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This Article is From Nov 13, 2015

डायबिटीज़ के खतरे को घटा सकता है घर का बना खाना

डायबिटीज़ के खतरे को घटा सकता है घर का बना खाना
टाइप-2 डायबिटीज़ के खतरे को कम करने के लिए दवाइयों के साथ-साथ अगर थोड़ी सावधानियों का भी ध्यान रखा जाए, तो उसे कम किया जा सकता है। जी हां, एक अध्ययन से पता चला है कि घर का बना खाना टाइप-2 डायबिटीज़ के खतरे को कम कर देता है। रेस्तरां में खाया जाने वाला फास्ट फूड भोजन की गुणवत्ता को कम कर देता है और बच्चों और व्यस्कों के बॉडी वेट को बढ़ाता है। यही नहीं, शोध के अनुसार यह हृद्य रोग के खतरे को बढ़ाने का बड़ा कारण है।

बॉस्टन के हार्डवर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के ज़ेंग जॉन्ग का कहना है कि, यूएस में रेस्तरां में जाकर फूड खाना और पैक करवाकर ले जाने के ट्रेंड में पिछले 50 सालों में काफी वृद्धि हुई है।

वह लोग जो दिन में घर के बने दो मील खाते हैं और एक हफ्ते में तकरीबन 11-14 मील लेते हैं  उनमें टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा एक हफ्ते में घर के बने छह मील से भी कम लेने वाले लोगों के मुकाबले 13 प्रतिशत कम होता है। अध्ययन में  तकरीबन 58,000 महिलाएं और 41,000 से भी ज़्यादा पुरुषों को शामिल किया गया। शोध की शुरुआत में इनमें से किसी भी प्रतिभागी को डायबिटीज, दिल से संबंधित बीमारी और कैंसर जैसी कोई समस्या नहीं थी।

शोधकर्ताओं ने साबित किया कि मध्यम आयु वर्ग और पुराने स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स में घर के बने खाने से इन आठ वर्षों में कम वजन बढ़ा। हृद्य संबंधी समस्याओं और टाइप-2 डायबिटीज़ के लिए मोटापा और वज़न बढ़ना दो मुख्य कारण हैं।
यह रिसर्च 2015 में हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन साइंटिफिक सेशन में प्रकाशित हुई थी।
 
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