विज्ञापन

कागज जैसी पतली है, ये खास रोटी! 6 महीने तक रहती है फ्रेश, जानिए कहां और कैसे है बनती?

Lavash Bread Of Armenia: क्या आपने ऐसी रोटी के बारे में सुना है जिसे एक बार बनाकर 6 महीने तक खा सकते हैं. ऐसी ही एक खास रोटी है लवाश, जिसे आर्मेनिया में बनाया जाता है.

कागज जैसी पतली है, ये खास रोटी! 6 महीने तक रहती है फ्रेश, जानिए कहां और कैसे है बनती?
Lavash Bread Of Armenia
Pexels

Lavash Bread Of Armenia: दुनिया में कई तरह की रोटियां बनाई जाती हैं. क्या अपने ऐसी रोटी के बारे में सुना है जिसे एक बार बनाकर 6 महीने तक खा सकते हैं. ऐसी ही एक खास रोटी है लवाश, जिसे आर्मेनिया में बड़े गर्व के साथ बनाया जाता है. कागज जैसी पतली दिखने वाली यह रोटी देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके पीछे सदियों पुरानी परंपरा और खास महत्व जुड़ा हुआ है. लवाश सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि वहां के लोगों की पहचान का हिस्सा है. यही वजह है कि इसकी खासियत को यूनेस्को समेत दुनिया भर के फूड एक्सपर्ट्स भी सराह चुके हैं.

केवल तीन चीजों से बनती है ये रोटी 

लवाश की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत कम सामग्री लगती है. इसमें सिर्फ मैदा, पानी और नमक का इस्तेमाल होता है. सुनने में यह बेहद आसान लगता है, लेकिन असल में इसे सही तरीके से बनाना एक कला है. आर्मेनिया में लवाश को टोनिर नाम के गहरे मिट्टी के तंदूर में पकाया जाता है. यह जमीन के अंदर बना होता है और इसमें तेज आंच होती है. रोटी को बहुत पतला बेलकर तंदूर की अंदरूनी दीवार पर चिपकाया जाता है. कुछ ही सेकंड में यह फूलकर तैयार हो जाती है.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: Pexels

यह भी देखें- Sandwich Maker Dishes: सैंडविच मेकर में सिर्फ सैंडविच ही नहीं, बना सकते हैं ये 5 डिश भी, बता रही हैं मशहूर शेफ पंकज भदौरिया

शादी-ब्याह से जुड़ी खास परंपरा

लवाश का महत्व सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है. कुछ पुरानी मान्यताओं के अनुसार, आर्मेनिया में शादी के दौरान नवविवाहित जोड़े के कंधों या गले पर लवाश रखा जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे उनके जीवन में खुशहाली और बरकत आती है. यह परंपरा आज भी वहां बड़े सम्मान के साथ निभाई जाती है.

Latest and Breaking News on NDTV

6 महीने तक नहीं होती है खराब 

इस रोटी की सबसे बड़ी खासियत इसकी शेल्फ लाइफ है. लवाश को सुखाकर करीब 6 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है. जब इसे खाना हो, तो बस थोड़ा पानी छिड़कने पर यह फिर से नरम और ताजा जैसी हो जाती है. यही वजह है कि पुराने समय में सैनिक भी इसे अपने साथ रखते थे, क्योंकि यह लंबे समय तक खराब नहीं होती थी.

लवाश सिर्फ एक रोटी नहीं, बल्कि जरूरत और परंपरा का मेल है. पुराने समय में जब खाने को लंबे समय तक सुरक्षित रखना जरूरी होता था, तब यह रोटी लोगों के लिए बेहद काम की साबित होती थी.

Watch Video: कैसे बनाएं अचारी आलू टिक्का रेसिपी | How To Make Achari Aloo Tikka

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com