Stomach Heart Connection: अक्सर पेट में गैस, भारीपन या सीने में जलन को हम मामूली समस्या मानकर टाल देते हैं. लोग सोचते हैं कि यह बस खाने-पीने की गड़बड़ी है और थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी. लेकिन, मेडिकल साइंस बताती है कि कुछ हालात में पेट की समस्या दिल के लिए भी खतरा बन सकती है, खासकर बुजुर्गों और पहले से हार्ट रिस्क वाले लोगों में. हाल ही में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सामने आई एक घटना ने इसी खतरे की ओर ध्यान खींचा है, जहां गैस के बाद हार्ट अटैक की आशंका जताई गई.
क्या है पूरा मामला?
बिजनौर के ग्राम उमरी के एक 56 साल के व्यक्ति की मौत हो गई. परिजनों ने पुलिस को बताया कि व्यक्ति घर में अकेले थे और वह मृत अवस्था में पाए गए हैं. क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार ने फोन पर बताया कि डॉक्टर ने बताया की मौत हार्ट अटैक होने से हुई है खाना खाने के बाद गैस बना और गैस बनने के कारण हार्ट अटैक होने से व्यक्ति की मौत हो गई.
शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी तरह की चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले. आशंका जताई गई कि तेज गैस बनने के बाद हार्ट अटैक आया. भले ही हर गैस की समस्या हार्ट अटैक का कारण नहीं बनती, लेकिन यह घटना बताती है कि कुछ मामलों में गैस को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है.

गैस से हार्ट अटैक पर क्या बोले डॉक्टर?
क्या वाकई पेट में गैस बनने से हार्ट अटैक हो सकता है? डॉ. अमित मिगलानी फरीदाबाद, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIMS) के एक वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया कि आमतौर पर यह संभव नहीं है. गैस और हार्ट अटैक का कोई कनेक्शन नहीं है. यह हार्ट अटैक ही है जिसका संबंध गैस से जोड़ा जा रहा है. बहुत से लोग छाती में दर्द को गैस की समस्या समझ लेते हैं. डायबिटिक पेशेंट्स या दिल के मरीजों को अगर छाती में दर्द हो रहा है तो उसे गैस की समस्या न समझें. अगर दर्द बरकरार है, तो डॉक्टर के पास जाएं.
पेट और दिल का कनेक्शन क्या है?
पेट और दिल सीधे तौर पर वागस नर्व (Vagus Nerve) के जरिए जुड़े होते हैं. जब पेट में ज्यादा गैस, सूजन या दबाव बनता है, तो यह नर्व प्रभावित हो सकती है. इससे दिल की धड़कन धीमी या इर्रेगुलर हो सकती है, ब्लड प्रेशर में बदलाव आ सकता है और कुछ सेंसिटिव लोगों में सीने में दर्द या घबराहट हो सकती है. बुजुर्गों और हार्ट पेशेंट्स में यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो जाती है.

कब गैस सिर्फ गैस नहीं रहती?
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
- गैस या भारीपन के साथ सीने में दर्द.
- दर्द का बाएं हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलना.
- पसीना, घबराहट, चक्कर.
- उलटी या तेज बेचैनी.
- आराम करने पर भी दर्द का न जाना.
ऐसे लक्षण दिखें तो इसे सिर्फ गैस मानकर बैठना खतरनाक हो सकता है.
किसे ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
- 50 साल से ज्या उम्र के लोग.
- हाई बीपी, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल वाले.
- पहले हार्ट की समस्या झेल चुके मरीज.
- जो लोग देर रात भारी भोजन करते हैं.
- लंबे समय तक एसिडिटी या गैस से परेशान रहते हैं.

खाने-पीने की आदतों में क्या सुधार करें?
- दालें और राजमा जैसी चीजें भिगोकर पकाएं.
- बहुत तैलीय और मसालेदार खाना कम करें.
- रात का खाना हल्का और समय पर लें.
- खाने के बाद तुरंत लेटने से बचें.
- बार-बार गैस हो तो डॉक्टर से सलाह लें.
हर गैस हार्ट अटैक का कारण नहीं होती, लेकिन गलत समय पर गैस को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है. इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझें, सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत मेडिकल मदद लें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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