विज्ञापन

सर्दियों में बार-बार लगती है भूख? चिप्स छोड़ें और अपनाएं ये देसी स्नैक, वजन भी रहेगा कंट्रोल

तली-भुनी और मसालेदार चीजों के सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो सीधा हृदय और रक्तवाहिनी को प्रभावित करता है, लेकिन पॉपकॉर्न के अंदर कोलेस्ट्रॉल को घटाने के गुण होते हैं. ये रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है.

सर्दियों में बार-बार लगती है भूख? चिप्स छोड़ें और अपनाएं ये देसी स्नैक, वजन भी रहेगा कंट्रोल
Popcorn vs Chips : कुल मिलाकर पॉपकॉर्न का सेवन आपके वजन को भी नियंत्रित रखने में भी मदद करता है.

Healthy snacks for winter : सर्दियों का मौसम आते ही हमारी भूख अचानक बढ़ जाती है. रजाई में बैठे-बैठे हर थोड़ी देर में कुछ न कुछ चटपटा और करारा खाने का मन करता है. असल में ठंड में हमारा डाइजेशन (पाचन) तेज हो जाता है, जिससे खाना जल्दी पचता है और बार-बार भूख लगती है. अक्सर इस 'छोटी वाली भूख' को मिटाने के लिए हम चाय के साथ चिप्स, कुरकुरे या तली-भुनी नमकीन खा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये स्वाद आपके दिल और सेहत पर भारी पड़ सकता है? अगर आप भी कन्फ्यूज हैं कि चिप्स और पॉपकॉर्न में से क्या बेहतर है, तो चलिए जानते हैं सही जवाब.

पॉपकॉर्न: स्वाद और सेहत का परफेक्ट मेल

ऐसी छोटी-छोटी भूख से निपटने के लिए पॉपकॉर्न का सहारा लिया जा सकता है, जो स्वाद से लेकर सेहत का ख्याल रखेगा. पॉपकॉर्न स्नैक के लिए बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह चिप्स की तुलना में तला और मसालेदार नहीं होता है. दूसरा, चिप्स को पैकेट के अंदर ताजा बनाए रखने के लिए केमिकल का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिसका सेवन सेहत के लिए खतरा है.

वहीं पॉपकॉर्न एक साबुत अनाज है, जिसे बनाने में बहुत कम तेल और मसालों का इस्तेमाल होता है और इसे कम मेहनत में आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है. इसे खाने से भूख भी संतुलित रहती है और ओवरईटिंग की समस्या भी नहीं रहती है. 

पॉपकॉर्न में बाकी सभी स्नैक्स की तुलना में अधिक मात्रा में पोषक तत्व मौजूद हैं. इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, फैट, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं. सर्दियों में शरीर में वात दोष की वृद्धि होती है. पॉपकॉर्न रुक्ष तासीर की वजह से शरीर में वात की वृद्धि को संतुलित रखता है और इस खाने से कैलोरी भी नहीं बढ़ती है. कुल मिलाकर पॉपकॉर्न का सेवन आपके वजन को भी नियंत्रित रखने में भी मदद करता है.

चिप्स क्यों है अन्हैल्दी

तली-भुनी और मसालेदार चीजों के सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो सीधा हृदय और रक्तवाहिनी को प्रभावित करता है, लेकिन पॉपकॉर्न के अंदर कोलेस्ट्रॉल को घटाने के गुण होते हैं. ये रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है. इसके अलावा, अगर सीमित मात्रा में खाया जाए तो पॉपकॉर्न पेट के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है, लेकिन अगर गैस बनने या अपच की परेशानी होती है तो इसे खाने से बचें.

अब सवाल है कि पॉपकॉर्न का सेवन कैसे करना लाभकारी होगा. पॉपकॉर्न को हमेशा काला नमक, देसी घी और जीरा पाउडर के साथ मिलाकर बनाना चाहिए. इससे पॉपकॉर्न का स्वाद भी बढ़ जाता है और पेट के लिए भी लाभकारी होता है.
 

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com