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कढ़ाही में बना खाना ज्यादा सेहतमंद या कुकर का? जान लीजिए शरीर पर क्या होता है असर

Is Wok Cooking Healthy: बहुत से लोग कढ़ाही के मुकाबले, कुकर में खाना बनाने को ज्यादा तवज्जो देते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं किस बर्तन में खाना ज्यादा सेहतमंद बनता है? आइए यहां जानते हैं.

कढ़ाही में बना खाना ज्यादा सेहतमंद या कुकर का? जान लीजिए शरीर पर क्या होता है असर
सवाल सिर्फ स्वाद या समय बचाने का नहीं है, बल्कि सेहत पर पड़ने वाले असर का भी है.

Wok vs Pressure Cooker: हमारे किचन में दो बर्तन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं कढ़ाही और प्रेशर कुकर. रोजमर्रा की भागदौड़ में कुकर में खाना बनाना तेज और आसान माना जाता है, जबकि कढ़ाही में बना खाना स्वादिष्ट और पारंपरिक समझा जाता है. लेकिन, सवाल सिर्फ स्वाद या समय बचाने का नहीं है, बल्कि सेहत पर पड़ने वाले असर का भी है. क्या कढ़ाही में धीरे-धीरे पकाया गया खाना शरीर के लिए बेहतर है? या कुकर में जल्दी बना खाना ज्यादा पोषक रहता है? यहां हम दोनों तरीकों को समझेंगे, ताकि आप अपनी थाली के लिए सही चुनाव कर सकें.

खाना कुकर में पकाना सही है या या कढ़ाई में? | Is it Better to Cook Food In a Pressure Cooker or in a Pan?

1. कढ़ाही में बना खाना

कढ़ाही में खाना आमतौर पर खुले बर्तन में और मध्यम आंच पर पकाया जाता है. इसमें सब्जियां, मसाले और तेल अच्छी तरह मिलते हैं और खाना धीरे-धीरे तैयार होता है.

फायदे:

  • सब्जियों का रंग, खुशबू और बनावट बेहतर रहती है.
  • मसालों का स्वाद अच्छी तरह निकलता है, जिससे कम मसालों में भी स्वाद आ जाता है.
  • कुछ लोगों के लिए यह खाना पचाने में आसान लगता है, क्योंकि यह धीरे पकता है.

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ध्यान रखने वाली बात:

  • ज्यादा तेल या बहुत तेज आंच पर तलना पोषण को नुकसान पहुंचा सकता है.
  • समय और फ्यूल थोड़ा ज्यादा लगता है.

2. प्रेशर कुकर का खाना

प्रेशर कुकर में खाना बंद ढक्कन के अंदर भाप और दबाव में पकता है. इससे दाल, चावल, सब्ज़ियां और खिचड़ी बहुत जल्दी बन जाती हैं.

फायदे:

  • कम समय में खाना तैयार, इसलिए एनर्जी और समय की बचत.
  • पानी कम लगता है, जिससे कई पोषक तत्व पानी में बहकर नहीं जाते.
  • दालें और राजमा जैसे भोजन अच्छी तरह गलते हैं, जो पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है.
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ध्यान रखने वाली बात:

ज्यादा सीटी या बहुत ज्यादा पकाने से सब्ज़ियां अति-नरम हो जाती हैं, जिससे स्वाद और बनावट कम हो सकती है.
मसालों का स्वाद कभी-कभी उतना खुलकर नहीं आता.

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3. पोषण के हिसाब से कौन आगे?

विटामिन और मिनरल्स: कुकर में कम पानी और कम समय की वजह से कई बार पोषण बेहतर बचता है.
फाइबर और बनावट: कढ़ाही में सब्ज़ियों की बनावट बनी रहती है, जिससे चबाने में मदद मिलती है और तृप्ति महसूस होती है.
तेल का उपयोग: कढ़ाही में अक्सर तेल ज़्यादा डाला जाता है; कुकर में कम तेल में भी काम चल जाता है.

4. पाचन और रोजमर्रा की सेहत

जिन लोगों को गैस, एसिडिटी या भारीपन की समस्या रहती है, उनके लिए कुकर में अच्छी तरह पका खाना कभी-कभी बेहतर रहता है, जिनको स्वाद, ताजगी और विविधता पसंद है, उनके लिए कढ़ाही का खाना संतोषजनक हो सकता है. असल में, शरीर की जरूरतें और खाने की आदतें यहां बड़ा रोल निभाती हैं.

5. सही तरीका क्या हो सकता है?

  • रोज की दाल, चावल, खिचड़ी कुकर में बनाएं. तेज, हल्का और पोषक.
  • सूखी सब्ज़ियां, भुजिया, तड़का कढ़ाही में. कम तेल और मध्यम आंच रखें.
  • बहुत ज्यादा तलने से बचें और कुकर में जरूरत से ज्यादा सीटी न दें.

बर्तन नहीं, तरीका ज्यादा मायने रखता है

कढ़ाही और कुकर, दोनों के अपने फायदे हैं. यह कहना सही नहीं होगा कि एक पूरी तरह अच्छा है और दूसरा बुरा. सेहत का असली राज इस बात में है कि आप किस तरह पकाते हैं, कितना तेल, कितनी आंच, कितना समय और कितना संतुलन. अगर आप दोनों का समझदारी से इस्तेमाल करें, तो आपकी रसोई स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रख सकती है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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