Apollo Athenaa : हमारे देश समेत दुनिया भर में महिलाओं में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. ऐसे में कैंसर के इलाज का फोकस अब सिर्फ ट्यूमर या बीमारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मरीज की पूरी शारीरिक, मानसिक, फर्टिलिटी मैनेजमेंट और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा रहा है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए अपोलो हॉस्पिटल के महिला-केंद्रित कैंसर इंस्टीट्यूट (Apollo Athenaa Women's Cancer Centre) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.
सेंटर की स्थापना के बाद से अब तक करीब 30,000 से अधिक महिलाओं की देखभाल की है. ये मरीज देश के 110 से अधिक शहरों से यहां इलाज कराने पहुंचे. इसके साथ ही संस्थान ने 1,000 से अधिक कैंसर सर्जरी, 4,000 से ज्यादा कीमोथेरेपी साइकिल, 100 से अधिक प्लास्टिक और ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन प्रोसेस और 120 से अधिक VABB (Vacuum Assisted Breast Biopsy) परोसेस सफलतापूर्वक पूरी की हैं.
इलाज के लिए आधुनिक तकनीक का हो रहा इस्तेमाल
अपोलो एथेना में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर और स्त्री रोग संबंधी कैंसर के इलाज की पूरी व्यवस्था एक ही छत के नीचे उपलब्ध है. यहां अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें कुछ चीजें शामिल हैं, जैसे-
- AI आधारित ब्रेस्ट इमेजिंग और जांच
- एडवांस डायग्नोस्टिक्स
- नेक्स्ट जेनरेशन जीनोमिक टेस्टिंग
- मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक सर्जरी
- जटिल स्त्री रोग कैंसर के लिए स्पेशल रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम
केंद्र का AI-संचालित कैंसर नेविगेशन प्रोग्राम मरीज की पूरी उपचार यात्रा को व्यवस्थित करने में मदद करता है, जिससे जांच, डॉक्टरों की सलाह और इलाज से जुड़े विभिन्न चरणों में बेहतर समन्वय संभव हो पाता है.
लिंफेडेमा जैसी समस्याओं पर भी विशेष ध्यान
कैंसर के इलाज के बाद कई महिलाओं को लिंफेडेमा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसे ध्यान में रखते हुए अपोले एथेना ने लिम्फैटिक एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क (Lymphatic Education & Research Network) से मान्यता प्राप्त एक विशेष लिंफेडेमा क्लीनिक भी विकसित की है.
इस क्लिनिक में मरीजों को डायग्नोज, थेरेपी, रिहैबिलिटेशन, माइक्रोसर्जरी और लंबे समय तक फॉलो-अप जैसी सेवाएं दी जाती हैं. इसका उद्देश्य कैंसर ट्रीटमेंट के बाद जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है.
हर महिला की कैंसर यात्रा होती है अलग
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप (Apollo Hospitals Group) की एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन प्रीथा रेड्डी ने कहा कि अपोलो एथेना की पहली वर्षगांठ उनके लिए बहुत ही खास पड़ाव है. उन्होंने कहा कि ये संस्थान महिलाओं की जरूरतों को समझते हुए बनाया गया था, ताकि उन्हें वैज्ञानिक रूप से उन्नत, लेकिन संवेदनशील और समन्वित देखभाल मिल सके.
उनका कहना है कि कैंसर से जूझ रही हर महिला सिर्फ एक मरीज नहीं होती, बल्कि वह एक परिवार, उम्मीदों और सपनों से जुड़ी होती है. इसलिए उसका इलाज भी उसी दृष्टिकोण से होना चाहिए. इलाज के साथ रिकंस्ट्रक्शन, फर्टिलिटी और मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस
एथेना का 'Care Beyond Cure' मॉडल पारंपरिक कैंसर इलाज से आगे बढ़कर मरीज के जीवन की संपूर्ण जरूरतों को शामिल करता है. इसमें कुछ चीजें शामिल हैं, जैसे-
- फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन
- ब्रेस्ट और बॉडी रिकंस्ट्रक्शन
- रिहैबिलिटेशन
- पोषण संबंधी सलाह
- भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग
- सर्वाइवरशिप केयर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कैंसर से रिकवरी सिर्फ इलाज पूरा हो जाने तक सीमित नहीं है. असली सफलता तब है, जब महिला दोबारा सामान्य जीवन जी सके, अपनी शारीरिक क्षमता बरकरार रख सके और इलाज के बाद भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके.
फ्यूचर में कैंसर केयर का नया रास्ता
एक्सपर्ट्स की मानें तो आने वाले समय में कैंसर ट्रीटमेंट का मॉडल अधिक पर्सनलाइज्ड, टेक्नोलॉजी आधारित और मल्टीडिसिप्लिनरी होगा. इसमें शुरुआती जांच, रोकथाम, सटीक निदान, उन्नत सर्जरी, रिकवरी और सर्वाइवरशिप को एकीकृत रूप से जोड़ा जाएगा.
अपोलो एथेना का कहना है कि वह भविष्य में भी महिलाओं के लिए विशेष क्लिनिकल प्रोग्राम, नई तकनीक, रिसर्च और महिला-केंद्रित कैंसर केयर को मजबूत करने की दिशा में काम करता रहेगा.
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