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World Tuberculosis Day 2026: टीबी का इलाज कितना लंबा होता है? बीच में दवा छोड़ना कितना खतरनाक है?

World Tuberculosis Day 2026: भारत में टीबी के मरीजों की संख्या अब भी ज्यादा है और इसका एक बड़ा कारण है इलाज को बीच में छोड़ देना. ये पता होना जरूरी है कि टीबी का इलाज कितना लंबा चलता है और बीच में दवा छोड़ने से क्या नुकसान होता है.

World Tuberculosis Day 2026: टीबी का इलाज कितना लंबा होता है? बीच में दवा छोड़ना कितना खतरनाक है?
World Tuberculosis Day 2026: टीबी का इलाज आमतौर पर 6 से 9 महीने तक चलता है.

World Tuberculosis Day 2026: हर साल 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है, ताकि लोगों को टीबी (Tuberculosis) जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके. यह दिन हमें याद दिलाता है कि टीबी आज भी दुनिया की सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारियों में से एक है, लेकिन सही समय पर पहचान और पूरा इलाज करने से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. भारत में टीबी के मरीजों की संख्या अब भी ज्यादा है और इसका एक बड़ा कारण है इलाज को बीच में छोड़ देना. बहुत से लोग दवा शुरू तो कर देते हैं, लेकिन जैसे ही थोड़ा आराम मिलता है, दवा लेना बंद कर देते हैं. यही सबसे बड़ी गलती है, जो बीमारी को और खतरनाक बना सकती है. आइए समझते हैं कि टीबी का इलाज कितना लंबा चलता है और इसे बीच में छोड़ना कितना जोखिम भरा है.

टीबी का इलाज कितना लंबा होता है?

टीबी का इलाज आमतौर पर 6 से 9 महीने तक चलता है. यह इलाज डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित दवाओं के जरिए किया जाता है. शुरुआती 2 महीने को इंटेंसिव फेज कहा जाता है, जिसमें दवाओं की मात्रा ज्यादा होती है. इसके बाद 4-7 महीने का कंटीन्यूएशन फेज होता है. कुछ मामलों में खासकर ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी में इलाज 1-2 साल तक भी चल सकता है.

सबसे जरूरी बात: दवा एक भी दिन मिस नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे इलाज की सफलता पर असर पड़ता है.

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बीच में दवा छोड़ना क्यों खतरनाक है?

  • टीबी की दवा बीच में छोड़ना बहुत बड़ा खतरा बन सकता है.
  • ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी (MDR-TB) का खतरा बढ़ जाता है.
  • बैक्टीरिया और मजबूत हो जाते हैं, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है.
  • बीमारी फिर से लौट सकती है और पहले से ज्यादा गंभीर हो सकती है.
  • मरीज दूसरों को भी संक्रमण फैला सकता है.

यानी, अधूरा इलाज सिर्फ आपके लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी खतरा बन जाता है.

टीबी के इलाज के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?

  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना दवा लें.
  • इलाज पूरा होने तक धैर्य रखें, भले ही लक्षण खत्म हो जाएं.
  • पौष्टिक डाइट लें, दूध, दाल, फल और हरी सब्जियां.
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें.
  • रेगुलर चेकअप कराते रहें.

सरकार की पहल और आपकी जिम्मेदारी

भारत सरकार की निकषय (Nikshay) योजना के तहत टीबी मरीजों को मुफ्त इलाज और पोषण सहायता दी जाती है. इसके बावजूद, जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इलाज अधूरा छोड़ देते हैं.

World Tuberculosis Day 2026 हमें यह समझाने का मौका देता है कि टीबी से डरने की नहीं, बल्कि समझदारी से लड़ने की जरूरत है. समय पर जांच रेगुलर दवा और पूरा इलाज यही तीन चीजें इस बीमारी को खत्म कर सकती हैं.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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