस्ट क्या होता है? | What is a Cardiac Arrest?

कार्डिएक अरेस्ट एक अचानक होने वाली स्थिति है, जिसमें दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है. यह इलेक्ट्रिकल सिस्टम की गड़बड़ी के कारण होता है.

कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण क्या होते हैं? | What Are the Symptoms of Cardiac Arrest?

  • अचानक बेहोशी
  • सांस रुक जाना
  • नाड़ी (Pulse) महसूस न होना

इसमें व्यक्ति कुछ ही सेकंड में गिर सकता है और तुरंत इलाज न मिले तो मौत हो सकती है.

दोनों में सबसे बड़ा फर्क:

हार्ट अटैककार्डिएक अरेस्ट
ब्लड फ्लो रुकता है.दिल की धड़कन रुकती है.
मरीज होश में रह सकता है.मरीज तुरंत बेहोश हो जाता है.
इलाज के लिए थोड़ा समय मिलता है.तुरंत CPR और शॉक (Defibrillator) जरूरी.

लोग कहां करते हैं गलती?

90% लोग यही सोचते हैं कि हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट एक ही चीज है. इसी कारण वे सही समय पर CPR नहीं देते, एम्बुलेंस बुलाने में देरी करते हैं, लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं.

डॉ. त्रेहान के अनुसार, "कार्डिएक अरेस्ट में हर सेकंड कीमती होता है. अगर तुरंत CPR शुरू कर दिया जाए, तो जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है."

क्या हार्ट अटैक से कार्डिएक अरेस्ट हो सकता है? | Can a Heart Attack Lead to Cardiac Arrest?

हां, अगर हार्ट अटैक का इलाज समय पर न हो, तो यह कार्डिएक अरेस्ट में बदल सकता है. इसलिए हार्ट अटैक को भी हल्के में लेना बहुत खतरनाक है.

इमरजेंसी में क्या करें?

  • तुरंत एम्बुलेंस कॉल करें.
  • मरीज को सीधा लिटाएं.
  • अगर सांस नहीं चल रही तो CPR शुरू करें.
  • आसपास AED मशीन हो तो उसका उपयोग करें.

हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट दोनों गंभीर स्थितियां हैं, लेकिन इनका कारण और इलाज अलग है. सही जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है. अगर आप इन दोनों के बीच का फर्क समझ लेते हैं, तो आप इमरजेंसी में सही कदम उठा सकते हैं और किसी की जान बचा सकते हैं.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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