Kadhi Ki Kahani: भारत अपनी संस्कृति के साथ-साथ अपने लजीज व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है. यहां पर अलग-अलग तरह के क्षेत्रों में अलग-अलग तरह के व्यंजन बनते हैं. जो होते तो लगभग एक हैं लेकिन उनको बनाने का तरीका और नाम अलग-अलग होता है. आज हम एक ऐसे ही फूड के बारे में बताएंगे जो अमूमन हर घर में बनती है. हम बात कर रहे हैं कढ़ी की, जिसे लोग अपनी पसंद के हिसाब से बनाते हैं.
किसी के घर में ये खट्टी बनती है, कहीं मीठे स्वाद वाली पसंद की जाती है तो कहीं ये सादी होती है, तो कहीं इसमें स्वाद का एक ब्लास्ट मिलता है. इसकी तड़के की खुशबू ही मुंह में पानी ला देती है और भूख को बढ़ा देती है. क्या आपको पता है कि दही और बेसन से बनने वाली साधारण सी दिखने वाली कढ़ी अलग-अलग राज्यों में बिल्कुल अलग स्वाद और अंदाज में तैयार की जाती है. तो चलिए जानते हैं कि कहां के लोग कैसी कढ़ी खाना पसंद करते हैं.
राजस्थानी कढ़ी
राजस्थान का खाना अपने बेहतरीन स्वाद के लिए जाना जाता है. अगर वहां पर बनने वाली कढ़ी की बात करें तो राजस्थानी कढ़ी बेहद मसालेदार और तीखी होती है. कई जगहों पर इसमें पकौड़े डाले जाते हैं और फिर ऊपर से लाल मिर्च और घी का तड़का लगाया जाता है. वहां पर लोग इसे बाजरे की रोटी या फिर चावल के साथ खाना पसंद करते हैं.
गुजराती कढ़ी
गुजराती खाने में मिठास होती है. वहां का खाना तीखा कम होता है. वहीं बात करें गुजराती कढ़ी की तो इसका स्वाद भी वहां की बाकी डिशेज को तरह ही हल्का सा मीठा होता है. गुजराती कढ़ी में हल्का सा चीनी या गुड़ डाला जाता है. जिस वजह से गुजराती कढ़ी का टेस्ट बाकी राज्यों में मिलने वाली कढ़ी से काफी अलग होता है. गुजराती थाली में ये कढ़ी लगभग हर खास मौके पर देखने को मिलती है.
पंजाबी कढ़ी
पंजाबी खाना तो अपने स्वाद और रिचनेस के लिए जाना जाता है. फिर वहां की कढ़ी भी कहां पीछे रह सकती है. पंजाब की कढ़ी की बात ही अलग है. यहां की कढ़ी गाढ़ी होती है और इसमें बड़े-बड़े प्याज के पकौड़े डाले जाते हैं. ऊपर से देसी घी का तड़का लगता है जो इसके स्वाद को और बढ़ा देता है.
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खट्टी कढ़ी
उत्तर प्रदेश और बिहार में बनाई जाने वाली कढ़ी का स्वाद थोड़ा खट्टा होता है. वहां पर खट्टे दही से कढ़ी बनाई जाती है, जो इसके स्वाद को थोड़ा अलग बनाती है. यहां लोग दही को थोड़ा ज्यादा खट्टा होने के बाद इस्तेमाल करते हैं, जिससे कढ़ी में अलग टेस्ट आता है. इसमें बेसन के सादे पकौड़े बनाकर डाले जाते हैं और मेथी, राई से तड़का लगाया जाता है.
महाराष्ट्रियन कढ़ी
महाराष्ट्र में लोग कढ़ी को थोड़ा लाइट रखते हैं. महाराष्ट्रियन कढ़ी में ज्यादा मसाला नहीं होता है. इसको बनाने में करी पत्ता और मूंगफली का इस्तेमाल भी किया जाता है. दक्षिण भारत में भी कढ़ी जैसी कई डिशेज मिलती हैं, जिनमें नारियल और करी पत्ते का स्वाद खास होता है.
यहां पर सबसे दिलचस्प बात ये है कि हर राज्य की कढ़ी सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि खाने के तरीके में भी अलग होती है. कहीं इसे चावल के साथ खाया जाता है तो कहीं रोटी के साथ. कई जगह त्योहारों और खास मौकों पर भी कढ़ी जरूर बनाई जाती है. कढ़ी की इतनी सारी वैरायटी के बारे में जानकर यही लगता है कि भारतीय खाने की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां पर बनी कढ़ी सिर्फ एक रेसिपी नहीं है, बल्कि भारत के अलग-अलग स्वाद और संस्कृति की पहचान बन चुकी है.
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