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गोवा से भी कम बीच और चांदनी चौक से भी कम आबादी, जोर का झटका देने वाले छोटे देश- छोटा नाम, बड़ा काम 

महज 5 लाख की आबादी वाला केप वेर्दे मौजूदा फीफा वर्ल्ड कप की दूसरी सबसे छोटी टीम है, जिसकी कुल जनसंख्या की तुलना भारत के देहरादून, चंडीगढ़, जम्मू या भागलपुर जैसे शहरों से की जा सकती है

गोवा से भी कम बीच और चांदनी चौक से भी कम आबादी, जोर का झटका देने वाले छोटे देश- छोटा नाम, बड़ा काम 
FIFA World Cup 2026

फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 अबतक के 96 साल के वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे बड़ा वर्ल्ड कप है जहां पहली बार 32 से बढ़कर 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं. मौजूदा वर्ल्ड कप के स्ट्रक्चर को लेकर दुनिया भर के कई एक्सपर्ट्स ने फ़िक्र जताई थी कि ज़्यादा देशों के होने की वजह से फ़ुटबॉल की क्वालिटी पर फ़र्क पड़ेगा. मगर इन छोटे देशों ने सभी बड़े- छोटे एक्सपर्ट्स को अपनी राय बदलने पर मज़बूर कर दिया है. बात इतनी नहीं कि इनमें से कई छोटे देशों को आप पहले नहीं के बराबर जानते थे. इनके कारनामों के बाद इनका कद यकीनन बड़ा हो गया है. अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन की एक मशहूर कहावत है, “लड़ाई में कुत्ते का कद नहीं, कुत्ते के अंदर फ़ाइट करने का जज़्बा मायने रखता है.”

वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा ले रही 48 टीमों के इस टूर्नामेंट में दो सबसे ख़ास और छोटे देशों की टीमें उभरकर सामने आई हैं. इनमें सबसे स्पेशल हैं 1.5 लाख की आबादी वाला कुरासाओ और तकरीबन 5 लाख की आबादी वाला केप वेर्दे. 

इस वर्ल्ड कप से पहले ज़ाहिर तौर पर ज़्यादातर लोग कई छोटे समझे जाने वाले देशों के नाम भी नहीं जानते थे. मगर इन दोनों टीमों के फ़ुटबॉल के कारनामों की वजह से आज 200 से ज़्यादा देशों के फ़ुटबॉल फ़ैन्स इन देशों और इनके खिलाड़ियों के बारे में जानकारी रख रहे हैं और इन्हें सोशल मीडिया पर तलाश भी रहे हैं. ये इन देशों की ख़ूबसूरत फ़ुटबॉल का नतीजा है. ये फ़ुटबॉल का पावर है.  

1. कुरासाओ- दंग करने वाले कारनामे

गोवा से भी कम Beaches और चांदनी चौक से भी कम आबादी वाला कुरासाओ
दक्षिण अमेरिका के वेनेज़ुएला से करीब 65 किमी दूर दक्षिणी कैरीबियन सागर में कुरासाओ द्वीप को आज भी नक्शे पर तलाशना आसान नहीं है. इन्हें डच कैरीबियन के नाम से भी पुकारा जाता है. आबादी सिर्फ़ 156,000 है. कुरासाओ पर क़रीब 37 beaches या समुद्र तट हैं. जबकि, भारत के गोवा के पास क़रीब 50 जानेमाने beaches या समुद्र तट हैं.   

कुरासाओ ने वर्ल्ड कप में 1 अंक हासिल कर रचा इतिहास

फ़ुटबॉल और बेसबॉल कुरासाओ की जान हैं. कुरासाओ को पहली बार फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने का मौक़ा मिला है. कुरासाओ ने मौजूदा वर्ल्ड कप के पहले मैच में चार बार की चैंपियन जर्मनी के ख़िलाफ़ 1 गोल भी किया. हालांकि, पहले मैच में वर्ल्ड नंबर 10 जर्मनी ने वर्ल्ड नंबर 81 कुरासाओ को 7-1 से हराया.

अगले ग्रुप मैच में कुरासाओ के 37 साल के गोलकीपर एलॉय रूम ने इक्वाडोर के ख़िलाफ़ 15 Saves कर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली और वर्ल्ड नंबर 30 इक्वाडोर को 0-0 से ड्रॉ करने पर मजबूर कर दिया. इसके साथ ही कुरासाओ ने 1 अंक हासिल कर वर्ल्ड में इतिहास भी कायम कर दिया.

कुरासाओ के खिलाड़ी खुद उठाते थे हवाई यात्रा का खर्च

कुरासाओ वर्ल्ड कप में हिस्सा लेनेवाला सबसे छोटा देश बन गया है. पहले ये रिकॉर्ड आइसलैंड के नाम था जिसने 2018 के रुस में हुए वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और जिसकी आबादी करीब 3.50 लाख यानी कुरासाओ की आबादी से दोगुनी से भी ज़्यादा थी. 

2024 से पहले कुरासाओ के खिलाड़ियों को हवाई सफ़र का खर्चा खुद ही उठाना पड़ता था. लेकिन इस वर्ल्ड कप ने उनकी कहानी बदल दी है. 

