मेटलाइफ स्टेडियम में बैठे उनके समर्थकों के अलावा दुनिया के कोने कोने में देर रात टीवी के आगे नजरें गड़ाये बैठे करोड़ों प्रशंसकों की जुबां पर एक ही नाम था...लियोनेल मेस्सी लेकिन विश्व कप में सुनहरे सफर के आखिरी पड़ाव पर उनका चहेता यह सितारा बेनूर हो गया. खेल के 106वें मिनट में फेरान टोरेस के गोल के दम पर स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब जीता. दक्षिण अमेरिकी धुरंधर से छिनकर यूरोपीय दिग्गज ने विश्व फुटबॉल की बादशाहत पर कब्जा कर लिया.
हारने के बाद आंखे हुई नम
ब्राजील (1958 और 1962) के बाद लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली टीम बनने का सपना लेकर फाइनल में उतरी थी अर्जेंटीना मेस्सी लगातार दूसरी बार चैम्पियन नहीं बन सके. आखिरी सीटी बजने पर उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर निराशा को सभी ने देखा. एक तरफ स्पेन के खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ मेस्सी और उनकी टीम स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर अर्जेंटीना के समर्थकों को धन्यवाद दे रही थी और शायद माफी भी मांग रही थी.
करियर में पहली बार हुआ ऐसा
अपने 20 साल के वर्ल्ड कप करियर में पहली बार, लियोनेल मेसी ने फीफा वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत तो की, लेकिन पूरे गेम में एक भी मौका नहीं बना पाए. स्पेन ने पूरे मैच के दौरान मेस्सी को पूरी तरह से बेअसर कर दिया. 39 साल के इस खिलाड़ी ने 120 मिनट के खेल में सिर्फ़ 54 बार गेंद को छुआ. उन्होंने कोई 'की-पास' नहीं दिया और सिर्फ़ एक शॉट लिया, जिसे ब्लॉक कर दिया गया. उनके पांच क्रॉस में से सिर्फ़ एक ही सही जगह पर पहुंचा. इस मैच के साथ ही मेस्सी का लगातार 11 वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने या असिस्ट देने का शानदार सिलसिला भी थम गया.
सिर झुकाए...स्तब्ध खड़े मेस्सी
अर्जेंटीना को फ्रांस के खिलाफ 2022 विश्व कप में खिताबी जीत और दो बार कोपा अमेरिका खिताब दिलाने में सूत्रधार रहे मेस्सी स्पेन का गोल होने के बाद सिर झुकाये और कमर पर हाथ रखकर स्तब्ध खड़े रहे.
बार्सीलोना और पेरिस सेंट जर्मेन के साथ 12 लीग और चार चैम्पियंस लीग खिताब जीतने के बाद मेस्सी ने जब यूरोपीय फुटबॉल से विदा लेकर तीन साल पहले एमएलएस का रूख किया तो लोगों को लगा कि वह रिटायर होकर अमेरिका में बस जायेंगे.
लेकिन वह एक बार फिर अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक ले गए जिनमें उनके खाते में आठ गोल आये और चार में वह सहायक रहे. विश्व कप में उनके 21 गोल हो गए हैं और शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे (22 गोल) के आगे निकलने तक वह शीर्ष पर थे.
तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले पहले खिलाड़ी मेस्सी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं और वह सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146) से पीछे हैं.
हार के दुख को छुपाने की कोशिश
पेले और माराडोना की लीग में शामिल मेस्सी ने 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ शूटआउट में मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदा ले ली थी लेकिन 47 दिन बाद वापसी की और 2022 में अर्जेंटीना को तीसरी बार विश्व कप दिलाया.
स्पेन के खिलाड़ी आखिरी सीटी बजने के बाद मेस्सी को ढांढस बंधाने आये. मेस्सी मैदान पर बैठ गए और हाथ पीछे रखकर एकटक देखते रहे. उपविजेता का पदक लेने आये तो मुस्कुराने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे. फिर अपने विचारों में खोये हुए, दुख को छिपाने की कोशिश करते मैदान के एक कोने के निकास से चुपचाप बाहर चले गए. विश्व कप से शायद आखिरी बार.
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