Corona Virus Update: कोरोना वायरस में फिर दस्तक दी है. एशिया के कई देशों समेत भारत में भी कुछ मामले सामने आए हैं. मुबई नगर निगम (बीएमसी) ने सोमवार को लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, खासकर गंभीर बीमारियों के मद्देनजर यह एडवाइजरी तब जारी की गई, जब सिंधुदुर्ग और डोंबिवली की दो महिलाओं की रविवार को शहर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उनकी कई गंभीर बीमारियों (हाइपोकैल्सीमिक दौरे के साथ नेफ्रोटिक सिंड्रोम, कैंसर) के कारण मौत हो गईं. बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि उनकी मौत कोविड-19 के कारण नहीं हुई है. बीएमसी ने कहा, "कोविड-19 को अब एक इंडेमिक और परसिस्टेंस वाली स्वास्थ्य समस्या माना जाता है. चूंकि वायरस कम्युनिटी लेवल पर फैल चुका है, इसलिए कोविड-19 के मामले अब छिटपुट और बहुत कम हैं."
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मुंबई नगर निगम पूरी तरह से तैयार
मुंबई नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 के प्रसार पर लगातार नजर रख रहा है ताकि इसे कंट्रोल में रखा जा सके. "जनवरी 2025 से अप्रैल 2025 तक कोविड-19 रोगियों की संख्या बहुत कम रही है. मई से कुछ रोगी देखे गए हैं, हालांकि, मुंबई नगर निगम प्रशासन नागरिकों से इस संबंध में न घबराने की अपील कर रहा है," बीएमसी के अनुसार, नागरिक अस्पतालों में इलाज और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसमें सेवन हिल्स अस्पताल में 20 बेड (एमआईसीयू), बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए 20 बेड और 60 सामान्य बेड हैं. कस्तूरबा अस्पताल में दो गहन देखभाल (आईसीयू) बेड और 10 बेड का एक विशेष वार्ड है, जिसकी तुरंत क्षमता बढ़ाई जा सकती है.
कोविड-19 के सामान्य लक्षण
"कोविड-19 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी (सूखी या कफ के साथ), गले में खराश या दर्द, थकान, शरीर में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं. लक्षणों में बहती नाक, नाक बहना और स्वाद या गंध का न आना भी शामिल हो सकता है. ये लक्षण अक्सर सामान्य सर्दी के समान हो सकते हैं और हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं. गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई एक प्रमुख चेतावनी संकेत है," बीएमसी ने सलाह दी.
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सावधानी बरतें
बीएमसी ने आगे कहा, कि उचित सावधानी बरतकर कोविड-19 को रोका जा सकता है. खासकर गंभीर बीमारियों और कम प्रतिरक्षा वाले रोगियों, जैसे कि कैंसर, बुजुर्ग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और लिवर डिजीज को उचित सावधानी बरतनी चाहिए.
बीएमसी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि अगर उन्हें बुखार, खांसी (सूखी या कफ के साथ), गले में खराश या दर्द, थकान, शरीर में दर्द और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो वे नगर निगम के क्लिनिक, अस्पताल या फैमिली डॉक्टर से परामर्श लें.
किन देशों में बढ़ रहे कोविड के मामले?
एशिया के कई हिस्सों में, खास तौर पर घनी आबादी वाले सिंगापुर, हांगकांग, चीन और थाईलैंड में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में लोगों का ध्यान इस ओर गया है कि इस उछाल के पीछे नया कारण क्या है: JN.1 वैरिएंट, जो ओमिक्रॉन का एक सब-वैरिएंट है. JN.1 तेजी से दुनिया भर में प्रचलन में सबसे प्रचलित स्ट्रेन में से एक बन गया है.
कोरोना का JN.1 वेरिएंट क्या है?
चीन, सिंगापुर, थाइलैंड में फैल रहे कोरोना वायरस का नया वेरिएंट JN.1 है. इन देशों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ओमिक्रोन के नए वेरिएंट JN1 और उसके सब-वेरिएंट्स LF7 और NB1.8 को इस बार वायरस संक्रमण के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है. JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन BA.2.86 वंश का वंशज है. जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के मुताबिक, इस वेरिएंट की खोज पहली बार अगस्त 2023 में हुई थी. इसमें करीब 30 म्यूटेशन हैं, जो इसे प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने में मदद करते हैं.ये एडिशनल वन और टू म्यूटेशनन्स के जरिए आसानी से ट्रांसमिट होने की क्षमता रखता है. हालांकि, कोरोनावायरस का BA.2.86 वेरिएंट कभी भी SARS-CoV-2 वेरिएंट के ग्रुप में हावी नहीं हुआ.
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कोविड का JN.1 वेरिएंट कितना खतरनाक?
अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा कोई सबूत अब तक मिला नहीं है जिससे ये कहा जा सके कि ये वेरिएंट पहले से ज्यादा खतरनाक है. या फिर ये ज्यादा तेजी से फैल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि कमजोर इम्यूनिटी वालों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है. ऐसे लोगों को ये आसानी से अपना निशाना बना सकता है.
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