World Tuberculosis Day 2026: टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) एक ऐसी बीमारी है जो शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है. दवाइयों के साथ सही खानपान इस बीमारी से लड़ने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. विश्व क्षय रोग दिवस (World Tuberculosis Day) के मौके पर यह समझना जरूरी है कि सिर्फ दवा लेना ही काफी नहीं, बल्कि शरीर को पोषण देना भी उतना ही जरूरी है. सही डाइट इम्यूनिटी बढ़ाती है, शरीर को ताकत देती है और रिकवरी को तेज करती है. वहीं गलत खानपान दवा के असर को कम कर सकता है और कमजोरी बढ़ा सकता है. इसलिए टीबी मरीजों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या खाना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए, ताकि इलाज का असर बेहतर हो सके.
टीबी में डाइट क्यों है जरूरी? | Why is Diet Important in TB?
टीबी के दौरान शरीर तेजी से कमजोर होता है और वजन कम होने लगता है. इस बीमारी में शरीर की एनर्जी जरूरत बढ़ जाती है, क्योंकि शरीर लगातार संक्रमण से लड़ रहा होता है. अगर इस समय सही पोषण नहीं मिलता, तो मरीज को थकान, कमजोरी और मांसपेशियों में कमी महसूस हो सकती है. बैलेंस डाइट न केवल शरीर को एनर्जी देती है, बल्कि दवाओं के साइड इफेक्ट को कम करने में भी मदद करती है. सही डाइट से मरीज की इम्यूनिटी मजबूत होती है, जिससे वह संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाता है और रिकवरी तेज होती है.

टीबी होने पर क्या खाएं? (What to Eat When You Have TB?)
1. प्रोटीन से भरपूर भोजन
प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं और मांसपेशियों की मरम्मत के लिए बेहद जरूरी होता है. टीबी में शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए दाल, राजमा, छोले, अंडा, दूध, दही, पनीर, सोया और चिकन जैसी चीजें रेगुलर रूप से खानी चाहिए. अगर मरीज शाकाहारी है, तो वह दालों और सोया प्रोडक्ट्स से प्रोटीन की कमी पूरी कर सकता है.
2. विटामिन और मिनरल्स
टीबी मरीजों के लिए विटामिन A, C और E बहुत जरूरी होते हैं. ये शरीर की इम्यूनिटी पावर को बढ़ाते हैं. हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, सरसों, मेथी और रंग-बिरंगे फल जैसे संतरा, अमरूद, सेब और पपीता जरूर शामिल करें. इसके अलावा आयरन और जिंक भी शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, जो सूखे मेवे और बीजों से मिल सकते हैं.
3. हाई कैलोरी फूड
टीबी में वजन तेजी से घटता है, इसलिए शरीर को एक्स्ट्रा कैलोरी की जरूरत होती है. इसके लिए घी, मक्खन, मूंगफली, बादाम, काजू, किशमिश और केले जैसे फूड बहुत फायदेमंद होते हैं. हालांकि, इनका सेवन संतुलित मात्रा में करना जरूरी है, ताकि पाचन पर असर न पड़े.

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4. हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स
पानी शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है और शरीर को हाइड्रेट रखता है. टीबी मरीजों को दिनभर में पर्याप्त पानी पीना चाहिए. इसके अलावा नारियल पानी, ताजे फलों का जूस, सूप और छाछ जैसे तरल पदार्थ भी फायदेमंद होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं और पाचन को आसान बनाते हैं.
टीबी के मरीज क्या क्या न खाएं? (What Foods Should TB Patients Avoid?)
1. ज्यादा तला-भुना और जंक फूड
तला-भुना खाना पचने में भारी होता है और शरीर को जरूरी पोषण नहीं देता. इससे गैस, अपच और थकान बढ़ सकती है, जो टीबी मरीज के लिए नुकसानदायक है.
2. शराब और धूम्रपान
टीबी की दवाएं पहले से ही लीवर पर असर डालती हैं. ऐसे में शराब पीने से लीवर को और नुकसान हो सकता है और दवाओं का असर भी कम हो जाता है. धूम्रपान फेफड़ों को कमजोर करता है, जिससे बीमारी और गंभीर हो सकती है.
3. बहुत ज्यादा शक्कर और प्रोसेस्ड फूड
ज्यादा मीठा खाने से शरीर में सूजन बढ़ सकती है और इम्युनिटी कमजोर हो सकती है. पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड में पोषण कम और केमिकल ज्यादा होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं.

4. अधपका या बासी खाना
टीबी मरीजों की इम्युनिटी कमजोर होती है, इसलिए उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. अधपका या बासी खाना खाने से फूड इंफेक्शन हो सकता है, जो हालत को और बिगाड़ सकता है.
डाइट से जुड़ी जरूरी सावधानियां
दिन में 4-5 बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाना खाएं, ताकि पाचन आसान रहे.
डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के अनुसार डाइट प्लान बनाएं.
दवाओं के साथ सही समय पर खाना लेना जरूरी है.
हमेशा ताजा, साफ और घर का बना भोजन ही खाएं.
टीबी का इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि सही खानपान से भी जुड़ा होता है. अगर मरीज संतुलित और पौष्टिक डाइट लेता है, तो वह जल्दी ठीक हो सकता है और शरीर में ताकत वापस आ सकती है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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