स्कॉटलैंड के एक समुद्र तट पर साधारण सी सैर उस समय ऐतिहासिक खोज में बदल गई जब एक कपल को रेत में पुराने पैरों के निशान दिखाई दिए. बाद में जांच में पता चला कि ये निशान लगभग 2000 साल पुराने हैं. इस खोज के बाद पुरातत्वविदों ने तुरंत वहां पहुंचकर खुदाई और अध्ययन शुरू कर दिया.
कुत्तों को घुमाते समय दिखे निशान
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, यह घटना स्कॉटलैंड के पूर्वी तट पर स्थित लूनन बे (Lunan Bay) में हुई. स्थानीय निवासी आइवर कैंपबेल और जेनी स्नेडन अपने कुत्तों जिग्गी और जूनो को घुमा रहे थे, तभी उनकी नजर रेत में बने साफ-साफ पैरों के निशानों पर पड़ी. उन्हें यह कुछ अलग लगा, इसलिए उन्होंने इस बारे में स्थानीय काउंसिल के पुरातत्व विशेषज्ञ ब्रूस मान को जानकारी दी. मान ने तुरंत इसकी गंभीरता को समझा और यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया.
मुश्किल हालात में काम करने पहुंचे वैज्ञानिक
इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन की प्रोफेसर केट ब्रिटन के नेतृत्व में पुरातत्वविदों की टीम मौके पर पहुंची. टीम इतनी जल्दी में थी कि रास्ते में ही एक क्राफ्ट स्टोर से प्लास्टर ऑफ पेरिस खरीदकर लाई, ताकि पैरों के निशानों की ढलाई की जा सके. जब वैज्ञानिक वहां पहुंचे तो तेज हवाएं चल रही थीं, जिनकी रफ्तार करीब 55 मील प्रति घंटा थी. प्रोफेसर ब्रिटन ने बताया कि काम करते समय ऐसा लग रहा था जैसे रेत की बारिश हो रही हो. यह उनके करियर के सबसे मुश्किल अनुभवों में से एक था.
2000 साल पुराने हैं ये पदचिन्ह
वैज्ञानिकों के अनुसार ये पैरों के निशान पहली सदी ईस्वी के आसपास के हैं. रेडियोकार्बन डेटिंग से पुष्टि हुई कि इनकी उम्र लगभग 2000 साल है. उस समय दुनिया में कई ऐतिहासिक घटनाएं हो रही थीं, जैसे रोमन साम्राज्य का विस्तार. हालांकि, अब समुद्र की लहरों ने इस जगह के अधिकांश हिस्से को मिटा दिया है, लेकिन वैज्ञानिकों ने इन निशानों का रिकॉर्ड तैयार कर लिया. उन्होंने पैरों के निशानों का नक्शा बनाया, 3D मॉडल तैयार किए और उनकी ढलाई भी की.
बेहद दुर्लभ खोज
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के पैरों के निशान पहले इंग्लैंड में मिल चुके हैं, लेकिन स्कॉटलैंड में यह पहली बार हुआ है. वैज्ञानिकों ने बताया कि कुछ संकेत बताते हैं कि ये निशान वास्तव में प्राचीन हैं. इनमें अर्ध-जीवाश्म मिट्टी, पहले से ढकी हुई जमीन और तलछटी परतों के बीच बने पदचिन्ह शामिल हैं. तीन दिनों की मेहनत के बाद टीम ने इस स्थल का पूरा दस्तावेज तैयार कर लिया. कुछ ही दिनों बाद समुद्र की लहरों ने इस जगह के अधिकांश हिस्से को ढक लिया. पुरातत्वविदों के अनुसार, यह खोज इतनी दुर्लभ है कि इसे करियर में एक बार मिलने वाला अनुभव माना जाता है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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