- कोर्ट ने शिकायतकर्ता को दो हफ्ते में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने को कहा
- 2021 में हुई इस घटना में पांच लोगों की हुई थी मौत
- अजय मिश्रा, आशीष मिश्रा के अपराध में शामिल होने के सबूत नहीं मिले
लखीमपुर खीरी हिंसा में गवाहों को धमकाने के मामले में आशीष मिश्रा और अजय मिश्रा का चार्जशीट में नाम नहीं है. पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने वकील के बयानों को रिकॉर्ड पर लिया है. कोर्ट ने शिकायतकर्ता को दो हफ्ते में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने को कहा है. वहीं, शिकायतकर्ताओं के वकीलों का कहना है कि वे यूपी पुलिस की रिपोर्ट के जवाब में अपनी बात रखेंगे. यूपी पुलिस को अभी और जांच करनी है. इन बातों के विरोध में दो हफ़्ते में जवाब दाखिल किया जाएगा.
पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की.
2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा से जुड़ा है मामला
यह मामला अक्टूबर 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि आशीष मिश्रा के काफिले की गाड़ियों ने कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समूह को कुचल दिया था. इस घटना में पांच लोगों की मौत हुई थी. सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा की ओर से पेश वकील ने कहा कि कल दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार गवाहों को धमकाने के आरोप संबंधित एफआईआर की जांच पूरी हो चुकी है और अजय मिश्रा या आशीष मिश्रा के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है.
शिकायतकर्ता पक्ष को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया कि अमनदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और अदालत ने उसका संज्ञान भी ले लिया है. वहीं अजय मिश्रा, आशीष मिश्रा और अन्य के संबंध में जांच में उनके कथित अपराध में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं. अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है.
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