2. केप वेर्दे- वर्ल्ड चैंपियंस को पानी पिलाया

ग्रेटर नोएडा या बेगुसराय जितना बड़ा केप वेर्दे

केप वेर्दे का नाम रातोंरात दुनिया भर के फ़ुटबॉल फ़ैन्स की ज़ुबान पर तब चढ़ गया जब हफ़्ते भर पहले उसने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया और 1 अहम अंक भी हासिल कर लिया. केप वेर्दे के 40 साल के गोलकीपर वोज़िन्हा ने बॉक्स में 7 Saves किए और इंस्टाग्राम पर उनके फ़ैन्स की संख्या 50 हज़ार से डेढ़ करोड़ (15मिलियन) से भी ज़्यादा पहुंच गई. 

केप वेर्दे मौजूदा वर्ल्ड कप की दूसरी सबसे छोटी टीम है जिसकी आबादी तकरीबन 5 लाख (से भी कम) है. भारत में इस आबादी के कई नामचीन शहर जैसे ग्रेटर नोएडा, बिहार में बेगुसराय और भागलपुर, उत्तराखंड में देहरादून, चंडीगढ़ या जम्मू से की जा सकती है. ये नाम इसलिए ताकि सनद रहे कि आबादी नहीं बड़ा काम भी छोटे देश की बड़ी पहचान बना सकता है.    

ब्लू शार्क के सामने वर्ल्ड चैंपियंस फेल

मौजूदा वर्ल्ड कप के ग्रुप-H की केप वेर्दे टीम ने पहले स्पेन को 0-0 पर रोका तो दूसरे मैच में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरूग्वे को 2-2 से रोककर सबको अपना लोहा मनवा दिया. अबतक हैंडबॉल केप वेर्दे का सबसे कामयाब खेल माना जाता था. इसके अलावा विंडसर्फ़िंग और काइटबोर्डिंग यहां लोकप्रिय खेल रहे हैं. लेकिन मौजूदा फ़ुटबॉल टीम ने अब दुनिया भर में इसकी अलग पहचान बना दी है. 

केप वेर्दे में ना के बराबर पानी

केप वेर्दे या काबो वेर्दे 10 द्वीप समूहों वाला पश्चिम अफ़्रीकी देश है. आबादी के हिसाब से 172वें नंबर के केप वेर्दे के पास ना के बराबर पानी है. तमाम मुश्किलों के बावजूद केप वेर्दे की टीम केमरून और लीबिया जैसी टीमों को हराकर वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिफ़ाई किया और अब स्पेन और उरुग्वे को बराबरी पर रोककर नॉकआउट की रेस में कायम हो गई है.

3. क़तर ने रचा  इतिहास

32 लाख की आबादी वाला क़तर फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेनेवाला एशिया का सबसे छोटा देश है. वर्ल्ड रैंकिंग में 57वें नंबर की टीम ने 2022 में 22वां वर्ल्ड कप आयोजन किया और मेज़बान होने के नाते पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया. पहले वर्ल्ड कप में क़तर आख़िरी यानी 32वें नंबर पर रहा. अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में हो रहे 23वें फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में ग्रुप-B में वर्ल्ड नंबर 18 स्विट्ज़लैंड के ख़िलाफ़ 1 गोल कर मैच को ड्रॉ करवाया और 1 अंक हासिल कर इतिहास बना दिया. 

4. बोस्निया हर्ज़ेगोविना- जीत की तलाश 

31 लाख की आबादी वाला छोटा सा यूरोपीय देश बोस्निया हर्ज़ेगोविना को ग्रुप-B में कनाडा, स्विट्ज़रलैंड और क़तर के साथ जगह मिली है. बोस्निया की टीम 2014 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप टूर्नामेंट खेल रही है.पिछली दफ़ा इस टीम ने एक जीत और एक ड्रॉ से 4 अंक हासिल किये थे और ये टीम 20वें नंबर पर रही थी. मौजूदा वर्ल्ड कप में अबतक खेले गए 2 मैचों में कनाडा के ख़िलाफ़ एक ड्रॉ कर बोस्नियाई टीम ने 1 अंक हासिल कर लिया है. 
 

5. क्रोएशिया- खेल का पावरहाउस

क़रीब 39 लाख की आबादी वाले क्रोएशिया का ना सिर्फ़ फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में बल्कि टेनिस सहित कई दूसरे खेलों में शानदार रिकॉर्ड रहा है. दुनिया में 15वें नंबर की क्रोएशियाई टीम छठी बार फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप खेल रही है जिसमें तीन बार पोडियम तक का सफ़र कर चुकी है. 2018 में तो इस टीम ने फ़ाइनल तक का सफ़र किया जहां इसे चैंपियन फ़्रांस के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा. 

1 करोड़ से कम आबादी वाले कई देश

दुनिया की 5 छोटे माने जा रहे फ़ुटबॉल देशों के अलावा मौजूदा वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही कई ऐसी टीमें हैं जिनकी आबादी 1 करोड़ से कम है और उन्होंने अपने गेम से दुनिया भर में शोहरत कमा ली है. मसलन, पनामा (46 लाख की आबादी, ग्रुप-L), न्यूज़ीलैंड (53 लाख की आबादी, ग्रुप- G), स्कॉटलैंड (55 लाख की आबादी, ग्रुप- C) और नॉर्वे (56 लाख की आबादी, ग्रुप- I) और जैसी इन देशों की आबादी बेशक कम हो मगर इनके कारनामे सबको दंग कर रहे हैं.

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