शरीर को सेहतमंद रखने के लिए कई तरह के विटामिन की जरूरत होतीहै. विटामिन B12 शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है, जो डीएनए निर्माण, लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. शरीर खुद से विटामिन B12 नहीं बनाता, इसलिए इसकी पूर्ति खाने-पीने की चीजों के जरिए करनी पड़ती है. इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना, एनीमिया और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं.
आपको बता दें कि विटामिन B12 मांस, मछली, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स में अधिक मात्रा में पाया जाता है. वहीं वेजिटेरियन लोगों के लिए इसकी कमी को दूर करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट मूंग दाल के पानी को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं.
किन लोगों में B12 की कमी का खतरा ज्यादा होता है?
- शुद्ध शाकाहारी (Vegans)
- 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
- डायबिटीज की कुछ दवाएं लेने वाले लोग
- पेट या आंतों की बीमारी से जूझ रहे लोग
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं

Vitamin B12 के वेजिटेरियन सोर्स-
- दूध और दही
- पनीर
- फोर्टिफाइड सीरियल्स
- फोर्टिफाइड सोया मिल्क
- न्यूट्रिशनल यीस्ट
- B12 सप्लीमेंट (डॉक्टर की सलाह पर)
मूंग दाल का पानी क्यों माना जाता है फायदेमंद?
न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटूजा के अनुसार, भिगोई हुई मूंग दाल का पानी शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान कर सकता है. उनका कहना है कि नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को पोषण मिलता है और विटामिन B12 से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है. साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है.
मूंग दाल का पानी पीने का तरीका-
- रात में सोने से पहले एक कप मूंग दाल को अच्छी तरह धो लें.
- इसे एक बर्तन में पर्याप्त पानी डालकर रातभर भिगो दें.
- सुबह दाल को छान लें और भीगे हुए पानी का सेवन करें.
- बची हुई मूंग दाल में प्याज, नींबू और हल्के मसाले मिलाकर सलाद की तरह खा सकते हैं.
मूंग दाल के पानी के अन्य फायदे
- विटामिन B12
- पाचन बेहतर करने
- शरीर को हाइड्रेट रखने
- प्रोटीन और फाइबर के लिए
- वजन घटाने के लिए
- पेट को हल्का रखने
डॉक्टर के बारे में-
दीप्ति खटूजा एक अनुभवी क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट हैं, जिन्हें पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 11 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़ने से पहले कई प्रतिष्ठित अस्पतालों और संस्थानों में कार्य किया है. उनकी विशेषज्ञता क्रिटिकल केयर न्यूट्रिशन में है, जहां वे गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए विशेष पोषण संबंधी देखभाल और मार्गदर्शन प्रदान करती हैं.
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