आज के समय में डायबिटीज और फैटी लिवर दो ऐसी समस्याएं बन चुकी हैं, जो तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं. खराब खानपान, खराब होते लाइफस्टाइल और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं. हालांकि, कई बार लो अनजाने में ऐसी पोषण संबंधी गलतियां कर बैठते हैं, जो इन दोनों बीमारियों को और गंभीर बना देती हैं. हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स में सीनियर कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और लिवर स्पेशलिस्ट डॉ. नवीन पोलावरापु का कहना है कि सही पोषण और संतुलित आहार अपनाकर न सिर्फ ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है, बल्कि लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को भी कम किया जा सकता है.
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करना
डॉ. पोलावरापु बताते हैं कि सफेद चावल, सफेद ब्रेड, मैदा से बनी चीजें और अन्य रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं. इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, जो डायबिटीज को खराब करने के साथ-साथ लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को भी तेज करता है. इसकी जगह लोग साबुत अनाज, ओट्स और मिलेट्स जैसे विकल्प चुन सकते हैं.
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कोल्डड्रिंक्स और डेजर्ट का अधिक सेवन
डॉक्टर का कहना है कि सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, मिठाइयां और हाई-फ्रक्टोज युक्त खाद्य पदार्थ फैटी लिवर के बड़े कारणों में शामिल हैं. फ्रक्टोज सीधे लिवर में जाकर फैट के रूप में जमा हो सकता है. यही वजह है कि नियमित रूप से मीठे पेय पदार्थ पीने वालों में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ती देखी जा रही है.
सैचुरेटेड फैट का सेवन करना
तले-भुने खाद्य पदार्थ, फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स और फैटी मीट्स शरीर में सूजन और मेटाबॉलिक गड़बड़ियों को बढ़ावा देते हैं. इससे डायबिटीज और फैटी लिवर दोनों की स्थिति बिगड़ सकती है. डॉक्टर का कहना है कि हेल्दी फैट्स, जैसे नट्स, बीज, ऑलिव ऑयल और मछली को डाइट का हिस्सा बनाना बेहतर विकल्प है.
अनियमित समय पर भोजन करना
कई लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या देर रात खाना खाते हैं. ये आदत शरीर के ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है और लिवर में फैट स्टोर होने की संभावना बढ़ाती है. नियमित समय पर संतुलित भोजन करने से ब्लड शुगर स्थिर रहती है और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है.
पोर्शन साइज को नजरअंदाज करना
बहुत से लोग ये मान लेते हैं कि नट्स, घी या हेल्दी ऑयल्स जितना चाहें खा सकते हैं. हालांकि, ये सभी कैलोरी से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं. जरूरत से ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है, जिससे वजन बढ़ने के साथ फैटी लिवर और डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ सकता है.
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