The dangerous referee in football: ‘चक दे' फ़िल्म में सुपरस्टार शाहरुख़ ख़ान का एक डायलॉग है, “हर टीम में एक गुंडा होता है और इस टीम का गुंडा मैं हूं!” लेकिन फ़ुटबॉल मैदान पर सबसे बड़ा गुंडा या सबसे बड़े पुलिसमैन का तमगा मैच रेफरी को ही दिया जा सकता है. कई फीफा रेफरी इतने सख़्त होते हैं कि अरबों डॉलर कमानेवाले सुपरस्टार्स लियोनेल मेस्सी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो या किलियान एमबापे पर भी भारी पड़ सकते हैं.
Pierluigi Collina 🟥🟨 pic.twitter.com/zJM0G170NO
— 90s Football (@90sfootball) April 9, 2026
‘द बेस्ट' और बेहद सख्त रहे कोलिना
इटली के 66 साल के पियरलुइगी कोलिना (Pierluigi Collina)को फुटबॉल की दुनिया में बेहद ख़तरनाक माना जाता रहा. खिलाड़ी उन्हें बेहद सम्मान देते थे. सपाट और बिना बालों के माथा और बड़ी-बड़ी आंखें उन्हें मैदान पर और डरावना बना देती थीं. ग़लतियां करते वक्त खिलाड़ी दुआ करते थे कि कोलिना की उनपर नज़र नहीं पड़ी हो. 2002 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में ब्राज़ील और जर्मनी के हाई-वोल्टाज मैच में भी कोलिना ने रेफ़री का रोल अदा किया. 1998 से 2003 तक कोलिना को लगातार 6 बार ‘दुनिया का बेस्ट रेफ़री' के ख़िताब से नवाजा गया. कोलिना ने 1996 अटलांटा ओलिंपिक्स के फ़ाइनल सहित 5 मैचों में रेफरी का रोल अदा किया.

एक मैच में 20 रेड-येलो कार्ड वाले इवानोव
2006 में जर्मनी में हुए फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के ‘बैटल ऑफ़ न्यूरेमबर्ग' या पुर्तगाल बनाम नीदरलैंड्स के एक ही मैच में रूस के रेफ़री वैलेंटाइन इवानोव (Valentin Ivanov) ने 20 कार्ड दिखाए- 16 येलो और 4 रेड कार्ड. इवानोव रातोंरात दुनिया की नज़रों भी आ गए. उन्हें दुनिया के सबसे विवादित रेफ़री में से एक माना जाता है. 64 साल के इवानोव ओलिंपिक चैंपियन माता-पिता की संतान हैं. इवानोव ने एक मिडफ़ील्डर खिलाड़ी की तरह खेलते हुए कई क्लबों की नुमाइंदगी की और सोवियत कप तक खेलकर नाम कमाया. फ़िलहाल इवानोव मॉस्को में एक टीचर की ज़िन्दगी जी रहे हैं.

शिमोन मार्चिनियाक- 2022 फ़ाइनल के रेफरी
इटली के कोलिना की तरह ख़तरनाक दिखने वाले पोलैंड के 45 साल के शिमोन मार्चिनियाक (Szymon Marciniak) 2022 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में उस मैच के रेफ़री रहे जिसने लियोनेल मेस्सी और उनकी अर्जेन्टीनी टीम को फ़ाइनल मैच में फ़्रांस के ख़िलाफ़ जीत दिलाकर लैटिन अमेरिकी टीम को चैंपियन बना दिया. उस मैच के बाद अर्जेन्टीना में उनके चाहनेवालों की संख्या और बढ़ गई. शिमोन को खिलाड़ियों के आक्रामक तेवर और टेम्पो को कंट्रोल में रखने में महारथ हासिल है. इटली के कोलिना की तरह शिमोन भी ‘द बेस्ट रेफ़री' के ख़िताब से नवाज़े जा चुके हैं. मौजूदा फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के 104 मैचों के लिए दुनिया के 52 चुनिंदा रेफ़री और 88 असिसटेंट रेफ़री को चुना गया है. शिमोन इन 52 रेफ़री में से एक हैं.

सख्त माइकल ओलिवियर- EPL का सबसे युवा रेफ़री
UEFA देशों से चुने गए 15 रेफ़री में से एक, इंग्लैंड के माइकल ओलिवियर (Michael Oliver) प्रीमियर लीग के मैचों में अक्सर नज़र आते. माइकल ओलिवियर हैं और अपनी सख़्ती, सटीक औक कड़े फ़ैसले और अपने फ़ैसलों पर टिके रहने के लिए जाने जाते हैं. 41 साल के इंग्लैंड के माइकल की गिनती यूरोप के सबसे उम्दा रेफ़री में से एक में होती है. एक दिलचस्प बात ये है कि माइकल ने 14 साल की उम्र से ही रेफ़री बनना शुरू किया और इसे अपना करियर बना लिया. 25 साल की उम्र में, 2010 में वो इंग्लिश प्रीमियर लीग EPL के सबसे युवा रेफरी बन गए. मौजूदा वर्ल्ड कप में भी माइकल पर सबकी नजर रहेगी.

एंथनी टेलर- Zero टॉलेरेंस
इंग्लैंड के 47 साल के एंथनी टेलर (Anthony Taylor) मैदान पर कोई ग़ैरकानूनी हरकत बर्दाश्त नहीं करते. एंथनी टेलर फ़ौरन और सख़्त फ़ैसले लेते हैं, फ़ाउल प्ले तो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते. 2006 से 2023 के बीच अपने करियर में वो 100 से ज़्यादा रेड कार्ड और हज़ारों येलो कार्ड-पीला कार्ड दिखा चुके हैं और अपनी सख़्ती के लिए मशहूर हो चुके हैं.
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