- पाइल्स दो प्रकार के होते हैं: आंतरिक और बाहरी.
- पाइल्स से न केवल मल त्याग के दौरान बल्कि कभी भी ब्लीडिंग भी हो सकती है.
- हेल्दी डाइट की सिफारिश की जाती है जो समस्या को कम करने में मदद करे.
Foods To Eat In Piles: पाइल्स, जिसे आमतौर पर बवासीर के रूप में जाना जाता है, एक ऐसी कंडिशन है जो मल त्याग के दौरान दर्द, बेचैनी और जलन का कारण बनती है. यह निचले मलाशय क्षेत्र में नसों की सूजन के कारण होता है. पाइल्स दो प्रकार के होते हैं: आंतरिक और बाहरी, कई लोग दोनों से एक साथ पीड़ित हो सकते हैं. निचले मलाशय क्षेत्र में क्षति उम्र बढ़ने, पुरानी कब्ज, गर्भावस्था, दस्त और दैनिक रूप से प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने का परिणाम है. पाइल्स से न केवल मल त्याग के दौरान बल्कि कभी भी ब्लीडिंग भी हो सकती है. ऐसे में डाइट की निगरानी करने की सिफारिश की जाती है जो समस्या को कम करने में मदद करती है. यहां कुछ प्रकार के फूड्स हैं जो पाइल्स से बेहतर तरीके से निपटने में आपकी मदद कर सकते हैं.
बवासीर के रोगियों के लिए 5 असरकारी फूड्स | 5 Effective Foods For Piles Patients
अगर आप बवासीर की समस्या से परेशान हैं तो आपको अपने आहार में इन फूड्स को शामिल करना चाहिए, ये फूड्स पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं और साथ ही मल त्याग में भी मदद करते हैं.
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साबुत अनाज: बवासीर से पीड़ित लोगों को अपने आहार में बहुत सारे हेल्दी साबुत अनाज जैसे चोकर अनाज, ब्राउन राइस, दलिया, साबुत गेहूं का पास्ता शामिल करने की सलाह दी जाती है. ये फाइबर युक्त होते हैं और मल को नरम करते हैं और दर्द को कम करने में मदद करते हैं.
पत्तेदार हरी सब्जियां: हरी सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट और पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जो पाचन में मदद करती हैं. बवासीर का इलाज करते समय पाचन तंत्र को मजबूत करना जरूरी होता है. ब्रोकोली, स्प्राउट्स, गाजर, ब्रसेल्स, गोभी, टमाटर, शतावरी, फूलगोभी, प्याज, खीरा कुछ ऐसी सब्जियां हैं जिनका सेवन बवासीर से जूझते समय करना चाहिए.
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फल: फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इनमें फाइबर, खनिज और विटामिन होते हैं जो मल त्याग को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. सेब, प्रून, किशमिश, अंगूर, जामुन जैसे फल जिन्हें छिलके सहित खाया जा सकता है. ये फाइबर से भरपूर होते हैं और बहुत फायदेमंद होते हैं, जो छिलके के बिना खाने होते हैं वे भी अच्छे होते हैं, जैसे पपीता, केला, संतरा.
बीन्स: बीन्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है और बवासीर के रोगी के नियमित भोजन में इसे शामिल करना चाहिए. किडनी बीन्स, काली, लीमा और नेवी बीन्स जैसी फलियां कुछ अच्छे विकल्प हैं.
पानी: हालांकि यह भोजन नहीं है, लेकिन बवासीर के इलाज के लिए पानी एक जरूरी घटक है. रोजाना कम से कम 6-8 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है जो मल त्याग के सुचारू संचालन में मदद करता है.
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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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