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Who is Ferran Torres: कुत्तों के खिलाफ फुटबॉल खेलकर सीखी थी गोल की राह, आलोचना झेला, आज फेरान टोरेस ने दिलाया स्पेन को वर्ल्ड कप

Who is Ferran Torres: बचपन में जब फेरान टोरेस के पास अभ्यास के लिए साथी नहीं होते थे, तब उनके पालतू कुत्ते ही ‘डिफेंडर’ बन जाते थे. खुद टोरेस ने बताया है कि वह अक्सर कुत्तों के साथ खेलते हुए अपने कौशल को निखारते थे.

Who is Ferran Torres: कुत्तों के खिलाफ फुटबॉल खेलकर सीखी थी गोल की राह, आलोचना झेला, आज फेरान टोरेस ने दिलाया स्पेन को वर्ल्ड कप
Spain hero Ferran Torres’ redemption story now includes World Cup history

Who is Ferran Torres: आपका करियर आपके सबसे बुरे पलों से तय नहीं होता, बल्कि इस बात से तय होता है कि आप उन पलों का सामना कैसे करते हैं. इसका उदाहरण स्पेन के फेरान टोरेस हैं जिनके गोल से 2026 फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल स्पेन की टीम जीतने में सफल रही है. यह एक ऐसा गोल था जिसने अर्जेंटीना को आखिरी पलों में तगड़ा झटका दिया और मेसी के लगातार दो बार वर्ल्ड कप जीतने के सपने को तोड़ दिया. 

कौन है फेरान टोरेस

फेरान टोरेस 26 साल के स्पेनिश प्रोफेशनल फुटबॉलर हैं, जो ला लीगा क्लब FC बार्सिलोना और स्पेन की नेशनल टीम के लिए फॉरवर्ड और विंगर के तौर पर खेलते हैं. 2026 FIFA वर्ल्ड कप फ़ाइनल में अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ स्पेन की 1-0 से जीत में एक्स्ट्रा-टाइम में विनिंग गोल करके वे इंटरनेशनल हीरो बन गए हैं. 

वैलेंसियन कम्युनिटी के होर्टा नॉर्ड इलाके की नगरपालिका, फोइओस में जन्मे टोरेस 2006 में छह साल की उम्र में वैलेंसिया की यूथ टीम में शामिल हुए. 10 साल बाद, टोरेस ने रिजर्व टीम के लिए अपना सीनियर डेब्यू किया. टॉरेस, जो फॉरवर्ड या विंगर के तौर पर खेलते हैं, उन्होने 2017 में ला लीगा में वैलेंसिया के साथ अपना सीनियर प्रोफेशनल करियर शुरू किया. तीन सीजन बाद, टॉरेस मैनचेस्टर सिटी चले गए और 2020–21 सीजन में प्रीमियर लीग और EFL कप जीता. इंग्लैंड में दो सीजन बिताने के बाद, टॉरेस घर लौट आए.

हालांकि कैंप नोउ पहुंचने के बाद टॉरेस को शुरुआत में आलोचना और उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद के सीज़न में उन्होंने अपनी किस्मत बदल ली. उन्होंने 2024-25 में बार्सिलोना के घरेलू ट्रेबल-जीतने वाले अभियान में अहम भूमिका निभाई और इसके बाद अपना सबसे शानदार स्कोरिंग सीज़न खेला, जिसमें 21 गोल करके कैटलन क्लब को ला लीगा का खिताब फिर से जीतने में मदद की. इंटरनेशनल लेवल पर, टॉरेस ने 2020 में सीनियर डेब्यू करने से पहले स्पेन की यूथ टीमों में तरक्की की. उन्होंने UEFA यूरो 2020, 2022 FIFA वर्ल्ड कप और UEFA यूरो 2024 में स्पेन की टीम का प्रतिनिधित्व किया, जहां स्पेन ने यूरोपियन चैंपियनशिप जीती. 

एक गोल और जीत गया स्पेन 

अब, टॉरेस ने स्पेनिश फुटबॉल के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है. अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ एक्स्ट्रा-टाइम में उनके विनिंग गोल ने न केवल स्पेन का दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब पक्का किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उन्हें हमेशा उस खिलाड़ी के तौर पर याद किया जाएगा जिसने लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने की ऐतिहासिक जीत से रोका.

