Lamine Yamal and Vaibhav Sooryavanshi: ऐसा नहीं है कि वैभव सू्र्यवंशी और लामिन यमाल की तुलना एक-दूसरे से की जानी चाहिए, फुटबॉल और क्रिकेट में बेहतरीन खेल को अलग-अलग तरह से आंका जाता है. स्पेन के युवा यमाल स्पेस, टच, एंगल और टाइमिंग के जरिए खेलते हैं. वैभव बैट की स्पीड, इरादे, हाथ और आंखों के तालमेल और जबरदस्त स्कोरिंग प्रेशर के जरिए खेलते हैं. एक खिलाड़ी विरोधी टीम की बैकलाइन को फैलाता है, तो दूसरा बॉलिंग प्लान को तहस-नहस कर देता है. लेकिन खेल की असली खूबी एक जैसी है. दोनों युवा खिलाड़ी उम्मीदों का बोझ लेकर उतरे हैं, और अपनी टीमों पर दबाव पूरी तरह हावी होने से पहले ही उन्होंने मैच का माहौल बदल दिया है

कम उम्र में इतिहास रचने वाले खिलाड़ी
स्पेन के लिए 18 साल और 343 दिन की उम्र में नंबर 19 की जर्सी पहनकर यामल का गोल, अर्जेंटीना के लिए 2006 में लियोनेल मेसी के पहले वर्ल्ड कप गोल से काफी मिलता-जुलता है, मेसी ने भी उसी उम्र और जर्सी नंबर के साथ अपना पहला गोल किया था. दोनों ही खिलाड़ी बाएं पैर से खेलने वाले हैं. यमाल बार्सिलोना की 'ला मासिया' अकादमी से निकले हैं. श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की 11 गेंदों में फिफ्टी लगाई, ऐसा कर वैभव ने 'लिस्ट ए' का एक पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. इससे उनके उस रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जुड़ गई जिसमें पहले से ही U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में मैच जिताने वाली सेंचुरी और IPL प्लेऑफ़ में धमाकेदार पारियां शामिल हैं. इतनी कम उम्र में बड़े मंच पर उतरना ही उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है

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बाएं हाथ के ये धुरंधर
दोनों खिलाड़ियों की सबसे बड़ी समानताओं में से एक उनका बाएं हाथ या बाएं पैर का प्रभाव है. यमल का खतरनाक बायां पैर और सूर्यवंशी की जबरदस्त बाएं हाथ की बैटिंग, दोनों ही खिलाड़ी कमाल के संयम और बेखौफ अंदाज में खेलते हैं, दोनों अपने खेल से मैच को बदलने का मद्दा रखते हैं.
बड़े मौके पर दिखाया दम
श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की 11 गेंदों में फिफ्टी लगाई, ऐसा कर वैभव ने 'लिस्ट ए' का एक पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. इससे उनके उस रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जुड़ गई जिसमें पहले से ही U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में मैच जिताने वाली सेंचुरी और IPL प्लेऑफ़ में धमाकेदार पारियां शामिल हैं. वहीं यामाल ने बड़े टूर्नामेंटों में स्पेन के लिए निर्णायक प्रदर्शन कर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला. दोनों खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि वे दबाव के बीच भी मैच का रुख बदल सकते हैं.

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रिकॉर्ड्स की नई कहानी
वैभव सूर्यवंशी ने सबसे तेज़ 'लिस्ट ए' फ़िफ़्टी का रिकॉर्ड तोड़ा, तो यमाल ने अपने पहले वर्ल्ड कप गोल के साथ लियोनेल मेसी की उम्र और शर्ट नंबर वाले रिकॉर्ड की बराबरी की.
वैभव की तेज उड़ान
वैभव सूर्यवंशी की सफलता भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. कम उम्र में पहचान बनाने के बाद उन्होंने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया. उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ नजर आती है, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे रोमांचक युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है.
दबाव और लोगों की उम्मीदों को संभालना
श्रीलंका ए के खिलाफ सीरीज़ के दौरान मैदान पर वैभव सूर्यवंशी की बहस विरोधी टीम के खिलाड़ी से हो गई थी जिसने काफी बवाल मचाया था. इस घटना के बाद, क्लाइव लॉयड जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने सलाह दी कि सूर्यवंशी को अपना आक्रामक रवैया सही तरीके से दिखाना चाहिए, जबकि अर्जुन रणतुंगा ने सीनियर टीम के साथियों से कहा कि वे उसे बचाएं और सही रास्ता दिखाएं. स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट और कोच ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जो युवा खिलाड़ी कड़ी नज़र में होते हैं, उनके लिए कंट्रोल में रहकर आक्रामकता दिखाना, भावनाओं पर काबू रखना और मेंटर्स का साथ मिलना बहुत ज़रूरी है. ऐसी सलाह से यह पक्का करने में मदद मिल सकती है कि शानदार टैलेंट के साथ-साथ लंबे समय तक सफलता पाने के लिए ज़रूरी स्वभाव भी हो.

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Photo Credit: AFP
मैदान पर दोनों खिलाड़ियों का जलवा कायम रहे
दोनों एथलीट अपनी-अपनी मैच में फॉर्म या तैयारी को लेकर कुछ सवालों के साथ उतरे थे, सूर्यवंशी शुरुआती सीरीज़ में औसत स्कोर के बाद, और यमाल स्पेन के गोल-रहित ओपनर मैच के बाद, दोनों ने तुरंत जवाब दिया, जिससे माहौल का मिज़ाज बदल गया और विरोधियों को अपनी मूल गेम-प्लान छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा, उनका असर स्कोरबोर्ड पर जितना था, उतना ही मनोवैज्ञानिक भी था.
भविष्य के सुपरस्टार
यामाल और वैभव सूर्यवंशी दोनों ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने कम उम्र में दुनिया की उम्मीदों का भार अपने कंधों पर उठा लिया है, दोनों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि वे सिर्फ प्रतिभाशाली युवा नहीं, बल्कि अपने-अपने खेल के भविष्य के बड़े सितारे हैं. अब सबसे बड़ी चुनौती इस चमक को लंबे समय तक बनाए रखने की होगी.

मेसी के उत्तराधिकारी
यमल, मेसी के उत्तराधिकारी के तौर पर सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के तौर पर आगे आए हैं तो वहीं, सूर्यवंशी जिन्हें सिर्फ़ 13 साल की उम्र में आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स ने साइन किया गया था. उन्होंने आईपीएल में दबदबा बनाते हुए 2026 के सीजन में ऑरेंज कैप जीतकर धमाका किया था.

सचिन का उत्तराधिकारी
वैभव सूर्यवंशी को सचिन का उत्तराधिकारी माना जा रहा है, जिस तरह से कम उम्र में वैभव ने अपनी पहचान बनाई है उसने वैभव को सचिन के उत्तराधिकारी के तौर पर दुनिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया है.
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