Every Woman Should Do These Blood Tests: महिलाओं की सेहत जीवन के अलग-अलग चरणों में कई बदलावों से गुजरती है. किशोरावस्था से लेकर मेनोपॉज तक शरीर में हार्मोनल बदलाव लगातार होते रहते हैं. इसके अलावा पीरियड्स, गर्भावस्था, तनाव और बदलती जीवनशैली का असर भी स्वास्थ्य पर पड़ता है. कई बार शरीर के अंदर कोई समस्या धीरे-धीरे विकसित हो रही होती है, लेकिन उसके शुरुआती संकेत इतने सामान्य होते हैं कि महिलाएं उन्हें नजरअंदाज कर देती हैं. थकान, कमजोरी, बाल झड़ना, वजन बढ़ना या कम होना जैसी समस्याएं कई बार किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती हैं. ऐसे में विशेषज्ञ नियमित हेल्थ चेकअप और जरूरी ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं. साल में एक बार कराई गई कुछ जांचें शरीर की अंदरूनी स्थिति को समझने और कई बीमारियों का समय रहते पता लगाने में मदद कर सकती हैं.
क्यों जरूरी हैं ब्लड टेस्ट?
जयपुर के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रतिमा पोद्दार बताती हैं कि महिलाओं को अपनी सेहत की नियमित निगरानी के लिए साल में कम से कम एक बार कुछ जरूरी ब्लड टेस्ट जरूर कराने चाहिए. उनके अनुसार कई स्वास्थ्य समस्याएं शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित हो सकती हैं, इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी है.
CBC टेस्ट
कम्पलीट ब्लड काउंट यानी CBC महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण जांचों में से एक माना जाता है. इससे शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर, रक्त कोशिकाओं की स्थिति और एनीमिया जैसी समस्याओं का पता लगाया जा सकता है. महिलाओं में आयरन की कमी काफी आम होती है, इसलिए यह टेस्ट विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है.
ब्लड शुगर टेस्ट
डायबिटीज अब केवल बढ़ती उम्र की बीमारी नहीं रह गई है. खराब खानपान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण कम उम्र की महिलाओं में भी इसका खतरा बढ़ रहा है. नियमित ब्लड शुगर जांच से समय रहते जोखिम की पहचान की जा सकती है.
थायरॉयड प्रोफाइल
डॉ. प्रतिमा पोद्दार के अनुसार TSH, T3 और T4 जैसे थायरॉयड टेस्ट भी महिलाओं के लिए जरूरी हैं. थायरॉयड असंतुलन की वजह से थकान, वजन में बदलाव, बाल झड़ना और मूड स्विंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
लिपिड प्रोफाइल
यह जांच शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर की जानकारी देती है. इससे हृदय रोगों के खतरे का आकलन करने में मदद मिल सकती है. खासकर 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को इस जांच पर ध्यान देना चाहिए.
विटामिन D और B12 टेस्ट
आजकल विटामिन D और B12 की कमी काफी आम हो गई है. इनकी कमी से कमजोरी, सुस्ती, मांसपेशियों में दर्द और एनर्जी की कमी महसूस हो सकती है. इसलिए साल में एक बार इनकी जांच भी करानी चाहिए.
कब तुरंत जांच करानी चाहिए?
अगर लगातार थकान, चक्कर आना, बाल झड़ना, अचानक वजन बढ़ना या घटना, बार-बार बीमार पड़ना या पीरियड्स में असामान्य बदलाव महसूस हो रहे हैं, तो ब्लड टेस्ट कराने में देरी नहीं करनी चाहिए.
सेहतमंद रहने के लिए क्या करें?
नियमित जांच के साथ संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और रोजाना व्यायाम भी जरूरी है. किसी भी स्वास्थ्य संकेत को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है.
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