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This Article is From Aug 30, 2023

वेट लॉस की जर्नी में चावल खा सकते हैं या नहीं? जानिए रुजुता दिवेकर से जिन्होंने चावल से जुड़े मिथ्स को तोड़ा

पोषण विशेषज्ञ रुजुता दिवेकर ने चावल से जुड़े कुछ मिथ्स को दूर करने के लिए अपने इंस्टाग्राम हैंडल का सहारा लिया. आप भी जानिए क्या वजन कम करने के लिए डाइट से चावल को हटाना चाहिए या नही.

वेट लॉस की जर्नी में चावल खा सकते हैं या नहीं? जानिए रुजुता दिवेकर से जिन्होंने चावल से जुड़े मिथ्स को तोड़ा
भारतीय घरों में चावल एक प्रमुख व्यंजन है.

जब भी बात फिटनेस की आती है तो हम एक्सरसाइज के साथ-साथ अपनी डाइट का भी ध्यान रखते हैं. हमने हमेशा ही यही देखा और सुना है कि जैसे ही डाइटिंग का नाम आता है तो सबसे पहले खाने से चावल हट जाता है. ऐसा कई लोग करते हैं वो वजन बढ़ने का कारण चावल को ही मानते हैं. हम सभी ने निश्चित रूप से ऐसे लोगों को देखा है जो वेट लॉस जर्नी शुरू करते ही अपनी डाइट से चावल को हटा देते हैं. हममें से अधिकांश ने कम से कम एक बार बिरयानी या पुलाव जैसे चावल से बने फूड आइटम्स को लेकर अपना मन मार लेते हैं. लेकिन अगर हम आपसे कहें कि वजन कम करने के लिए "चावल एक अच्छा ऑप्शन है" तो आपका क्या रिएक्शन होगा? सेलिब्रिटी पोषण विशेषज्ञ रुजुता दिवेकर ने इस बात का स्पष्टीकरण दिया है. ओणम के अवसर पर उन्होंने एक वीडियो जारी किया जिसमें वो चावल से जुड़े मिथकों को तोड़ते हुए दिखाई दे रही थीं.

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क्लिप में रुजुता दिवेकर अपनी डाइनिंग टेबल पर सब्जी और दाल के बगल में चावल से भरी प्लेट रखकर बैठी हैं. वीडियो की शुरुआत इस टेक्स्ट से होती है, "चावल खाने के बाद आपको दोषी महसूस क्यों नहीं करना चाहिए?" और रुजुता पूछती है, "क्या चावल मोटा हो रहा है?" वह जवाब देती है, "नहीं, चावल मोटापा बढ़ाने वाला नहीं है." हां, तुमने उसे ठीक सुना. वो आगे कहती हैं, 'अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको चावल को अपनी डाइट से हटाने की जरूरत नही है.' रुजुता ने उस मिथक के मूल कारण के बारे में भी विस्तार से बताया जिसमें दावा किया गया है कि चावल मोटापा बढ़ाने वाला होता है. 

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महाराष्ट्र और बिहार के चावल की कुछ किस्मों का नाम लेते हुए रुजुता बताती हैं कि कोई भी विशेष किस्म बेहतर नहीं है. इसके बजाय, ऐसे चावल का सेवन करना चाहिए जिसे आपकी थाली तक पहुंचने में कम समय लगे. वो कहती हैं, “आपके क्षेत्र का चावल आपके लिए सबसे अच्छा है. बिहार का मार्चा चावल, महाराष्ट्र का वडा कोलम चावल और केरल का नवारा चावल. जो चावल कम दूरी तय करके आपकी थाली तक पहुंचता है, वही सबसे अच्छा होता है. क्या आपके पास चावल का कोई विशिष्ट भाग होना चाहिए? उत्तर फिर से नहीं है. आप जितना चाहें उतना चावल खा सकते हैं. बस यह सुनिश्चित करें कि यह पौष्टिक भोजन का हिस्सा हो.”

फिर उन्होंने अपनी थाली का उदाहरण दिया, जिसमें दिखाया गया कि वह दाल के साथ चावल, स्थानीय सब्जी "ग्वार" और कच्चा सलाद खा रही थी. रुजुता दिवेकर ने यह कहकर निष्कर्ष निकाला कि चावल का सेवन करते समय आपको अपने क्षेत्र की आहार परंपराओं का पालन करना चाहिए. कई मशहूर हस्तियों ने तुरंत इस पोस्ट को स्वीकार किया. टीवी अभिनेत्री कविता कौशिक ने कमेंट किया, "बिल्कुल सोना... भगवान का शुक्र है कि एवोकाडो, एडामे और कूसकूस की ओर झुकाव रखने वाली दुनिया में हमारे पास रुजुता है... मुझे यह भी नहीं पता कि उन्हें सही तरीके से कैसे लिखा जाए."

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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