बहन को मानते हैं अपना सपोर्ट सिस्टम

फेरान की परवरिश उनकी मां, एम. डोलोरेस गार्सिया एल्कोवर ने की और वे अपनी बड़ी बहन अरंतक्सा के साथ बड़े हुए. उनके रिश्ते उनके जीवन के सबसे करीबी रिश्तों में से एक हैं. मैनचेस्टर सिटी के लिए खेलते समय, भाई-बहन ने अपने रिश्ते का जश्न मनाने के लिए एक जैसे टैटू बनवाने का भी फैसला किया.

फेरान ने कहा, "हम हमेशा से बहुत करीब रहे हैं, अच्छे और बुरे दोनों समय में हमेशा साथ रहे हैं, और इसीलिए हमने एक जैसा टैटू बनवाने का फैसला किया, क्योंकि हम एक-दूसरे के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं." फेरान ने अपनी पारिवारिक जिंदगी को ज़्यादातर निजी रखा है और अपने पिता के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत कम बात की है.  

पूरे वर्ल्ड कप के दौरान फेरान टोरेस की सबसे ज़्यादा आलोचना हुई.उन्होंने हर मैच बहुत ज्यादा दबाव और मन में हज़ारों शंकाओं के साथ खेला, लेकिन जब स्पेन को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तो वह आगे आए। उन्होंने वह गोल किया जिसने हमें वर्ल्ड चैंपियन बनाया और साबित किया कि बेहतरीन फ़ुटबॉलर सबसे अहम पलों में ही अपनी काबिलियत दिखाते हैं।. कभी-कभी, फ़ुटबॉल हर किसी को उसकी सही जगह पर पहुंचा ही देता है.

महंगे खिलौने या ट्रेनिंग की सुविधा नहीं थी, पालतू कुत्तों को डिफेंडर मानकर किया प्रैक्टिस

फेरान टोरेस के लिए फुटबॉल खिलाड़ी बनना आसान नहीं था. टोरेस का जन्म 29 फरवरी 2000 को फोयोस (Foios), स्पेन में हुआ था उनका बचपन एक बहुत ही गरीब परिवार में बीता है. उन्हें बचपन से ही फुटबॉल का शौक था, लेकिन उनके पास महंगे खिलौने या ट्रेनिंग की सुविधा नहीं थी. वह अपने घर में ही बने गोल पोस्ट में खेलते थे और अक्सर अपने पालतू कुत्तों को डिफेंडर  मानकर उनके साथ अभ्यास किया करते थे. 

एक शानदार कहानी: वर्ल्ड कप 2026

2026 FIFA वर्ल्ड कप में फेरान स्पेन के पहले पसंद के स्ट्राइकर भी नहीं थे और टूर्नामेंट के दौरान उनकी आलोचना भी हुई. फिर भी, उन्होंने मेहनत जारी रखी, सब्र रखा और अपने मौके का इंतजार किया. वह मौका 19 जुलाई 2026 को अर्जेंटीना के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में आया.  बेंच से मैदान पर उतरने के बाद, फेरान ने एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में जीत दिलाने वाला गोल किया, जिससे स्पेन को 1-0 से ऐतिहासिक जीत मिली और उनका दूसरा वर्ल्ड कप खिताब पक्का हुआ. 

भारत में दिखी थी फेरान टोरेस की पहली झलक

वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार विनिंग गोल करने से लगभग 9 साल पहले, फ़ेरन टोरेस, जो तब 17 साल के युवा खिलाड़ी थे. वो भारत आए थे.  उन्होंने 2017 में FIFA U17 वर्ल्ड कप में स्पेन को सिल्वर मेडल दिलाने में मदद की थी.  उस समय वैलेंसिया की अकादमी का हिस्सा रहे फेरन, स्पेन की बेहद प्रतिभाशाली टीम के स्टार खिलाड़ियों में से एक थे. स्पेन की टीम में ज्यादतर राइट-विंगर के तौर पर खेलते हुए, फेरन ने टीम को फाइनल तक पहुंचाने में दो गोल और दो असिस्ट का योगदान दिया. फाइनल में इंग्लैंड के हाथों स्पेन की 5-2 से हुई हार वाले मैच में भी वे शुरुआती लाइन-अप का हिस्सा थे. 

शक के घेरे में रहने और बेंच पर बैठने से लेकर अपने देश का हीरो बनने तक, फेरान ने फुटबॉल की सबसे बेहतरीन वापसी की कहानियों में से एक को सच कर दिखाया. 

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